ऋतु परिवर्तन कैसे होता है ?


ऋतु एक वर्ष से छोटा कालखंड है जिसमें मौसम की दशाएँ एक खास प्रकार की होती हैं। यह कालखण्ड एक वर्ष को कई भागों में विभाजित करता है जिनके दौरान पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा के परिणामस्वरूप दिन की अवधि, तापमान, वर्षा, आर्द्रता इत्यादि मौसमी दशाएँ एक चक्रीय रूप में बदलती हैं। मौसम की दशाओं…

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पिक्सेल (Pixel) क्या होते है?


आजकल हम आधुनिक परिवेश में रहते है और अति आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते है कुछ उपकरण आजकल हमारे जीवन का अभिन्नय अंग बन गए है खासकर मोबाइल फ़ोन ,कंप्यूटर,LED Tv, प्लाज्मा Tv इत्यादि।बहुत सारे उपकरण बाजार में उपलब्ध है पर स्मार्टफोन की बात ही कुछ अलग है और हो भी क्यों नही आज स्मार्टफोन…

आर्यभट : प्राचीन भारत की महान खगोलीय प्रतिभा


लेखक : प्रदीप आर्यभट प्राचीन भारत के सर्वाधिक प्रतिभासंपन्न गणितज्ञ-ज्योतिषी थे। वर्तमान में पश्चिमी विद्वान भी यह स्वीकार करते हैं कि आर्यभट प्राचीन विश्व के एक महान वैज्ञानिक थे। यद्यपि हम आर्यभट का महत्व इसलिए देते हैं क्योंकि सम्भवतः वे ईसा की पांचवी-छठी सदी के नवीनतम खगोलिकी आन्दोलन के पुरोधा थे। और आर्यभट की ही…

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ध्रुविय ज्योति


यह कोई साधारण चित्र नही है यह पृथ्वी पर होने वाली एक अद्भुत खगोलीय घटना है जो की हमारी पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्रो में घटित होती है। पृथ्वी के धुवीय क्षेत्रो जैसे अलास्का तथा उत्तरी कनाडा के आकाश मे रंगो का अत्यंत वैभवशाली दृश्य दिखाई देता है नृत्य करते हरे गुलाबी रंग एक अदभुत दृश्य…

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विलियम हर्शेल : युरेनस के खोजकर्ता


फ़्रेडरिक विलियम हरशॅल(German: Friedrich Wilhelm Herschel) जर्मन-मूल के अंग्रेज खगोलविद् और संगीतकार थे । उन्होंने 1770 के दशक में खगोल विज्ञान को अपनाया, अपना स्वयं का दूरबीन व दर्पण बनाया, और यूरेनस ग्रह की खोज के लिए 1781 में प्रसिद्धि पाई । उन्होंने यूरेनस (1787) और शनि (1789) के दो-दो उपग्रहों को भी खोजा ।…

श्याम वीवर द्वारा गैस के निगलने से एक्रेरीशन डीस्क का निर्माण तथा एक्स रे का उत्सर्जन

ब्लैक होल की रहस्यमय दुनिया


कृष्ण विवर(श्याम विवर) अर्थात ब्लैक होल (Black hole) अत्यधिक घनत्व तथा द्रव्यमान वाले ऐसें पिंड होते हैं, जो आकार में बहुत छोटे होते हैं। इसके अंदर गुरुत्वाकर्षण इतना प्रबल होता है कि उसके चंगुल से प्रकाश की किरणों निकलना भी असंभव होता हैं। चूंकि यह प्रकाश की किरणों को अवशोषित कर लेता है, इसीलिए यह…

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प्रयोगशाला में बनाया जा रहा है मानव मस्तिष्क!


हमारे बड़े बुज़ुर्ग हमेशा ये बात कहते हैं कि मानव चाहे जितनी प्रगति कर ले लेकिन वो ईश्वर नहीं बन सकता। यानि जो चीज़ें प्रकृति ने अपने हाथ में रखी हैं उनमें किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ना ही वैसी चीज़ें वो पैदा कर सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है मानव का…