केप्लर अंतरिक्ष वेधशाला :सौर मंडल के बाहर जीवन की खोज को समर्पित वेधशाला


केप्लर अंतरिक्ष वेधशाला नासा का सौर मंडल से बाहर पृथ्वी सदृश ग्रहों को खोजने का अबतक का सबसे सफ़ल अभियान रहा है। इस अभियान का नाम महान खगोल शास्त्री योहानस केप्लर को समर्पित था। इसे 7 मार्च 2009 को अंतरिक्ष मे भेजा गया था और अपने 9 वर्षो के अभियान के पश्चात इसे 30 अक्टूबर 2018…

Wow! संदेश 15 अगस्त 1977 को सेटी मे कार्यरत डा जेरी एहमन ने ओहीयो विश्वविद्यालय के बीग इयर रेडीयो दूरबीन पर एक रहस्यमयी संदेश प्राप्त किया। इस संदेश ने परग्रही जीवन से संपर्क की आशा मे नवजीवन का संचार कर दिया था। यह संदेश 72 सेकंड तक प्राप्त हुआ लेकिन उसके बाद यह दूबारा प्राप्त नही हुआ। इस रहस्यमय संदेश मे अंग्रेजी अक्षरो और अंको की एक श्रंखला थी जो कि अनियमित सी थी और किसी बुद्धिमान सभ्यता द्वारा भेजे गये संदेश के जैसे थी। डा एहमन इस संदेश के परग्रही सभ्यता के संदेश के अनुमानित गुणो से समानता देख कर हैरान रह गये और उन्होने कम्प्युटर के प्रिंट आउट पर “Wow!” लिख दिया जो इस संदेश का नाम बन गया।

Wow! सिगनल


15 अगस्त 1977 को सेटी मे कार्यरत डॉ जेरी एहमन(Jerry Ehman) ने ओहीयो स्टेट विश्वविद्यालय(Ohio State University) के बीग इयर रेडीयो दूरबीन(Big Ear Radio Telescope) पर एक रहस्यमयी संदेश प्राप्त किया। इस संदेश ने परग्रही जीवन से संपर्क की आशा मे नवजीवन का संचार कर दिया था। यह संदेश 72 सेकंड तक प्राप्त हुआ लेकिन…

परग्रही जीवन भाग 4 :बोरान आधारित जीवन


सिलिकान के पश्चात बोरान अकेला तत्व है जोकि कार्बन को चुनौती दे सकता है। यह तत्व आवर्तसारणी मे कार्बन के बांए स्थित है, जबकि सिलिकान कार्बन के नीचे है। जैव रसायनशास्त्रीयों की बोरान मे दिलचस्पी का कारण इसके द्वारा प्रदर्शित बहुआयामी तथा अत्याधिक असामान्य रासायनिक व्यवहार है। यह सिलिकान के जैसे उच्च तापमान पर बहुत…

केप्लर 90 और सौर मंडल के ग्रहों के आकार की तुलना

नासा ने सौर मंडल के जैसे एक और सौर मंडल खोजा : केप्लर 90


नासा ने हमारे सौर मंडल के तुल्य एक तारा-ग्रह प्रणाली खोजी है जिसके पास आठ ग्रह है। इस तारे का नाम केप्लर 90 है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा को एक बड़ी सफलता मिली है। NASA के केपलर अंतरिक्ष दूरबीम ने हमारे जितना बड़ा ही एक और तारा-ग्रह प्रणाली खोजी है। दरअसल, यह तारा और उसके…

एलियन या प्राकृतिक : अंतरिक्ष मे पायी गई विचित्र ध्वनियाँ और संकेत


अंतरिक्ष मे एक खौफ़नाक सन्नाटा छाया रहता है क्योंकि ध्वनि अंतरिक्ष मे यात्रा नही कर पाती है लेकिन अंतरिक्ष शांत नही है। लगभग सभी अंतरिक्ष के पिंड ऐसे रेडीयो संकेतो का उत्सर्जन करते है जिन्हे मानव के कान सुन नही पाते है जिन्हे विशेष उपकरणो से ग्रहण किया जाता है। रेडीयो संकेतो की खोज के…

परग्रही जीवन भाग 3 : क्या सिलीकान आधारित जीवन संभव है?


कार्बन के विकल्प के रूप मे सिलीकान का प्रस्ताव 1891 मे खगोलभौतिक वैज्ञानिक जुलियस स्कीनर(Julius Scheiner) ने रखा था। उनके इस तर्क के पीछे कारण था कि सिलिकान के बहुत से यौगिक उच्च तापमान पर भी स्थाई रहते है, इस अवधारणा के अनुसार पृथ्वी की तुलना मे उच्च तापमान वाले ग्रहों का जीवन सिलिकान आधारित…

परग्रही जीवन भाग 2 : कार्बन – जीवरसायन का आधार क्यों है?


सभी तरह का ज्ञात जीवन कार्बन आधारित है, इसकी हर कोशीका कार्बन और कार्बनिक प्रक्रियाओं का प्रयोग करती है। हमारे सामने प्रश्न है कि क्या कार्बन अकेला तत्व है जो जैविक अणुओं का आधार बना सकता है ? क्या जीवन को कार्बन आधारित ही होना चाहिये ? या पृथ्वी पर जीवन का आधार इसलिये है…