सरल क्वांटम भौतिकी

खगोल भौतिकी 27 :सर्वकालिक 10 शीर्ष खगोलभौतिकी वैज्ञानिक (TOP 10 ASTROPHYSICISTS OF ALL TIME)

लेखक : ऋषभ ’मूलभूत खगोलभौतिकी (Basics of Astrophysics)’ शृंखला अब समाप्ति की ओर है। इसके अंतिम कुछ लेखो मे हम खगोलभौतिकी के कुछ सामान्य विषयों पर चर्चा करेंगे। इस शृंखला के सत्ताइसवें लेख मे हम इतिहास मे जायेंगे और कुछ प्रसिद्ध खगोलभौतिक वैज्ञानिको(Astrophysicists) के बारे मे जानेंगे जिन्होने इस खूबसूरत विषय पर महत्वपूर्ण योगदान दिया … पढ़ना जारी रखें खगोल भौतिकी 27 :सर्वकालिक 10 शीर्ष खगोलभौतिकी वैज्ञानिक (TOP 10 ASTROPHYSICISTS OF ALL TIME)

अंतरिक्ष – क्या है अंतरिक्ष ? : भाग 1

हम सब लोग इस पृथ्वी पर रहते है और अपनी दुनियाँ के बारे में हमेशा सोचते भी रहते है जैसे- सामानों, कारों, बसों, ट्रेनों और लोगो के बारे में भी। लगभग सारे संसार मे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी के सभी चीज हमारे आसपास ही मौजूद है किसी बड़े महानगर जैसे- न्यूयॉर्क, मुम्बई, दिल्ली इन भीड़-भाड़ … पढ़ना जारी रखें अंतरिक्ष – क्या है अंतरिक्ष ? : भाग 1

स्टीफन विलियम हॉकिंग : ब्लैक होल को चुनौती देता वैज्ञानिक

विश्व प्रसिद्ध महान वैज्ञानिक और बेस्टसेलर रही किताब ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ के लेखक स्टीफन हॉकिंग ने शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हु्ए यह साबित किया कि अगर इच्छा शक्ति हो तो व्यक्ति कुछ भी कर सकता है। हमेशा व्हील चेयर पर रहने वाले हॉकिंग किसी भी आम मानव से इतर दिखते हैं। कम्प्यूटर … पढ़ना जारी रखें स्टीफन विलियम हॉकिंग : ब्लैक होल को चुनौती देता वैज्ञानिक

वर्नेर हाइजेनबर्ग(Werner Heisenberg)

भौतिक विज्ञान को अनिश्चित कर देने वाले वर्नेर हाइजेनबर्ग

गणित में बेहद रूचि रखने वाले वर्नर हाइजेनबर्ग (Werner Heisenberg) भौतिकी की ओर अपने स्कूल के अंतिम दिनों में आकृष्ट हुए और फिर ऐसा कर गये जिसने प्रचलित भौतिकी की चूलें हिला दीं। वे कितने प्रतिभाशाली रहे होंगे और उनके कार्य का स्तर क्या रहा होगा, इसका अंदाज इस बात से लगता है कि जिस … पढ़ना जारी रखें भौतिक विज्ञान को अनिश्चित कर देने वाले वर्नेर हाइजेनबर्ग

अलबर्ट आइंस्टाइन

अल्बर्ट आइन्स्टाइन (Albert Einstein) : 20 वी सदी के महानतम वैज्ञानिक

मानव इतिहास के जाने-माने वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टाइन (Albert Einstein) 20 वीं सदी के प्रारंभिक बीस वर्षों तक विश्व के विज्ञान जगत पर छाए रहे। अपनी खोजों के आधार पर उन्होंने अंतरिक्ष, समय और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत दिये। वे सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्यमान-ऊर्जा समीकरण E = mc2 के लिए जाने जाते हैं। उन्हें सैद्धांतिक भौतिकी, … पढ़ना जारी रखें अल्बर्ट आइन्स्टाइन (Albert Einstein) : 20 वी सदी के महानतम वैज्ञानिक

प्रतिपदार्थ(Antimatter) से ऊर्जा

प्रतिपदार्थ(Antimatter) से ऊर्जा के निर्माण का सिद्धांत अत्यंत सरल है। पदार्थ(matter) : साधारण पदार्थ जो हर जगह है। नाभिक मे धनात्मक प्रोटान और उदासीन न्युट्रान, कक्षा मे ऋणात्मक इलेक्ट्रान से निर्मित। प्रतिपदार्थ(Antimatter) : इसके गुणधर्म पदार्थ के जैसे ही है लेकिन इसका निर्माण करने वाले कणो का आवेश पदार्थ का निर्माण करने वाले कणो से … पढ़ना जारी रखें प्रतिपदार्थ(Antimatter) से ऊर्जा

LHC(लार्ज हेड्रान कोलाईडर) कैसे कार्य करता है?

25 मार्च 2016 को एक बार फ़िर से लार्ज हेड्रान कोलाईडर को इस वर्ष के भौतिकी के प्रयोगो के लिये आरंभ किया गया, इस वर्ष इसके प्रयोगो से 2015 की तुलना मे छह गुणा अधिक आंकड़ो के प्राप्त होने की आशा है। LHC सबसे विशाल और शक्तिशाली कण त्वरक(Particle Accelerator) है। यह 27 किमी लंबी … पढ़ना जारी रखें LHC(लार्ज हेड्रान कोलाईडर) कैसे कार्य करता है?

मैक्स प्लैंक (Max Planck)

क्वांटम भौतिकी के 115 वर्ष

लगभग 115 वर्ष पहले 14 दिसंबर 1900 मे मैक्स प्लैंक(Max Plank) ने क्वांटम भौतिकी(Quantum Physics) की नींव डाली थी। प्लांक ने ब्लैक बॉडी रेडियेशन पर कार्य करते हुए एक नियम दिया जिसे वीन-प्लांक नियम के नाम से जाना जाता है। बाद में उन्होने पाया कि बहुत से प्रयोगों के परिणाम इससे अलग आते हैं। उन्होने … पढ़ना जारी रखें क्वांटम भौतिकी के 115 वर्ष

इलेक्ट्रान और नाभिक (परमाणु का प्रसिद्ध लेकिन गलत चित्र)

इलेक्ट्रान परमाणु नाभिक मे गीरते क्यों नही है ?

जिस तरह से ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते है उसी तरह इलेक्ट्रान द्वारा परमाणु नाभिक की परिक्रमा करते दर्शाने वाला बायें दिया गया चित्र हम सभी ने देखा ही होगा। यह परमाणु की संरचना दर्शाने वाला सबसे प्रसिद्ध चित्र है तथा हमारे मस्तिष्क मे परमाणु की कल्पना करते समय यही चित्र सामने आता है। 1913 … पढ़ना जारी रखें इलेक्ट्रान परमाणु नाभिक मे गीरते क्यों नही है ?

परमाणू संरचना

कण भौतिकी(Particle Physics) क्या है?

नई वैज्ञानिक खोजो के समाचार मे प्रोटान, इलेक्ट्रान, न्युट्रान, न्युट्रीनो तथा क्वार्क का नाम आते रहता है। ये सभी के परमाण्विक कणो के एक चिड़ीयाघर के सदस्य  है  और ये इतने सूक्ष्म है कि उन्हे सूक्ष्मदर्शी से देखा जाना भी संभव नही है। हम आम तौर पर अपने आसपास जो भी कुछ देखते है वे … पढ़ना जारी रखें कण भौतिकी(Particle Physics) क्या है?

जब भी ट्रिगर दबाया जाता है, दोनो संभव परिणामो को समाविष्ट करने ब्रह्माण्ड का विभाजन हो जाता है और दो समांतर ब्रह्माण्ड बन जाते है।

क्वांटम आत्महत्या और श्रोडीन्गर की बिल्ली

एक व्यक्ति अपने सर पर तनी बंदूक के साथ बैठा है। यह साधारण बंदूक नही है, यह एक क्वांटम सिद्धांत आधारित बंदूक है जो किसी क्वांटम कण के स्पिन को मापने मे सक्षम है। जब भी बंदूक का ट्रिगर दबाया जाता है, एक क्वांटम कण या क्वार्क का स्पिन मापा जाता है। स्पिन के मापन … पढ़ना जारी रखें क्वांटम आत्महत्या और श्रोडीन्गर की बिल्ली

आधुनिक जांचयंत्र

16 सरल क्वांटम भौतिकी : आधुनिक जांचयंत्र(Detectors) द्वारा कण त्वरकों के आंकड़ो का विश्लेषण कैसे होता है ?

अधिकतर आधुनिक जांचयंत्र एकाधिक उपकरणो द्वारा निर्मित होते है, जोकि हर घटना के विभिन्न पहलूओं की जांच करते है। ये सभी उपकरण इस तरह से लगे होते है कि वैज्ञानिक त्वरक मे हो रही कणो के टकराव की घटनाओं से अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें। यह किसी आधुनिक त्वरक का जांचयत्र है: ट्रेकींग … पढ़ना जारी रखें 16 सरल क्वांटम भौतिकी : आधुनिक जांचयंत्र(Detectors) द्वारा कण त्वरकों के आंकड़ो का विश्लेषण कैसे होता है ?

कण त्वरण का एनीमेशन

15 सरल क्वांटम भौतिकी : कण त्वरक(Particle Acclerator) कणो को गति कैसे देते है?

कणो के साथ प्रयोग कैसे किये जाते है ? कण त्वरक भौतिक वैज्ञानिको की दो समस्यायें हल करते है। प्रथम:  सभी कण तरंग की तरह व्यवहार करते है, वैज्ञानिक कणों से संवेग मे वृद्धि कर उनके तरंगदैर्ध्य(Wavelength) को इतना कम करते है कि उनसे परमाणु के अंदर देखा जा सके। द्वितीय:  इन गतिमान कणो की ऊर्जा से … पढ़ना जारी रखें 15 सरल क्वांटम भौतिकी : कण त्वरक(Particle Acclerator) कणो को गति कैसे देते है?

इलेक्ट्रान : जांच कण

14 सरल क्वांटम भौतिकी : यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ? : कण त्वरक (Particle Accelerator)

भौतिक वैज्ञानिक प्रकाश को परमाणु तथा परमाणु से छोटे कणो की जांच के लिये प्रयोग नही कर सकते हैं, क्योंकि प्रकाश का तरंगदैर्ध्य(Wavelength) इन कणो के आकार से अधिक होता है। पिछले लेख मे हम देख चुके हैं कि किसी भी वस्तु की जांच के लिये उससे छोटे जांचयंत्र(तरंग) का प्रयोग करना आवश्यक होता है। … पढ़ना जारी रखें 14 सरल क्वांटम भौतिकी : यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ? : कण त्वरक (Particle Accelerator)

हमारी आंखे और विश्व का अहसास

13 सरल क्वांटम भौतिकी : यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ?

यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ? मान लेते हैं कि रदरफोर्ड के प्रयोग के जैसे अन्य प्रयोगों से मूलभूत कणो की उपस्थिति जान पाना संभव है लेकिन हम यह कैसे जाने कि वास्तव मे क्या हो रहा है ? श्रोत/लक्ष्य/जांच ( source/target/detection) के सबसे सामान्य उदाहरण को लेते है , … पढ़ना जारी रखें 13 सरल क्वांटम भौतिकी : यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ?

प्रति-पदार्थ ?

11 सरल क्वांटम भौतिकी: भौतिकी के अनसुलझे रहस्य

अब तक हमने सभी मूलभूत कणो और मूलभूत बलों की जानकारी प्राप्त की है। क्या इसका अर्थ है कि इसके आगे जानने के लिये कुछ भी शेष नही है ? नही! हमारी वर्तमान भौतिकी अधूरी है, हमारे पास ऐसे बहुत से प्रश्न है, जिसका कोई उत्तर नही है। हमारा सबसे सफल सिद्धांत ’स्टैंडर्ड माडेल’ अपूर्ण … पढ़ना जारी रखें 11 सरल क्वांटम भौतिकी: भौतिकी के अनसुलझे रहस्य

कण-प्रतिकण का टकराव और विनाश

10 सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत कणो का विनाश (Particle Anhilation)

इस श्रृंखला मे यह कई बार आया है कि जब भी एक कण अपने प्रति-कण से टकराता है, तब दोनो कणो का विनाश होकर ऊर्जा का निर्माण होता है। इस लेख मे इस प्रक्रिया को विस्तार से देखेंगे। कणो का विनाश(particle anhilation) और कणो का क्षय(particle decay) दो अलग अलग प्रक्रिया है। कणो के क्षय मे एक मूलभूत … पढ़ना जारी रखें 10 सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत कणो का विनाश (Particle Anhilation)

भारी परमाणु केन्द्रक

09 सरल क्वांटम भौतिकी: रेडियो सक्रियता क्यों होती है?

पिछले भाग मे हमने अस्थायी या अस्थिर परमाणु केन्द्रक से संबंधित कुछ प्रश्न देखे थे : भारी परमाणु केन्द्रक अस्थायी क्यों होता है? किसी परमाणु केन्द्रक का किसी प्रायिकता(Probability) के आधार पर क्षय क्यों होता है ? परमाणु केन्द्रक के क्षय मे द्रव्यमान का भी क्षय होता है, यह द्रव्यमान कहाँ जाता है ? इस … पढ़ना जारी रखें 09 सरल क्वांटम भौतिकी: रेडियो सक्रियता क्यों होती है?

नाभिकिय क्षय

08 सरल क्वांटम भौतिकी:कणों का क्षय और विनाश(Particle Decay and Annihilation)

कणों का क्षय (Particle Decay) स्टैंडर्ड मॉडल के अनुसार मूलभूत कणों का अन्य कणों में क्षय संभव है। नाभिकीय क्षय में एक परमाणु का केन्द्र छोटे केन्द्रों में टूट जाता है। अर्थात एक बड़े परमाणु से दो छोटे परमाणु बनते है। प्रोटान और न्यूट्रॉन के एक बड़े समूह का प्रोटान और न्यूट्रॉन के छोटे समूहों में बंट … पढ़ना जारी रखें 08 सरल क्वांटम भौतिकी:कणों का क्षय और विनाश(Particle Decay and Annihilation)

फर्मीयान कण और बोसान कण

07 सरल क्वांटम भौतिकी: क्वांटम यांत्रिकी

मानव मन किसी भी नये तथ्य को समझने के लिये उसकी अपने आसपास की रोज़मर्रा की वस्तुओं और उनके व्यवहार से तुलना करके देखता है। इसी तथ्य के कारण शिक्षक हर सिद्धांत को समझाने कुछ उदाहरण देते रहते हैं। लेकिन यह बड़े पैमाने की वस्तुओं तक ही सीमित है, परमाणु स्तर पर यह नही किया जा सकता है; इस … पढ़ना जारी रखें 07 सरल क्वांटम भौतिकी: क्वांटम यांत्रिकी

कमजोर नाभिकिय बल

06 सरल क्वांटम भौतिकी: कमजोर नाभिकिय बल और गुरुत्वाकर्षण

अब तक हम चार मूलभूत प्रतिक्रियाओं मे से दो प्रतिक्रिया विद्युत-चुंबकीय तथा मजबूत नाभिकिय प्रक्रिया देख चूके है। अब हम कमजोर नाभिकिय प्रक्रिया की चर्चा करेंगे। यदि आपने इस श्रृंखला के प्रारंभिक लेख नही पढ़े है, तो आगे बढ़ने से पहले उन्हे पढ़ें। मूलभूत क्या है ? ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1? ब्रह्माण्ड किससे निर्मित … पढ़ना जारी रखें 06 सरल क्वांटम भौतिकी: कमजोर नाभिकिय बल और गुरुत्वाकर्षण

ग्लुआन

05 सरल क्वांटम भौतिकी: परमाणु को कौन बांधे रखता है?

हम जानते है कि किसी परमाणु के दो भाग होते है,  प्रोटान और न्यूट्रॉन से बना परमाणु क्रेन्द्रक और उसके चारो ओर इलेक्ट्रान का बादल। परमाणु केन्द्र प्रोटानो के फलस्वरूप धनात्मक आवेशित होता है और विद्युत-चुंबकीय बलो के फलस्वरूप इलेक्ट्रान उसके चारो ओर परिक्रमा करते रहते है। अब हमारे पास एक और समस्या है, परमाणु केन्द्र … पढ़ना जारी रखें 05 सरल क्वांटम भौतिकी: परमाणु को कौन बांधे रखता है?

4 मूलभूत प्रतिक्रियाएँ

04 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?

अब हम अच्छी तरह से जानते हैं कि विश्व किस से बना है : क्वार्क और लेप्टान से। ठीक है… लेकिन विश्व एक साथ कैसे बंधा है ? क्यों क्वार्क मिलकर प्रोटान/न्युट्रान बनाते है ? कैसे प्रोटान न्युट्रान से परमाणु, परमाणुओं से अणु, अणुओं से पदार्थ, पदार्थ से ग्रह, तारे, आकाशगंगा और ब्रह्माण्ड बने है … पढ़ना जारी रखें 04 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?

पदार्थ का निर्माण करने वाले मूलभूत घटक

03 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?

अभी तक हम क्वार्क और क्वार्क से निर्मित यौगिक कण बारयान और हेड्रान को देख चुके है। अब हम कहानी के दूसरे भाग लेप्टान पर नजर डालते है। यदि आपने इस श्रृंखला के प्रारंभिक लेख नही पढ़े है, तो आगे बढ़ने से पहले उन्हे पढ़ें। मूलभूत क्या है ? ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1? लेप्टान दूसरी तरह … पढ़ना जारी रखें 03 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?

आकाशगंगा, पर्वत तथा जल अणु

02 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?

क्वार्क और लेप्टान अभी तक आपने पढा़ है कि आकाशगंगा से लेकर पर्वत से लेकर अणु तक सब कुछ क्वार्क और लेप्टान से बना है। लेकिन यह पूरी कहानी नही है। क्वार्क का व्यवहार लेप्टान से भिन्न होता है। हर पदार्थ कण का एक प्रतिपदार्थ कण(antimatter particle) होता है। यदि आपने इस श्रृंखला का प्रारंभिक … पढ़ना जारी रखें 02 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?

01 सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत क्या है ?

 सनातन प्रश्न सदियों से मानव के मन मे प्रश्न रहा है: “विश्व किससे निर्मित है?” “इसे कौन बांधे रखता है?” प्रश्न: इस पुतले का नाम क्या है और इसका शिल्पकार कौन है? उत्तर : शिल्पकार: राडीन (Rodin)  नाम: द थिंकर (The Thinker) पढ़ना जारी रखें 01 सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत क्या है ?

38 विचार “सरल क्वांटम भौतिकी&rdquo पर;

    1. ऋण और धन मानव के बनाये दो चिह्न है। इलेक्ट्रान और प्रोटान दो विपरित आवेश वाले कण है। इलेक्ट्रान को ऋण माने तो प्रोटान धन हो जाता है। इसका उल्टा भी मान ले तो कोई फ़र्क नही पड़ेगा।

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    1. द्रव्यमान और ऊर्जा एक ही चीज के दो रूप है। फोटान मे सारा द्रव्यमान ऊर्जा के रूप मे होता है। अन्य कणो मे द्रव्यमान और ऊर्जा दोनो की मात्रा होती है जिसमे द्रव्यमान की मात्रा ऊर्जा से कहीं अधिक होती है।

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    1. श्याम विवर(black hole) भूखे दानव है, ये प्रकाश को भी निगल लेते है। इनमे प्रकाश नष्ट नही होता है, बस उनके केंद्र मे जमा हो जाता है।
      ये तारो, ग्रहो, गैस मे महाकाय बादलो को भी खींच लेते है। लेकिन इनमे भौतिकी के किसी भी नियम का उल्लंघन नही होता है। उल्टे सच यह है कि यदि श्याम विवर ना होते तो भौतिकी के नियमो का उल्लंघन होता।

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    1. हर वस्तु का द्रव्यमान होता है, द्रव्यमान से गुरुत्वाकर्षण उत्पन्न होता है। गुरुत्वाकर्षण का केंद्र उस वस्तु के मध्य होता है। यदि उस वस्तु का द्रव्यमान अधिक हो तो गुरुत्वाकर्षण वस्तु के हर कण को केंद्र की ओर खिचता है ऐसी स्थिति में वह वस्तु गोल हो जाती है। गोल ही अकेला आकार है जिसमे सतह के सभी बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होते है।

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      1. पृथ्वी का आकार पूर्णत गोल ना हो कर मोसंबी के जैसा है। अर्थात विषुवत पर फैली हुयी है और ध्रुवो पर चपटी है। आकार मे यह विकृतता पृथ्वी के घूर्णन से आती है। घूर्णन के कारण पृथ्वी ध्रुवो पर चपटी और विषुवत पर फ़ूल जाती है। घूर्णन से उत्पन्न केंद्रापसारी बल विषुवत पर गुरुत्वाकर्षण पर भारी पड़ता है।

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    1. तरंग (wave) का कोई आवेश नही होता है! विद्युत चुंबकीय आवेश से प्रकाश(या दूसरे शब्दो मे विद्युत चुंबकीय विकिरण/EMF Radiation) उत्सर्जित होता है, वह ऊर्जा मात्र होती है , आवेशित नही।
      कण दो तरह के होते है, पदार्थ कण और बलवाहक। आवेश केवल पदार्थ कणो मे हो सकता है जैसे इलेक्ट्रान, प्रोटान। बलवाहक कण जैसे फोटान का आवेश नही होता है।

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    1. विज्ञान वह व्यवस्थित ज्ञान या विद्या है जो विचार, अवलोकन, अध्ययन, और प्रयोग से मिलती है, जो कि किसी अध्ययन के विषय की प्रकृति या सिद्धान्तों को जानने के लिये किये जाते हैं। विज्ञान शब्द का प्रयोग ज्ञान की ऐसी शाखा के लिये भी करते हैं, जो तथ्य, सिद्धान्त और तरीकों को प्रयोग और परिकल्पना से स्थापित और व्यवस्थित करती है । इस प्रकार कह सकते हैं कि किसी भी विषय का क्रमबद्ध ज्ञान को विज्ञान कह सकते है। ऐसा कहा जाता है कि विज्ञान के ‘ज्ञान-भण्डार’ के बजाय वैज्ञानिक विधि विज्ञान की असली कसौटी है।

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