हृदय मे एक काला रहस्य समेटे खूबसूरत आकाशगंगायें


ब्रह्माण्ड के सबसे खूबसूरत पिण्डो मे स्पायरल आकाशगंगायें है। उनका भव्य प्रभावशाली स्वरूप सैकंडो से लेकर हजारो प्रकाशवर्ष तक विस्तृत होता है, उनकी बाहें सैकड़ो अरब तारो से बनी होती है तथा एक दूधिया धारा बनाती है। लेकिन उनके केन्द्रो की एक अलग कहानी होती है। आज प्रस्तुत है दो खूबसूरत आकाशगंगायें लेकिन अपने हृदय…

ब्रह्माण्ड, हमारी आकाशगंगा, विशालकाय, महाकाय… जब शब्द कम पड़ जाये…


हमारा ब्रह्माण्ड इतना विशाल है कि उसके वर्णन के लिये मेरे पास शब्द कम पड़ जाते है। इतना विशाल, महाकाय कि शब्द लघु से लघुतम होते जाते है। खगोल वैज्ञानिकों ने चीली के VISTA दूरबीन तथा हवाई द्विप की UKIRT दूरबीन के प्रयोग से संपूर्ण आकाश का अवरक्त किरणो मे एक असाधारण अविश्वसनीय रूप से…

’मंदाकिनी’ आकाशगंगा केन्द्र के दैत्य को जागृत करने जा रहा है एक गैसीय बादल !


हमारी आकाशगंगा ’मंदाकिनी’ के केन्द्र मे स्थित महाकाय श्याम वीवर (Spermassive Black Hole) सामान्यतः एक सोते हुये दैत्य की तरह है। लेकिन यह दैत्य अपनी निद्रा से जागने जा रहा है। पृथ्वी से कई गुणा बड़ा एक गैसीय बादल इस श्याम वीवर की ओर 50 लाख मील/घंटे की गति से इसकी ओर बढ़ रहा है।…

तु मेरे सामने, मै तेरे सामने : एक या दो आकाशगंगा(एँ) ?


यह चित्र एन जी सी 3314 का है। लेकिन यह है क्या ? चित्र के अनुसार यह एक आकाशगंगा लग रही है। लेकिन यह एक नही दो आकाशगंगायें है और दोनो आकाशगंगाओं के मध्य 230 लाख प्रकाशवर्ष अंतर है। यह एक संयोग है कि यह दोनो आकाशगंगायें पृथ्वी से देखे जाने पर एक ही रेखा…

बुढापे की ओर बढ़ती हुयी मंदाकिनी


यह हमारी अपनी आकाशगंगा मंदाकिनी है जो लगभग 100 हजार प्रकाशवर्ष चौड़ी है। हमारी मन्दाकिनी  आकाशगंगा उम्र के ऐसे दौर से गुजर रही है, जिसके बाद अगले कुछ अरब वर्षों में इसके सितारों के बनने की गति धीमी पड़ जाएगी। ग्रहों पर नजर रखने वाले वैज्ञानिको का कहना है कि आकाशगंगा को आमतौर पर दो…

धूल के बादलो से रेखांकित आकाशगंगा एन जी सी 7049


इस असामान्य आकाशगंगा का निर्माण कैसे हुआ होगा? यह कोई नही जानता है क्योंकि यह पेंचदार(Spiral) आकाशगंगा एन जी सी 7049 है ही इतनी विचित्र! एन जी सी 7049 मे सबसे विचित्र एक धूल और गैस का वलय है हो इस आकाशगंगा के बाह्य रूपरेखा मे दिख रहा है। यह धूल का वलय जैसे इस आकाशगंगा के…

सीगार आकाशगंगा(M82)


सीगार आकाशगंगा(M82) किससे प्रकाशमान हो रही है ? एम 82  एक अनियमित आकार की आकाशगंगा है। हाल ही मे यह विशालकाय पेंचदार आकाशगंगा एम 81 के पास से गुजरी है जिस कारण से इस आकाशगंगा मे काफी हलचल हुयी है। लेकिन यह हलचल भी लाल रंग मे चमकती हुयी बाहर की ओर विस्तृत होती हुयी गैस के…