प्रश्न आपके उत्तर हमारे: भाग 2

प्रश्न आपके, उत्तर हमारेइस मंच पर पाठक कभी कभी अपनी टिप्पणियों मे लेख सामग्री से भिन्न लेकिन उचित प्रश्न करते रहे हैं। यह मंच पाठकों को प्रश्न पूछने का अवसर प्रदान करता है।

हमारा प्रयत्न रहेगा कि इस मंच के द्वारा पाठकों की जिज्ञासा का समाधान यथासंभव किया जा सके। हम जानते है कि कुछ प्रश्नों के उत्तर हम शायद नही दे पायें लेकिन हम उत्तर देने का भरसक प्रयास अवश्य करेंगे।

कृपया अपने प्रश्न विज्ञान संबंधित ही रखें लेकिन छद्म विज्ञान संबंधित प्रश्नों का भी स्वागत है।

‘प्रश्न आपके और उत्तर हमारे’ के पहले अंक में अब 4000 के क़रीब टिप्पणियाँ हो गयी हैं, जिस वजह से नया सवाल पूछना और पूछे हुए सवालों के उत्तर तक पहुँचना आपके लिए एक मुश्किल भरा काम हो सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब ‘प्रश्न आपके और उत्तर हमारे’ के भाग दो को शुरू किया जा रहा है। आपसे अनुरोध है कि अब आप अपने सवाल यहाँ पूँछें।

Archive Link : पुराने प्रश्न और उनके उत्तर

प्रश्न आपके, उत्तर हमारे: 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक के प्रश्नों के उत्तर

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26 विचार “प्रश्न आपके उत्तर हमारे: भाग 2&rdquo पर;

  1. नमस्कार आशीष जी ,
    आशा करता हूँ आप कुशल मंगल से होंगे ।
    एक प्रश्न मस्तिष्क में काफी समय से है ।
    कई बार पढ़ने में आया कि प्रकाश की गति की सदैव एक समान रहती है , क्या यह सत्य है ?और क्या जल मे भी प्रकाश की गति एक समान रहती है ।

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  2. श्रीवास्तव जी, जब हम पृथ्वी से एक निश्चित ऊंचाई पर पहुंचते हैं तो गुरुत्वाकर्षण बल नगण्य हो जाता है फिर हम कैसे कह सकते हैं कि चंद्रमा पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही पृथ्वी की परिक्रमा करता है?

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  3. नमस्कार आशीष जी ,
    मेरे एक सज्जन मित्र जिन्होंने भौतिकी से स्नातक किया है।
    उनका कहना है के अंतरिक्ष में भौतिकी के अधिकांश नियम कार्य नहीं करते। या कहिये की भौतिकी के नियम कार्य ही नहीं करते।
    मुझे यह बात बिल्कूल भी सही नहीं लगी , मैंने कुछ तर्क भी रखे। किन्तु मैंने भौतिकी से स्नातक नहीं किया है।
    क्या आप इस पर कुछ प्रकाश दाल सकते है ?

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    • समस्त ब्रह्माण्ड मे भौतिकी के नियम एक जैसे काम करते है। केवल ब्लैक होल मे भौतिकी के ज्ञात नियम काम नही करते है।

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      • जी धन्यवाद आशीष प्रतिक्रिया देने के लिए। 🙂
        यही बात मै भी उनसे कह रहा था , और जैसा की मै आपके ब्लॉग का एक नियमित पाठक हूँ। इतना तो मुझे आपके ब्लॉग और मेरी रूचि होने कारन अन्य स्थानों से भी ज्ञात था। किन्तु मैं यह सोच रहा हूँ की 21वी सदी का एक भौतिकी स्नातक व्यक्ति ऐसी मूर्खतापूर्ण बात कैसे कर सकता है। उनका कहना है की अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं है (मैं जनता हूँ , की अंतरिक्ष के सभी पिंड ग्रुत्वकर्षण के कारण ही एक दूसरे से बंधे हुए है और यहाँ तक की हमारा सूर्य भी हमारी मन्दाकिनी के मध्य स्थित श्याम विवर की परिक्रमा गुरुत्वाकर्षण के कारण ही कर रहा है। किन्तु वह कहते है की , यदि ऐसा है तो अंतरिक्ष यात्री हवा में क्यों तैरते रहते है ? गिरते क्यों नहीं ? इस बात का उत्तर भी मेरे पास है किन्तु वह मुझे मुर्ख समझते हुए इस पर बात ही नहीं करना चाहते। इस मूर्खता पर हंसु या रोउ भ्रमित हूँ। कैसे समझाऊ ? 😀

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