चीजें कैसे काम करती है?

हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला चित्र कैसे लेती है? (8/5/2011) - अंतरिक्ष ब्लाग पर आपने ब्रह्मांडीय पिंडो की खूबसूरत तस्वीरे देखी होंगी। इन अद्भुत ,विहंगम ,नयानाभिराम चित्रो और उनके मनमोहक रंगो, आकृतियों को देखकर विश्वास नही होता कि ब्रह्माण्ड मे रंगो की छटा इस तरह बिखरी पड़ी है। आईये जानते है कि यह चित्र कैसे लिए जाते है ? क्या इन चित्रो के रंग वास्तविक होते है ?
एन जी सी 1512 का चित्र, विभिन्न फिल्टरो के प्रयोगों से फिल्टर और प्रकाश : हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला चित्र कैसे लेती है? : भाग 2 (8/8/2011) - किसी ब्रह्मांडीय पिंड से आने वाला प्रकाश रंगो की विस्तृत श्रेणी मे आता है, जिसमे से हर रंग विद्युत चुंबकिय विकिरण की एक विशिष्ट तरंग से संबधित होता है। हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला दृश्य प्रकाश की तरंगो के अतिरिक्त अन्य हजारों तरह की तरंगो जैसे अवरक्त, पराबैंगनी तरंगो को भी ग्रहण कर सकता है। [इस लेख को पढ़ने…
प्राकृतिक रंग, प्रतिनिधि रंग तथा उन्नत रंग प्राकृतिक, प्रतिनिधि तथा उन्नत रंग: हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला चित्र कैसे लेती है?: भाग 3 (8/15/2011) - इस लेख मे हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला द्वारा लिए जाने वाले तीन प्रकार के चित्रों और उन्हे बनाने की विधि का वर्णन किया गया है। [इस लेख को पढ़ने से पहले इसका पहला भाग और दूसरा भाग पढ़े।]
राकेट इंजिन न्युटन का तीसरा नियम : राकेट कैसे कार्य करते हैं ?: भाग 1 (8/22/2011) - अंतरिक्ष यात्रा मानव इतिहास के सबसे अद्भूत प्रयासो मे एक है। इस प्रयास मे सबसे अद्भूत इसकी जटिलता है। अंतरिक्ष यात्रा को सुगम और सरल बनाने के लिये ढेर सारी समस्या को हल करना पडा़ है, कई बाधाओं को पार करना पड़ा है। इन समस्याओं और बाधाओं मे प्रमुख है: अंतरिक्ष का निर्वात उष्णता नियंत्रण…
ठोस ईंधन वाले राकेट इंजिन द्रव, ठोस ईंधन वाले राकेट इंजिन:राकेट कैसे कार्य करते हैं ? : भाग 2 (8/29/2011) - ठोस ईंधन वाले राकेट इंजिन ठोस ईंधन वाले राकेट इंजन मानव द्वार निर्मित प्रथम इंजन है। ये सैकड़ो वर्ष पूर्व चीन मे बनाये गये थे और तब से उपयोग मे है। युद्ध मे प्रक्षेपास्त्र के रूप मे इनका प्रयोग भारत मे टीपू सुल्तान ने किया था। ठोस ईंधन वाले राकेट इंजिन की कार्यप्रणाली जटिल नही है। इसे बनाने के…
रदरर्फोर्ड का प्रयोग 12 सरल क्वांटम भौतिकी : कण त्वरक तथा जांचक (Particle Accerator and Detectors) (4/23/2012) - इस ब्लाग पर हमने ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति , उसे बनाने वाले मूलभूत तत्वो, घटको की खूब चर्चा की है। हम जानते है कि हमारा दृश्य विश्व, हमारी आकाशगंगा, हमारी धरती और हम स्वयं किससे निर्मित है। लेकिन हम यह सब कैसे जानते है ? इस प्रमाण क्या है ? क्या हमने इसे प्रायोगिक रूप से…
इलेक्ट्रान : जांच कण 14 सरल क्वांटम भौतिकी : यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ? : कण त्वरक (Particle Accelerator) (5/7/2012) - भौतिक वैज्ञानिक प्रकाश को परमाणु तथा परमाणु से छोटे कणो की जांच के लिये प्रयोग नही कर सकते हैं, क्योंकि प्रकाश का तरंगदैर्ध्य(Wavelength) इन कणो के आकार से अधिक होता है। पिछले लेख मे हम देख चुके हैं कि किसी भी वस्तु की जांच के लिये उससे छोटे जांचयंत्र(तरंग) का प्रयोग करना आवश्यक होता है।…
कण त्वरण का एनीमेशन 15 सरल क्वांटम भौतिकी : कण त्वरक(Particle Acclerator) कणो को गति कैसे देते है? (5/14/2012) - कणो के साथ प्रयोग कैसे किये जाते है ? कण त्वरक भौतिक वैज्ञानिको की दो समस्यायें हल करते है। प्रथम:  सभी कण तरंग की तरह व्यवहार करते है, वैज्ञानिक कणों से संवेग मे वृद्धि कर उनके तरंगदैर्ध्य(Wavelength) को इतना कम करते है कि उनसे परमाणु के अंदर देखा जा सके। द्वितीय:  इन गतिमान कणो की ऊर्जा से…
आधुनिक जांचयंत्र 16 सरल क्वांटम भौतिकी : आधुनिक जांचयंत्र(Detectors) द्वारा कण त्वरकों के आंकड़ो का विश्लेषण कैसे होता है ? (5/21/2012) - अधिकतर आधुनिक जांचयंत्र एकाधिक उपकरणो द्वारा निर्मित होते है, जोकि हर घटना के विभिन्न पहलूओं की जांच करते है। ये सभी उपकरण इस तरह से लगे होते है कि वैज्ञानिक त्वरक मे हो रही कणो के टकराव की घटनाओं से अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें। यह किसी आधुनिक त्वरक का जांचयत्र है: ट्रेकींग…
सूर्य की ऊर्जा नाभिकिय संलयन से प्राप्त होती है!सूर्य की ऊर्जा नाभिकिय संलयन से प्राप्त होती है! प्रयोगशाला मे सूर्य का निर्माण : नाभिकिय संलयन(nuclear fusion) मे एक बड़ी सफलता (2/17/2014) - प्रसिद्ध वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टाइन के समय से ही नियंत्रित नाभिकिय संलयन(nuclear fusion) द्वारा अनंत ऊर्जा का निर्माण वैज्ञानिको का एक सपना रहा है। यह ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया जो कि किसी भी तरह के प्रदुषण से मुक्त है। लेकिन बहुत से वैज्ञानिक इसे विज्ञान फतांशी की प्रक्रिया मानकर नकार चूके है। अभी भी लक्ष्य दूर…
सौर पाल : भविष्य के अंतरिक्षयानो को सितारों तक पहुंचाने वाले प्रणोदक (3/1/2016) - सौर पाल(Solar Sail) अंतरिक्ष यानो की प्रणोदन प्रणाली है जोकि तारो द्वारा उत्पन्न विकिरण दबाव के प्रयोग से अंतरिक्षयानो को अंतरिक्ष मे गति देती है। राकेट प्रणोदन प्रणाली मे सीमित मात्रा मे इंधन होता है लेकिन सौर पाल वाले अंतरिक्षयानो के पास वास्तविकता मे सूर्य प्रकाश के रूप मे अनंत इंधन होगा। इस तरह का…
LHC1 LHC(लार्ज हेड्रान कोलाईडर) कैसे कार्य करता है? (6/10/2016) - 25 मार्च 2016 को एक बार फ़िर से लार्ज हेड्रान कोलाईडर को इस वर्ष के भौतिकी के प्रयोगो के लिये आरंभ किया गया, इस वर्ष इसके प्रयोगो से 2015 की तुलना मे छह गुणा अधिक आंकड़ो के प्राप्त होने की आशा है। LHC सबसे विशाल और शक्तिशाली कण त्वरक(Particle Accelerator) है। यह 27 किमी लंबी…
ऋतु परिवर्तन कैसे होता है ? (12/21/2016) - ऋतु एक वर्ष से छोटा कालखंड है जिसमें मौसम की दशाएँ एक खास प्रकार की होती हैं। यह कालखण्ड एक वर्ष को कई भागों में विभाजित करता है जिनके दौरान पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा के परिणामस्वरूप दिन की अवधि, तापमान, वर्षा, आर्द्रता इत्यादि मौसमी दशाएँ एक चक्रीय रूप में बदलती हैं। मौसम की दशाओं…
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