मानवता का दूत : 20 अरब किलोमीटर दूर जा चुका वायेजर क्या है?


खोज करना मानव की फ़ितरत है। इसके लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार होता है। तभी तो, मानव उस चीज़ को खोजने में जुटा हुआ है, जिसकी कोई हद नहीं। जिसका कोई ओर-छोर नहीं। पर, वो आख़िर क्या है जिसका कोई ओर-छोर नहीं और हम जिसकी खोज में जुटे हुए हैं। वो…

अंतरग्रहीय अभियान : गुरुत्विय सहायता(Gravity Assist)


अंतरग्रहीय अभियानो मे विशाल गैस दानव ग्रहो(बृहस्पति, शनि, युरेनस, नेपच्युन) तथा अन्य ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण के प्रयोग के यानो को गति दी जाती है, इस तरिके को गुरुत्विय सहायता(Gravity Assist) कहते है। इस तरिके मे इंधन का प्रयोग नही होता है और यान की गति बढ़ जाती है। अगस्त 1977 मे प्रक्षेपित वायेजर 2 बृहस्पति…

न्यु हारीजोइन्स : प्लूटो की यात्रा सम्पन्न कर आगे रवाना


अंतरिक्ष सदीयों से मानव को आकर्षित करता रहा है। खगोलिय पिंड मानव मन को हमेशा चुनौति देते आये है, और सदियों से मानव उनका निरीक्षण और अध्ययन करता आया है। ज्ञान की इस यात्रा मे महत्वपूर्ण मोड़ 4 अक्टूबर 1957 को आया जब पहली बार कोई मानव निर्मित वस्तु स्पूतनिक उपग्रह के रूप मे पृथ्वी…

वायेजर 1 ने रचा इतिहास: सौर मंडल के बाहर प्रथम मानव निर्मित यान


वायेजर 1 यान मानव निर्मित पहली वस्तु है जो सौर मंडल की सीमाओं को तोड़ कर ब्रह्माण्ड की गहराईयों मे प्रवेश कर चुकी है। वैज्ञानिको के अनुसार इस यान के उपकरण बता रहे है कि यह यान सौर वायु से निर्मित बुलबुले (Heliosphere) से बाहर निकल कर सितारों के मध्य के अंतरिक्ष मे यात्रा कर…

सौर मंडल की सीमा पर वायेजर 1? शायद हां शायद ना !


सौर मंडल की सीमा पर ऐसा कोई बोर्ड नहीं है कि जो कहे “आकाशगंगा के मध्य के अंतरिक्षीय क्षेत्र मे आपका स्वागत है”! अब से 35 वर्ष पहले प्रक्षेपित और पृथ्वी से 115 अरब मील दूरी पर नासा का अंतरिक्ष यान वायेजर 1 सौर मंडल की सीमा को पार कर आकाशगंगाओं के मध्य के अंतरिक्ष…

सौर मंडल की सीमा पर वायेजर 1


नासा के अंतरिक्ष यान वायेजर 1 के ताजा आंकड़ो से ऐसा लग रहा है कि वह सौर मंडल की सीमा पर पहुंच चूका है। अब वह ऐसे क्षेत्र मे है जहाँ पर सौर मंडल बाह्य आवेशित कणो की मात्रा स्पष्टतया अधिक है। वायेजर से जुड़े वैज्ञानिक इन सौरमंडल बाह्य आवेशित कणो की मात्रा मे आयी…

ब्रह्माण्ड की अनंत गहराईयो की ओर : वायेजर 1


वायेजर १ एक सर्वकालिक सबसे सफल अंतरिक्ष अभियान है। 1977 मे प्रक्षेपित इस अंतरिक्षयान ने बृहस्पति और शनि की यात्रा की थी और ऐसे चित्र भेजे थे जिसकी हमने कभी कल्पना भी नही की थी।बृहस्पति और शनी के बाद यह यान युरेनस और नेपच्युन की कक्षा पार कर गया। (वायेजर 2 ने इन दोनो ग्रहो…