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मैरी क्यूरी : प्रथम महिला नोबेल पुरस्कार विजेता

पूरी दुनिया में ऐसे बहुत कम ही लोग होंगे, जिन्होंने मैडम क्यूरी/मैरी क्यूरी का नाम नहीं सुना होगा। मैडम क्यूरी को न केवल अब तक की सबसे महत्वपूर्ण महिला वैज्ञानिक होने का दर्जा दिया जाता है, बल्कि उन्हें आइंस्टाइन, न्यूटन, फैराडे, डार्विन जैसे असाधारण प्रतिभासंपन्न सर्वकालिक वैज्ञानिकों की फ़ेहरिस्त में भी शुमार किया जाता है। वे डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाली फ्रांस की पहली महिला थीं, और भौतिकी (फिजिक्स) में डॉक्टरेट की डिग्री पाने वाली विश्व की पहली महिला थीं। इसके अलावा पेरिस के सोरबोन यूनिवर्सिटी में लेक्चरर और प्रोफेसर के पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं।

‘रेडियोएक्टिविटी’ शब्द का इस्तेमाल पहली बार उन्होंने ही किया था। उन्होंने रेडियम की खोज करके न्यूक्लियर फिजिक्स की राह बनाई और बाद में उनकी यह खोज कैंसर के इलाज में वरदान साबित हुई। वे दो बार नोबेल पुरस्कार जीतने वाली दुनिया की पहली शख्सियत थीं एवं रसायन विज्ञान (केमेस्ट्री) और भौतिकी दोनों ही क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार हासिल करने वाली अब तक इकलौती वैज्ञानिक हैं। वह पहली नोबेल विजेता मांं थीं, जिनकी बेटी को भी नोबेल पुरस्कार मिला। पढ़ना जारी रखें मैरी क्यूरी : प्रथम महिला नोबेल पुरस्कार विजेता

2022 रसायन नोबेल पुरस्कार :केरोलिन आर बर्टोज़ी (Carolyn R. Bertozzi), मोर्टन मेल्डल(Morten Meldal) तथा के बैरी शार्प्लेस ( K. Barry Sharpless)

वर्ष 2022 का रसायन नोबेल पुरस्कार केरोलिन आर बेर्तोज़ज़ी (Carolyn R. Bertozzi), मोर्टन मैडल (Morten Meldal) तथा के बैरी शार्प्लेस ( K. Barry Sharpless) को दिया गया है।

नोबेल कमेटी के अनुसार इस वर्ष का रसायन नोबेल पुरस्कार अणु निर्माण के नए उपकरण के लिए दिया गया है।

इस वर्ष का नोबेल पुरस्कार जिस कार्य पर दिया गया है वह कहता है कि क्लिक करें – और अणु एक साथ जुड़ जाते है और नया वांछित अणु बनता है।

रसायन विज्ञान 2022 का नोबेल पुरस्कार कठिन प्रक्रियाओं को आसान बनाने के बारे में है। बैरी शार्पलेस और मोर्टन मेल्डल ने रसायन विज्ञान के एक कार्यात्मक रूप की नींव रखी है – “क्लिक करें रसायन विज्ञान(click chemistry)” – जिसमें आणविक संरचना के मूलभूत भाग जल्दी और कुशलता से एक साथ प्रतिक्रिया करते हैं। कैरोलिन बर्टोज़ी ने क्लिक केमिस्ट्री को एक नए आयाम में ले लिया है और जीवित जीवों में इसका उपयोग करना शुरू कर दिया है।

बहुत ही सरल शब्दों में इसे ऐसे मान सकते है, आपके सामने बच्चो के खेलने वाले लीगो ब्लॉक्स है, आप उनमे से मनचाहे ब्लॉक्स पर क्लिक करते है और मनचाही आकृति बन जाती है। अब आप रसायन शास्त्र में लीगो ब्लॉक्स की जगह निर्माण कार्य के मूलभूत अणु ले लें और इस प्रक्रिया से वांछित विशाल अणु बनाये जिसे आप दवा निर्माण या औद्योगिक रसायन विज्ञान में प्रयोग कर सकते है। पढ़ना जारी रखें 2022 रसायन नोबेल पुरस्कार :केरोलिन आर बर्टोज़ी (Carolyn R. Bertozzi), मोर्टन मेल्डल(Morten Meldal) तथा के बैरी शार्प्लेस ( K. Barry Sharpless)

2022 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : एलेन अस्पेक्ट(Alain Aspect), जॉन ऍफ़ क्लाउसर( John F. Clauser) और एंटन ज़िलिंगेर(Anton Zeilinger)

2022 भौतिकी नोबेल पुरस्कार क्वांटम मेकेनिक्स पर दिया गया है। यह पुरस्कार संयुक्त रूप से एलेन अस्पेक्ट(Alain Aspect), जॉन ऍफ़ क्लाउसर( John F. Clauser) और एंटन ज़िलिंगेर(Anton Zeilinger) को दिया गया है। पढ़ना जारी रखें 2022 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : एलेन अस्पेक्ट(Alain Aspect), जॉन ऍफ़ क्लाउसर( John F. Clauser) और एंटन ज़िलिंगेर(Anton Zeilinger)

2021 रसायन नोबेल पुरस्कार :बेजामिन लिस्ट तथा डेविड मैकमिलन

वर्ष 2021 का रसायन नोबेल पुरस्कार बेजामिन लिस्ट(Benjamin List) तथा डेविड मैकमिलन(David W.C. MacMillan) को दिया गया है।

नोबेल कमेटी के अनुसार इस वर्ष का रसायन नोबेल पुरस्कार अणुओं के निर्माण के उपकरण (development of asymmetric organocatalysis) के लिए दिया गया है।

रसायन शास्त्री छोटे अणुओं को जोड़ कर नए बड़े अणुओं का निर्माण करते रहते है, लेकिन इन अदृश्य अणुओं मनचाहे तरीके से नियंत्रण कर मनचाहा अणु बनाना कठिन है। बेंजामिन लिस्ट तथा डेविड मैकमिलन को 2021 का रसायन नोबेल पुरस्कार अणुओं के निर्माण के लिए एक नए उपकरण बनाने के लिए दिया जा रहा है जिसे ऑरगनोकेटेलिसिस (organocatalysis) कहते है। इस विधि का प्रयोग फार्मास्युटिकल उद्योग मे नई दवाओं के अणुओं के निर्माण में होगा साथ में यह रसायन शास्त्र को पर्यावरण मित्र बनाएगा।

बहुत से उद्योग तथा शोध क्षेत्र रसायनज्ञ द्वारा नए और सक्रिय अणुओं के निर्माण की क्षमता पर निर्भर करते है। ये अणु कुछ भी हो सकते है, जिनमें सौर पैनल मे प्रकाश अवशोषण करने वाले अणु , बैटरी मे ऊर्जा संग्रहीत करने वाले अणु, या दौड़ने के जूते निर्माण में प्रयोग होने वाले अणु या किसी बीमारी को रोक सकने की क्षमता रखने वाले अणु भी शामिल होते है।

यदि हम प्रकृति द्वारा इन अणुओं के निर्माण की क्षमता को हमारी अपनी क्षमता से तुलना करें तो हम अब भी पाषाण युग मे है। जैव विकास ने बहुत से महत्वपूर्ण उत्पाद बनाए है जो अन्य अणुओं के निर्माण मे उपकरण के रूप मे प्रयुक्त होते है जैसे एन्जाइम्स,जोकि ऐसी विशाल आणविक संरचना बनाते है जिससे जीवन को आकार, रंग और गुण मिलते है। आरंभ मे जब रसायनज्ञों ने इन रासायनिक मास्टरपीसों को अलग किया तो वे उन्हे प्रशंसा से निहारते रह गए। इन रसायनज्ञों के औजारों के बक्सों मे आणविक संरचनाओं के निर्माण के लिए ऐसे हथौड़े और छेनी थे जो बोथरे और अविश्वसनीय थे, जब भी वे प्राकृतिक अणुओ के निर्माण की कोशिश करते थे, इन औजारों के प्रयोग से बहुत से अनुपयोगी सहउत्पाद बनाते थे और उत्पाद भी अनगढ़ होते थे। पढ़ना जारी रखें 2021 रसायन नोबेल पुरस्कार :बेजामिन लिस्ट तथा डेविड मैकमिलन

2021 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : सुकोरो मनाबे , क्लाउस हैसलमेन तथा जिओर्जिओ परीसी

पृथ्वी का वातावरण एक ऐसी ही अत्याधिक जटिल प्रणालीयों मे से एक है। मनाबे और हाइसेलमन ने वातावरण के भौतिक गणितीय माडेल के निर्माण मे महत्वपूर्ण क्रांतिकारी आरंभिक नींव निर्माण का कार्य किया है। परीसी ने जटिल प्रणाली सिद्धांत संबधित अनेक समस्याओं के हल के लिए सैद्धांतिक समाधानों पर कार्य किया है।

सुकीरों मनाबे ने दर्शाया कि वातावरण मे कार्बन डाई आक्साइड की बड़ी हुई मात्रा से पृथ्वी की सतह पर तापमान बढ़ा है। 1960 के दशक मे उन्होंने पृथ्वी के वातावरण के माडेल के निर्माण कार्य मे योगदान दिया और वे विकिरण संतुलन और उसके द्वारा वायु द्रव्यमान के ऊर्ध्वाधर स्थानांतरण के मध्य सम्बद्ध खोजने वाले पहले व्यक्ति थे। उनके इस कार्य से मौसमी माडेल निर्माण की नींव का निर्माण हुआ।

इसके दस वर्ष पश्चात क्लाउस हाइसेलमन वातावरण और मौसम को जोड़ने वाला माडेल बनाया। इस माडेल ने दर्शाया कि किस तरह से वातावरण के अव्यवस्थित और अराजक होने के बावजूद मौसमी माडल मे मे बदलाव की गणना की जा सकती है और सटीक पूर्वानुमान लगाए जा सकते है। उन्होंने ऐसी विधियों की खोज की जिसके द्वारा मौसम मे प्राकृतिक तथा मानवीय हस्तक्षेप द्वारा पड़ने वाले विशिष्ट संकेतों और हस्ताक्षरों को पहचाना जा सकता है। उनकी इन्ही विधियों से प्रमाणित किया गया कि पृथ्वी पर बढ़ते तापमान के लिए मानव द्वारा उत्सर्जित कार्बन डाई आक्साइड उत्तरदाई है।

1980 के आसपास जिओर्जिओ परीसी ने जटिल प्रणालियों मे छुपे हुए पैटर्न की खोज की। उनकी खोज जटिल प्रणाली सिद्धांत के अध्ययन मे सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनकी खोजो के द्वारा किसी पूर्णत: अव्यवस्थित जटिल पदार्थ या घटना को समझना और उससे संबधित भिन्न भिन्न कारकों की व्याख्या संभव हुई है। इन खोजों का प्रयोग भौतिकी के अतिरिक्त अन्य क्षेत्र जैसे गणित, जीव विज्ञान, तंत्रिका विज्ञान और मशीन लर्निंग होता है। पढ़ना जारी रखें 2021 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : सुकोरो मनाबे , क्लाउस हैसलमेन तथा जिओर्जिओ परीसी

2021 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार :डेविड जूलियस और अरडेम पेटापुतीन

वर्ष 2021 के चिकित्सा नोबेल पुरस्कारों का ऐलान सोमवार 4 अक्टूबर 2021 को किया गया है। इस बार को यह पुरस्कार डेविड जूलियस और अरडेम पेटापुतीन को मिला है।
ऊष्मा, शीत और स्पर्श संबधित हमारी संवेदनायें हमारे जीवन के लिए अत्यावश्यक है। इन्ही के द्वारा हम अपने आसपास के विश्व को महसूस करते है। अपने रोजमर्रा के जीवन मे हम इन संवेदनाओ को हम बहुत आसानी से लेते है लेकिन हमारा तंत्रिका तंत्र इन को किस तरह से समझता है, वह तापमान और दबाव को किस तरह से महसूस करता है ? इस वर्ष के चिकित्सा नोबेल पुरस्कार विजेताओ ने इस प्रश्न का उत्तर दिया है।

डेविड जूलियस ने मिर्च मे पाए जाने वाले एक रसायन कैप्साइसीन का प्रयोग किया, कैप्साइसीन त्वचा मे जलन उत्पन्न करता है। इस रसायन के प्रयोग से से डेविड ने हमारी त्वचा मे एक ऊष्मा महसूस करने वाले तंत्रिका तंत्र के सिरे का पता लगाया। अरडेम पेटापुटीन ने दबाव कोशिकाओ के प्रयोग से त्वचा मे यांत्रिकी दबाव महसूस करने वाली एक नई तरह की तंत्रिकाओं का पता लगाया। इन क्रांतिकारी खोजों से हमारी तंत्रिका तंत्र द्वारा ऊष्मा , शीत और यांत्रिकी दबाव के महसूस करने की प्रक्रिया को समझने मे मदद की है। इन वैज्ञानिकों ने हमारी संवेदना और आसपास के वातावरण के मध्य चल रही जटिल प्रक्रियाओ को समझने मे बिखरी कडीयो को जोड़ा है। पढ़ना जारी रखें 2021 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार :डेविड जूलियस और अरडेम पेटापुतीन

इंसुलिन का वह पहला इंजैक्शन

लेखक : देवेंन मेवाड़ी आज के ही दिन 11 जनवरी, 1922 को इंसुलिन हार्मोन के खोजकर्त्ता सर फ्रेडरिक ग्रांट बैंटिंग और चार्ल्स बेस्ट ने दुनिया में पहली बार डायबिटीज से गंभीर रूप से पीड़ित 14-वर्षीय बालक लियोनार्ड थॉम्पसन को कनाडा के टोरंटों जनरल हास्पिटल में इंसुलिन का इंजेक्शन लगा कर उसकी जान बचाई थी। कौन … पढ़ना जारी रखें इंसुलिन का वह पहला इंजैक्शन

2020 रसायन नोबेल पुरस्कार :इमैन्युयेल कारपेंटीएर तथा जेनिफ़र डाडना

वर्ष 2020 का रसायन नोबेल पुरस्कार दो महिला वैज्ञानिको इमैन्युयेल कारर्पेन्टीएर तथा जेनिफ़र डाडना को दिया गया है। नोबेल कमेटी के अनुसार इस वर्ष का रसायन नोबेल जीवन के कोड को दोबारा लिखने के लिये है। इमैन्युयेल कारर्पेन्टीएर (Emmanuelle Charpentier) तथा जेनिफ़र डाडना(Jennifer Doudna) ने जीन संपादन के लिये सबसे सटिक उपकरण या सरल शब्दो … पढ़ना जारी रखें 2020 रसायन नोबेल पुरस्कार :इमैन्युयेल कारपेंटीएर तथा जेनिफ़र डाडना

2020 भौतिकी नोबेल पुरस्कार :रोजर पेनरोज, रेन्हार्ड गेन्ज़ेल तथा अन्ड्रीआ गीज

वर्ष 2020 का भौतिकी नोबेल पुरस्कार ब्लैक होल पर केंद्रित है, इस बार यह पुरस्कार रोजर पेनरोज(Roger Penrose), रेन्हार्ड गेन्ज़ेल(Reinhard General) तथा अन्ड्रीआ गीज(Andrea Chez) को दिया जा रहा है। 6 अक्टूबर 2020 भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 को यह घोषणा की गई। रोजर पेनरोज को नोबेल पुरस्कार की आधी राशी मिलेगी, उन्हे यह पुरस्कार साधारण … पढ़ना जारी रखें 2020 भौतिकी नोबेल पुरस्कार :रोजर पेनरोज, रेन्हार्ड गेन्ज़ेल तथा अन्ड्रीआ गीज

2020 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार : हार्वे जे अल्टर, माइकल ह्यूटन और चार्ल्स एम राइस

वर्ष 2020 के चिकित्सा नोबेल पुरस्कारों का ऐलान सोमवार 5 अक्टूबर 2020 को किया गया है। इस बार ब्रितानी वैज्ञानिक माइकल हाउटन (Michael Houghton) और अमरीकी वैज्ञानिक हार्वे अल्‍टर (Harvey Alter) और चार्ल्‍स राइस ( Charles Rice) को यह पुरस्कार मिला है। इन तीनों को ‘हेपेटाइटिस सी’ वायरस की खोज के लिए यह पुरस्कार दिया … पढ़ना जारी रखें 2020 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार : हार्वे जे अल्टर, माइकल ह्यूटन और चार्ल्स एम राइस

2020 एबेल पुरस्कार : हिलेल फ़स्टनबर्ग एवं ग्रिगोरी मारग्यूलस्

गणित की अभूतपूर्व खोजों को सम्मानित करने के लिए नोबेल पुरस्कारों के समकक्ष ‘एबेल पुरस्कार’ दिया जाता है। कह सकते हैं कि यह गणित का नोबेल है। एबेल पुरस्कार की शुरूआत यूरोप महाद्वीप में बसे एक देश नाॅर्वे ने साल 2002 में की थी। इसकी शुरूआत नॉर्वे के गणितज्ञ ‘नील्स हेनरिक एबेल’ के 200 वें … पढ़ना जारी रखें 2020 एबेल पुरस्कार : हिलेल फ़स्टनबर्ग एवं ग्रिगोरी मारग्यूलस्

द मदर ऑफ़ कैमिस्ट्री :मारिया मेन्दलीव

पीरियोडिक टेबल यानी आवर्त सारणी की रचना रसायन विज्ञान की यात्रा में बहुत बड़ा पड़ाव माना जाता है. 1869 में अस्तित्व में आई इस सारणी ने दुनिया भर में हो रहे रासायनिक तत्वों के अध्ययन को तरतीब में लाने का बहुत बड़ा काम किया था. इसके बाद ही तमाम रासायनिक तत्वों के गुणों का सामूहिक … पढ़ना जारी रखें द मदर ऑफ़ कैमिस्ट्री :मारिया मेन्दलीव

विज्ञान से बढ़कर नहीं है कोई भी वैज्ञानिक

हाल ही में फ्रांस के वायरोलॉजिस्ट और साल 2008 में एचआईवी-विषाणु की खोज के लिए चिकित्सा विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेता ल्यूक मॉन्टेनियर ने दावा किया है कि सार्स-सीओवी 2 वायरस मानव निर्मित है। उन्होंने बताया कि ये वायरस चीन के लैब में एचआईवी  वायरस के खिलाफ एक वैक्सीन के निर्माण के प्रयास के परिणामस्वरूप … पढ़ना जारी रखें विज्ञान से बढ़कर नहीं है कोई भी वैज्ञानिक

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस – 2020 :विज्ञान में महिलाएं

वैज्ञानिक अनुप्रयोग के महत्व के संदेश को व्यापक तौर पर प्रसारित करने के लिए हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस आयोजन के द्वारा मानव कल्याण के लिए विज्ञान के क्षेत्र में घटित होने वाली प्रमुख गतिविधियों, प्रयासों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है।विज्ञान से होने वाले लाभों के … पढ़ना जारी रखें राष्ट्रीय विज्ञान दिवस – 2020 :विज्ञान में महिलाएं

भौतिकी नोबेल पुरस्कार 2019: जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज

इस बार का भौतिकी का नोबेल प्राइज तीन वैज्ञानिकों जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को प्रदान किया गया। वर्ष 2019 के लिए भौतिकी नोबेल पुरस्कार कनाडाई-अमेरिकी खगोलशास्त्री जेम्स पीबल्स(James Peebles) और स्विस खगोलविद मिशेल मेयर(Michel Mayor) और डिडिएर क्वेलोज़(Didier Queloz) को संयुक्त रूप से देने की घोषणा की गयी है। नोबेल पुरस्कार के … पढ़ना जारी रखें भौतिकी नोबेल पुरस्कार 2019: जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज

2019 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार: विलियम जी कायलिन जूनियर, सर पीटर जे रैटक्लिफ और ग्रेग एल सेमेंजा

इन तीन वैज्ञानिकों को चिकित्सा का नोबेल, कोशिकाओं पर शोध के लिए सम्मान 2019 के लिए नोबल पुरस्कारों का ऐलान शुरू हो चुका है। मेडिसिन के लिए संयुक्त रूप से विलियम जी कायलिन जूनियर, सर पीटर जे रैटक्लिफ और ग्रेग एल सेमेंजा के नाम की घोषणा की गई है। डॉक्टरों की इस टीम नें किस … पढ़ना जारी रखें 2019 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार: विलियम जी कायलिन जूनियर, सर पीटर जे रैटक्लिफ और ग्रेग एल सेमेंजा

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई

भारत आज अंतरिक्ष अभियान में अग्रणी राष्ट्रो मे शामिल  है । 22 जुलाई को भारत ने चंद्रयान-2 लॉच कर अंतरिक्ष में एक नई छलांग लगाई है। क्या आपको पता है, भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले और आज की बुलंदियों की बुनियाद रखने वाले डॉ विक्रम साराभाई कौन हैं? डॉ विक्रम … पढ़ना जारी रखें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई

सर आर्थर स्टेनली एडिंगटन(Sir Arthur Stanley Eddington).

अल्बर्ट आइंस्टीन ! यह नाम आज किसी परिचय का मोहताज नही है। आइंस्टीन द्वारा प्रतिपादित सापेक्षवाद सिद्धान्त आज आधुनिक भौतिकी का आधार स्तंभ माना जाता है। आज यह सिद्धान्त हमलोग भलीभांति समझते है और दूसरों को भी समझा सकते है लेकिन क्या यह सिद्धान्त को समझना शुरुआती दिनों में भी इतना ही सरल था ? … पढ़ना जारी रखें सर आर्थर स्टेनली एडिंगटन(Sir Arthur Stanley Eddington).

वह महान वैज्ञानिक जिसने भारत को बैलगाड़ी युग से निकालकर नाभिकीय युग मे पहुंचा दिया

भारत की स्वतंत्रता और उसके नए संविधान के लागू होने के साथ ही देश की प्रगति की नींव रखी गई। स्वतंत्रता के तुरंत बाद हमारे देश का नेतृत्व आधुनिक भारत के निर्माता पं. जवाहरलाल नेहरू को सौंपा गया। नेहरू जी का यह यह मानना था कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का एक ही रास्ता … पढ़ना जारी रखें वह महान वैज्ञानिक जिसने भारत को बैलगाड़ी युग से निकालकर नाभिकीय युग मे पहुंचा दिया

फ्रांसेस अर्नोल्ड (Frances H Arnold), जार्ज स्मिथ (George P Smith) और ब्रिटिश अनुसंधानकर्ता ग्रेगरी विंटर (Gregory P Winter)

2018 रसायन नोबेल पुरस्कार :फ्रांसेस अर्नोल्ड, जार्ज स्मिथ और ग्रेगरी विंटर

2018 के रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार तीन रसायन शास्त्रियों फ्रांसेस अर्नोल्ड (Frances H Arnold), जार्ज स्मिथ (George P Smith) और ब्रिटिश अनुसंधानकर्ता ग्रेगरी विंटर (Gregory P Winter) को दिया जा रहा है। विजेताओं में एक महिला और दो पुरुष वैज्ञानिक हैं। रॉयल स्वीडिश अकैडमी ऑफ साइंसेज ने कहा कि इस साल जिन तीन हस्तियों … पढ़ना जारी रखें 2018 रसायन नोबेल पुरस्कार :फ्रांसेस अर्नोल्ड, जार्ज स्मिथ और ग्रेगरी विंटर

आर्थर एश्किन(Arthur Ashkin), गेराड मौरौ (Gérard Mourou)तथा डोना स्ट्रिकलैंड(Donna Strickland)

2018 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : आर्थर एश्किन(Arthur Ashkin) के साथ गेराड मौरौ (Gérard Mourou)तथा डोना स्ट्रिकलैंड(Donna Strickland)

2018 का भौतिकी नोबेल आर्थर एश्किन(Arthur Ashkin) के साथ गेराड मौरौ (Gérard Mourou)तथा डोना स्ट्रिकलैंड(Donna Strickland) दिया गया है। रायल स्विडीश अकादमी के अनुसार 2018 के भौतिकी नोबेल पुरस्कार लेजर भौतिकी के क्षेत्र मे क्रांतिकारी कार्य के लिये दिया गया है। इस पुरस्कार की आधी राशी आर्थर एश्किन को आप्टीकल ट्वीजर और उनके जैविक प्रणालीयों … पढ़ना जारी रखें 2018 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : आर्थर एश्किन(Arthur Ashkin) के साथ गेराड मौरौ (Gérard Mourou)तथा डोना स्ट्रिकलैंड(Donna Strickland)

विज्ञान नोबेल पुरस्कार : वे हकदार जिन्हे यह सम्मान नही मिला!

नोबेल पुरस्कार विश्व का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है शायद इसी कारण नोबेल पुरस्कार ने कई बार विवाद को भी जन्म दिया है। अक्सर वैज्ञानिक, विशेष वैज्ञानिक क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत के वावजूद वे नोबेल पुरस्कार पाने से वंचित रह गए। भौतिकी में 1965 के नोबेल पुरस्कार विजेता रिचर्ड फेनमैन ने एक बार कहा था … पढ़ना जारी रखें विज्ञान नोबेल पुरस्कार : वे हकदार जिन्हे यह सम्मान नही मिला!

जेम्स क्लार्क मैक्सवेल : जिन्होने सापेक्षतावाद की नींव रखी

जेम्स क्लार्क मैक्सवेल (James Clerk Maxwell) स्कॉटलैण्ड (यूके) के एक विख्यात गणितज्ञ एवं भौतिक वैज्ञानिक थे। इन्होंने 1865 ई. में विद्युत चुम्बकीय सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जिससे रेडियो और टेलीविजन का आविष्कार सम्भव हो सका। क्लासिकल विद्युत चुंबकीय सिद्धांत, चुंबकत्व और प्रकाशिकी के क्षेत्र में दिए गए सिद्धांतों के लिए उन्हें प्रमुखता से याद किया … पढ़ना जारी रखें जेम्स क्लार्क मैक्सवेल : जिन्होने सापेक्षतावाद की नींव रखी

स्टीफन विलियम हॉकिंग : ब्लैक होल को चुनौती देता वैज्ञानिक

विश्व प्रसिद्ध महान वैज्ञानिक और बेस्टसेलर रही किताब ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ के लेखक स्टीफन हॉकिंग ने शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हु्ए यह साबित किया कि अगर इच्छा शक्ति हो तो व्यक्ति कुछ भी कर सकता है। हमेशा व्हील चेयर पर रहने वाले हॉकिंग किसी भी आम मानव से इतर दिखते हैं। कम्प्यूटर … पढ़ना जारी रखें स्टीफन विलियम हॉकिंग : ब्लैक होल को चुनौती देता वैज्ञानिक

रॉबर्ट बॉयल

राबर्ट बायल : रायल सोसायटी के संस्थापक

राबर्ट बॉयल (Robert Boyle ; 25 जनवरी 1627 – 31 दिसंबर1691ई.) आधुनिक रसायनशास्त्र का प्रवर्तक, अपने युग के महान वैज्ञानिकों में से एक, लंदन की प्रसिद्ध रॉयल सोसायटी के संस्थापक तथा कॉर्क के अर्ल की 14वीं संतान थे। वे एक एंग्लो-आयरिश प्राकृतिक दार्शनिक, केमिस्ट, भौतिक विज्ञानी और आविष्कारक थे। उन्होंने वैक्यूम पंप का निर्माण किया। … पढ़ना जारी रखें राबर्ट बायल : रायल सोसायटी के संस्थापक

लुई पास्चर(Louis Pasteur)

लुई पाश्चर (Louis Pasteur) : मानवता के महान निष्काम सेवक

19वी शताब्दी के जिन महान वैज्ञानिकों ने निष्काम भाव से मानवता की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया ,उनमे से एक थे लुई पाश्चर (Louis Pasteur)। लुई पाश्चर (Louis Pasteur) ने अपनी महान वैज्ञानिकों खोजो के द्वारा बीमारी के दौरान घाव उत्पन्न होने की स्थिति में जो असहनीय पीड़ा होती है उससे मुक्ति दिलाकर … पढ़ना जारी रखें लुई पाश्चर (Louis Pasteur) : मानवता के महान निष्काम सेवक

योहानस केप्लर

योहानस केप्लर :आकाश मे ग्रहो की गति के नियम के प्रतिपादक

जोहानस केपलर (योहानेस केप्लर) जर्मनी के महान वैज्ञानिक और गणितज्ञ थे। केपलर के अनुसार सूर्य की कक्षा मे परिक्रमा करते ग्रहों का मार्ग(कक्षा) गोलाकार नही अपितु दिर्घवृत्ताकार(अंडाकार) होता है। अपनी-अपनी परिधि में परिक्रमा करते हुए हर ग्रह की गति में निरंतर परिवर्तन आता रहता है, इन्होने घड़ी-पल सबकुछ गिन कर दिखा दिया की प्रत्येक नक्षत्र … पढ़ना जारी रखें योहानस केप्लर :आकाश मे ग्रहो की गति के नियम के प्रतिपादक

महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन

श्रीनिवास रामानुजन् इयंगर (तमिल ஸ்ரீனிவாஸ ராமானுஜன் ஐயங்கார்) (22 दिसम्बर, 1887 – 26 अप्रैल, 1920) एक महान भारतीयगणितज्ञ थे। इन्हें आधुनिक काल के महानतम गणित विचारकों में गिना जाता है। इन्हें गणित में कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला, फिर भी इन्होंने विश्लेषण एवं संख्या सिद्धांत के क्षेत्रों में गहन योगदान दिए। इन्होंने अपने प्रतिभा और लगन … पढ़ना जारी रखें महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन

वर्नेर हाइजेनबर्ग(Werner Heisenberg)

भौतिक विज्ञान को अनिश्चित कर देने वाले वर्नेर हाइजेनबर्ग

गणित में बेहद रूचि रखने वाले वर्नर हाइजेनबर्ग (Werner Heisenberg) भौतिकी की ओर अपने स्कूल के अंतिम दिनों में आकृष्ट हुए और फिर ऐसा कर गये जिसने प्रचलित भौतिकी की चूलें हिला दीं। वे कितने प्रतिभाशाली रहे होंगे और उनके कार्य का स्तर क्या रहा होगा, इसका अंदाज इस बात से लगता है कि जिस … पढ़ना जारी रखें भौतिक विज्ञान को अनिश्चित कर देने वाले वर्नेर हाइजेनबर्ग

एडवीन हबल( Edwin Hubble)

आधुनिक खगोलशास्त्र के पितामह : एडवीन हबल

एडविन हबल ब्रह्मांड के विस्तार सिद्धांत के प्रवर्तक और आधुनिक खगोल विज्ञान के पितामह थे । हबल बीसवीं सदी के अग्रणी खगोलविदों में से एक थे । उन पर ही हबल अंतरिक्ष टेलीस्कोप का नामकरण हुआ था । 1920 के दशक में हमारी अपनी मंदाकिनी(milky way) आकाशगंगा के परे अनगिनत आकाशगंगाओं की उनकी खोज ने … पढ़ना जारी रखें आधुनिक खगोलशास्त्र के पितामह : एडवीन हबल

जाक डुबोशे(Jacques Dubochet), योआखिम फ्रैंक(Joachim Frank) और रिचर्ड हेंडरसन(Richard Henderson)

नोबेल पुरस्कार 2017: रसायन का नोबेल पुरस्कार क्रायो माइक्रोस्कोपी के आविष्कारकों को

  2017 का रसायन का नोबेल पुरस्कार जाक डुबोशे(Jacques Dubochet), योआखिम फ्रैंक(Joachim Frank) और रिचर्ड हेंडरसन(Richard Henderson) को संयुक्त रूप से दिया गया है। इन तीनों को क्रायो इल्केट्रॉन माइक्रोस्कोपी के विकास के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। यह माइक्रोस्कोप किसी तरल में बायोमॉलिक्यूल की हाई रिजॉल्यूशन संरचना दिखा सकती है। नोबेल पुरस्कार विजेता … पढ़ना जारी रखें नोबेल पुरस्कार 2017: रसायन का नोबेल पुरस्कार क्रायो माइक्रोस्कोपी के आविष्कारकों को

डा. गिरिराज सिंह सिरोही

दक्षिणी ध्रुव में एक भारतीय वैज्ञानिक

जैव घड़ी और भारतीय वैज्ञानिक:  अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को जैव घड़ी के रहस्यों का पता लगाने के लिए इस साल का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया है। उन महान वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई।  इस अवसर पर हमें अपने देश के उस महान वैज्ञानिक को भी याद करना चाहिए जिसने आज से 57 … पढ़ना जारी रखें दक्षिणी ध्रुव में एक भारतीय वैज्ञानिक

नोबेल पुरस्कार 2017: अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को मिला भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

अमेरिकी खगोलविज्ञानियों बैरी बैरिश(Barry C. Barish), किप थोर्ने (Kip S. Thorne) और रेनर वेस (Rainer Weiss),   को गुरत्व तरंगों की खोज के लिए इस साल का भौतिक विज्ञान का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है। उनकी यह खोज गहन ब्रह्मांड के दरवाजे खोलती है। अलबर्ट आइंस्टीन ने करीब एक सदी पहले अपनी सापेक्षता … पढ़ना जारी रखें नोबेल पुरस्कार 2017: अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को मिला भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

नोबेल पुरस्कार 2017: अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को मिला चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार

अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों जैफ्री सी हाल, माइकल रोसबाश तथा माइकल डब्ल्यू यंग को इस साल के चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों जैफ्री सी हाल, माइकल रोसबाश तथा माइकल डब्ल्यू यंग को मानव शरीर की ‘‘आंतरिक जैविक घड़ी’’ विषय पर किए गए उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए … पढ़ना जारी रखें नोबेल पुरस्कार 2017: अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को मिला चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार

वैज्ञानिक विधी

वैज्ञानिकों का व्यवहार अवैज्ञानिक क्यों?

आधुनिक काल को हम वैज्ञानिक युग की संज्ञा देते हैं। विज्ञान ने मानव के सामर्थ्य एवं सीमाओं का विस्तार किया है। विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच गहरा संबंध होता है। आज अनगिनत उपकरण व डिवाइस हमारे दैनिक जीवन के अंग बन चुके हैं। लेकिन हमारे देश और समाज में एक अजीब सा विरोधाभास दिखाई … पढ़ना जारी रखें वैज्ञानिकों का व्यवहार अवैज्ञानिक क्यों?

अलबर्ट आइंस्टाइन

भौतिकविदो का इतिहास : संक्षिप्त अवलोकन

किसी प्रश्न में ‘क्यों’ शब्द की उपस्थिति हमारी जिज्ञासा को व्यक्त करती है। और निश्चित तौर पर हमारी जिज्ञासा ही हमें नए तथ्यो के खोज की तरफ अग्रसर करती है। यदि न्यूटन के मन में यह जानने की जिज्ञासा न आई होती कि “आखिर, सेब नीचे ही क्यों गिरा?” तो शायद हमें गुरुत्वाकर्षण के अस्तित्व … पढ़ना जारी रखें भौतिकविदो का इतिहास : संक्षिप्त अवलोकन

कार्ल फ़्रेडरिक गास(Carl Friedrich Gauss) ड्युस मार्क

विभिन्न देशो की मुद्राओं वैज्ञानिकों के या विज्ञान संबधित चित्र

क्या आपने किसी गणितज्ञ या वैज्ञानिक की किसी राष्ट्र की मुद्रा पर छपे होने की कल्पना की है ? जैसे गणित के राजकुमार कार्ल फ़्रेडरीक गास या अलबर्ट आइन्स्टाइन की किसी नोट पर चित्र देखे है? कुछ राष्ट्रो ने अपनी मुद्रा पर वैज्ञानिकों या विज्ञान संबधित चित्र प्रकाशित किये हैं। प्रस्तुत है कुछ ऐसे नोटों … पढ़ना जारी रखें विभिन्न देशो की मुद्राओं वैज्ञानिकों के या विज्ञान संबधित चित्र

अलबर्ट आइंस्टाइन

अल्बर्ट आइन्स्टाइन (Albert Einstein) : 20 वी सदी के महानतम वैज्ञानिक

मानव इतिहास के जाने-माने वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टाइन (Albert Einstein) 20 वीं सदी के प्रारंभिक बीस वर्षों तक विश्व के विज्ञान जगत पर छाए रहे। अपनी खोजों के आधार पर उन्होंने अंतरिक्ष, समय और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत दिये। वे सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्यमान-ऊर्जा समीकरण E = mc2 के लिए जाने जाते हैं। उन्हें सैद्धांतिक भौतिकी, … पढ़ना जारी रखें अल्बर्ट आइन्स्टाइन (Albert Einstein) : 20 वी सदी के महानतम वैज्ञानिक

हरगोविंद खुराना

डॉ हरगोविंद खुराना एक भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक थे जिन्हें सन 1968 में प्रोटीन संश्लेषण में न्यूक्लिटाइड की भूमिका का प्रदर्शन करने के लिए चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार साझा तौर पर दो और अमेरिकी वैज्ञानिकों के साथ दिया गया। सन 1968 में ही डॉ॰ निरेनबर्ग के साथ डॉ खुराना को लूशिया … पढ़ना जारी रखें हरगोविंद खुराना

सर आइजैक न्यूटन : आधुनिक भौतिकी की नींव

4 जनवरी 1643  (ग्रेगोरियन कैलेंडर से ,जुलियन कैलेंडर से 25 दिसंबर 1642 ) को धरती पर एक ऐसे अद्भुत व्यक्ति का जन्म हुआ जिसने विज्ञान की परिभाषा को एक नया रूप दिया। विज्ञान के ऐसे तथ्य प्रस्तुत किये जो आज तक चल रहे हैं। हम बात कर रहे हैं :- आइज़क न्यूटन (Isaac Newton) की। … पढ़ना जारी रखें सर आइजैक न्यूटन : आधुनिक भौतिकी की नींव

आर्यभट : प्राचीन भारत की महान खगोलीय प्रतिभा

लेखक : प्रदीप आर्यभट प्राचीन भारत के सर्वाधिक प्रतिभासंपन्न गणितज्ञ-ज्योतिषी थे। वर्तमान में पश्चिमी विद्वान भी यह स्वीकार करते हैं कि आर्यभट प्राचीन विश्व के एक महान वैज्ञानिक थे। यद्यपि हम आर्यभट का महत्व इसलिए देते हैं क्योंकि सम्भवतः वे ईसा की पांचवी-छठी सदी के नवीनतम खगोलिकी आन्दोलन के पुरोधा थे। और आर्यभट की ही … पढ़ना जारी रखें आर्यभट : प्राचीन भारत की महान खगोलीय प्रतिभा

विलियम हर्शेल : युरेनस के खोजकर्ता

फ़्रेडरिक विलियम हरशॅल(German: Friedrich Wilhelm Herschel) जर्मन-मूल के अंग्रेज खगोलविद् और संगीतकार थे । उन्होंने 1770 के दशक में खगोल विज्ञान को अपनाया, अपना स्वयं का दूरबीन व दर्पण बनाया, और यूरेनस ग्रह की खोज के लिए 1781 में प्रसिद्धि पाई । उन्होंने यूरेनस (1787) और शनि (1789) के दो-दो उपग्रहों को भी खोजा । … पढ़ना जारी रखें विलियम हर्शेल : युरेनस के खोजकर्ता

मेघनाद साहा : भारतीय खगोलविज्ञानी

मेघनाद साहा सुप्रसिद्ध भारतीय खगोलविज्ञानी (एस्ट्रोफिजिसिस्ट्) थे। वे साहा समीकरण के प्रतिपादन के लिये प्रसिद्ध हैं। यह समीकरण तारों में भौतिक एवं रासायनिक स्थिति की व्याख्या करता है। उनकी अध्यक्षता में गठित विद्वानों की एक समिति ने भारत के राष्ट्रीय शक पंचांग का भी संशोधन किया, जो 22 मार्च 1957 (1 चैत्र 1879 शक) से लागू … पढ़ना जारी रखें मेघनाद साहा : भारतीय खगोलविज्ञानी

2016 रसायन नोबेल :जीन पिअरे सावेज, फ़्रेजर स्टोडार्ट तथा बर्नार्ड फ़ेरिंगा

  फ़्रेंच वैज्ञानिक जीन पिअरे सावेज(Jean-Pierre Sauvage) , ब्रिटेन मे जन्मे फ़्रेजर स्टोडार्ट(Fraser Stoddart) तथा डच वैज्ञानिक बर्नार्ड फ़ेरिंगा(Bernard “Ben” Feringa) को 2016 का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। उन्हे यह पुरस्कार आण्विक पैमाने पर कार्य करने वाली नन्ही मशीनो के निर्माण के लिये दिया गया है। तीनो वैज्ञानिक 80 लाख क्रोनर(930,000 अमरीकी डालर) की … पढ़ना जारी रखें 2016 रसायन नोबेल :जीन पिअरे सावेज, फ़्रेजर स्टोडार्ट तथा बर्नार्ड फ़ेरिंगा

2016 भौतिकी नोबेल : डेविड थूल्स, डंकन हाल्डेन और माइकल कोस्टरलिट्ज

ब्रिटेन के तीन वैज्ञानिकों को तत्व के विविध रूपों से जुड़ी खोज के लिए मंगलवार को भौतिक विज्ञान में वर्ष 2016 का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। ये तीनों वैज्ञानिक हैं- डेविड थूल्स, डंकन हाल्डेन और माइकल कोस्टरलिट्ज। इस पुरस्कार को घोषणा स्वीडन में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान की गई। नोबेल कमेटी की तरफ … पढ़ना जारी रखें 2016 भौतिकी नोबेल : डेविड थूल्स, डंकन हाल्डेन और माइकल कोस्टरलिट्ज

2016 चिकित्सा नोबल पुरस्कार : योशिनोरी ओसुमी

  जापान के वैज्ञानिक योशिनोरी ओसुमी को वर्ष 2016 के चिकित्सा नोबल पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्हें ये पुरस्कार कोशिकाओं के क्षरण( डिग्रेडेशन) और पुन:चक्रण( रिसाइकिलिंग) पर उनके शोध के लिए दिया जा रहा है। टोक्यो यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले ओहसुमी ने रॉकफेलर यूनिवर्सिटी से पोस्ट-डॉक्टरल की डिग्री हासिल की है।  1977 में … पढ़ना जारी रखें 2016 चिकित्सा नोबल पुरस्कार : योशिनोरी ओसुमी

एलन ट्युरींग

एलन ट्यूरिंग : मानव, मशीन और सैन्य क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ दिमाग

एक वैज्ञानिक जिसे समलैंगिक होने की वजह से सायनाइड की गोली खाकर जान देनी पड़ी, जिसने कंम्यूटर की आधारशिला रखी और द्वितीय विश्वयुद्ध दो साल पहले खत्म करवाने में मदद की| इस गुमनाम  गणितज्ञ का नाम एलन ट्यूरिंग था। एक ऐसा वैज्ञानिक जिसे आज अमेरिका के टेक्सस से लेकर भारत के बैंगलोर तक वैज्ञानिक उन्हें … पढ़ना जारी रखें एलन ट्यूरिंग : मानव, मशीन और सैन्य क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ दिमाग

रिचर्ड फ़ाइनमेन : एक जिंदादिल वैज्ञानिक

11 मई महान भौतिक वैज्ञानिक रिचर्ड फ़ाइनमेन का जन्मदिन है। बीसवीं शताब्दी के पहले भाग के सबसे चर्चित वैज्ञानिक अलबर्ट आईंस्टाइन थे और रिचर्ड फिलिप्स फाइनमेन (फाइनमेन) बीसवी शताब्दी के अन्तिम भाग के। वे 1966 मे नोबेल पुरष्कार से सम्मानित हुए। बीसवीं शताब्दी के बीच मे अच्छे विश्वविद्यालयों मे भौतिक शास्त्र को पढ़ाये जाने के … पढ़ना जारी रखें रिचर्ड फ़ाइनमेन : एक जिंदादिल वैज्ञानिक

भारत की अग्निपुत्री – डॉ. टेस्सी थॉमस(Missile woman of India – Dr. Tessy Thomas )

लेखक : ओमप्रकाश { नवरात्र समाप्त हो गए है, लेकिन जीती-जागती दुर्गा के दर्शन डॉ. टेस्सी थॉमस के बिना अधूरे है। मुझे इनसे तीन-चार बार साक्षात मिलने का सौभाग्य हुआ प्राप्त हुआ है। हर बार इनकी प्रतिभा का एक अलग रूप देख कर प्रभावित हुए बिना नहीं रह सका। आखिर क्या है इनके आभामंडल का … पढ़ना जारी रखें भारत की अग्निपुत्री – डॉ. टेस्सी थॉमस(Missile woman of India – Dr. Tessy Thomas )

निकोलस कोपरनिकस

निकोलस कोपरनिकस : महान खगोलशास्त्री

विश्व के दो समकालीन महान खगोलशास्त्रियों का जन्मदिन फ़रवरी माह में है, निकोलस कोपरनिकस तथा गैलेलियो गैलीली। गैलिलियो (Galilio) से लगभग एक शताब्दी पहले 19 फ़रवरी 1473 को पोलैंड में निकोलस कोपरनिकस का जन्म हुआ था। निकोलस कोपरनिकस पहले योरोपियन खगोलशास्त्री है (First European Astronaut) जिन्होने पृथ्वी को ब्रह्माण्ड के केन्द्र से बाहर किया। अर्थात हीलियोसेंट्रिज्म (Heliocentrizm) … पढ़ना जारी रखें निकोलस कोपरनिकस : महान खगोलशास्त्री

चंद्रशेखर वेंकट रामण

सर चंद्रशेखर वेंकटरमन : आधुनिक युग के महानतम भारतीय वैज्ञानिक

लेखक : प्रदीप सन् 1921 की बात है। एक भारतीय वैज्ञानिक को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंग्लैंड से विश्वविद्यालयीन कांग्रेस में भाग लेने के लिए निमंत्रण प्राप्त हुआ। इसी सिलसिले में वह इंग्लैंड गया। जब वह वापस पानी के जहाज से भारत लौट रहा था, तब रास्ते-भर वह भूमध्यसागर के जल के रंग को ध्यानपूर्वक देखता रहा … पढ़ना जारी रखें सर चंद्रशेखर वेंकटरमन : आधुनिक युग के महानतम भारतीय वैज्ञानिक

सत्येंद्रनाथ बोस,Satyendra-Nath-Bose

बोसॉन के जनक : सत्येन्द्र नाथ बोस

सत्येंद्र नाथ बोस प्रसिद्ध गणितज्ञ और भौतिक शास्त्री थे। भौतिक शास्त्र में दो प्रकार के अणु माने जाते हैं- बोसॉन और फर्मियान। इनमें से बोसॉन सत्येन्द्र नाथ बोस के नाम पर ही है। सत्येंद्र नाथ बोस का जन्म 1 जनवरी 1894 को कोलकाता में हुआ था। मृत्यु 4 फ़रवरी 1974 को हुयी थी। उपलब्धियां सत्येन्द्र नाथ … पढ़ना जारी रखें बोसॉन के जनक : सत्येन्द्र नाथ बोस

जगदीश चंद्र बोस : आधुनिक भारत के प्रथम वैज्ञानिक

वे (बोस) वास्तव में आधुनिक भारत का प्रथम भौतिक विज्ञानी थे, देश का सब से पहला वैज्ञानिक। गेलिलियो – न्यूटन परम्परा के वे अपनी मातृभूमि के पहले सक्रिय सहभागी थे। उन्होने विश्वास न करने वाले ब्रिटिश वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया। उन्होने दिखा दिया था कि पश्चिमी विज्ञान द्वारा अपेक्षित सही विचार और विचार उत्पन्न … पढ़ना जारी रखें जगदीश चंद्र बोस : आधुनिक भारत के प्रथम वैज्ञानिक

सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर

सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर : ‘चंद्रशेखर सीमा’ के प्रस्तावक

सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर (जन्म- 19 अक्तूबर, 1910 – मृत्यु- 21 अगस्त, 1995) खगोल भौतिक शास्त्री थे और सन् 1983 में भौतिक शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता भी थे। उनकी शिक्षा चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज में हुई। वह नोबेल पुरस्कार विजेता सर सी. वी. रमन के भतीजे थे। बाद में डा. चंद्रशेखर अमेरिका चले गए। जहाँ … पढ़ना जारी रखें सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर : ‘चंद्रशेखर सीमा’ के प्रस्तावक

2015 रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार टामस लिंडल(Tomas Lindahl), पाल माडरीच(Paul L. Modrich) तथा अजीज संकार(Aziz Sancar) को दिया गया है।

2015 रसायन नोबेल पुरस्कार : टॉमस लिंडाल, पॉल मॉडरिश और अज़ीज सैंकर

2015 रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार टॉमस लिंडाल(Tomas Lindahl), पॉल मॉडरिश Paul L. Modrich) तथा अजीज सैंकर(Aziz Sancar) को दिया गया है। यह पुरस्कार “DNA क्षतिपुर्ति के यांत्रिकी अध्ययन” के लिये दिया गया है। इस साल रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों टॉमस लिंडाल, पॉल मॉडरिश और अज़ीज सैंकर को दिया जाएगा। उन्हें ये … पढ़ना जारी रखें 2015 रसायन नोबेल पुरस्कार : टॉमस लिंडाल, पॉल मॉडरिश और अज़ीज सैंकर

2015 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : तकाकी काजिता तथा आर्थर बी मैकडोनाल्ड

2015 भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जापान के तकाकी काजिता(Takaaki Kajita) तथा कनाडा के आर्थर बी मैकडोनाल्ड(Arthur B. McDonald) को दिया गया है। उन्हे यह पुरस्कार परमाण्विक कण न्युट्रिनो के द्रव्यमान रखने के सिद्धांत को प्रमाणित करने के लिये दिया गया है। पहले माना जाता था कि न्युट्रिनो का द्रव्यमान नही होता है।  तकाकी और आर्थर … पढ़ना जारी रखें 2015 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : तकाकी काजिता तथा आर्थर बी मैकडोनाल्ड

2015 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार :यूयू तू , विलियम सी कैम्पबेल और सातोशी ओमूरा

चिकित्सा के क्षेत्र में इस साल का नोबेल पुरस्कार पैरासाइट यानी परजीवी से होने वाले संक्रमण से लड़ने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले तीन वैज्ञानिकों को देने की घोषणा की गई है। इन तीन वैज्ञानिकों में चीन की यूयू तू(Tu Youyou) ने मलेरिया के इलाज की नई थेरेपी में अहम योगदान दिया है जबकि आयरलैंड … पढ़ना जारी रखें 2015 चिकित्सा नोबेल पुरस्कार :यूयू तू , विलियम सी कैम्पबेल और सातोशी ओमूरा

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