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लैमेथ के VJ-23X ने आकाशगंगा के छोटे आकार वाले त्रि-आयामी लघु मानचित्र की काली गहराइयों में देखता हुआ बोला,
“कभी-कभी मुझे लगता है, क्या हम इस विषय को लेकर आवश्यकता से अधिक चिंतित होकर हास्यास्पद नहीं बन रहे हैं?”
निक्रॉन के MQ-17J ने सिर हिलाया, “मुझे नहीं लगता। आप जानते हैं कि वर्तमान विस्तार-दर से पाँच साल में आकाशगंगा पूरी तरह भर जाएगी।”
दोनों ही बीस-बाईस साल के लग रहे थे; दोनों लंबे और अच्छी कद-काठी वाले थे।
VJ-23X ने कहा, “फिर भी, गैलेक्टिक काउंसिल को निराशाजनक रिपोर्ट सौंपने में मुझे हिचकिचाहट हो रही है।”
“मैं तो किसी और तरह की रिपोर्ट के बारे में सोच भी नहीं सकता। उन्हें थोड़ा झकझोरना होगा। हमें उन्हें जगाना होगा।”
VJ-23X ने आह भरी। “अंतरिक्ष अनंत है। वहाँ सौ अरब आकाशगंगाएं हैं जिन्हें प्रयोग किया जा सकता है। और भी ज़्यादा हों।”
“सौ अरब अनंत नहीं होते, और समय के साथ यह संख्या भी कम होती जा रही है। सोचो! बीस हज़ार वर्ष पहले मानव जाति ने पहली बार तारकीय ऊर्जा का उपयोग करना सीखा था, और कुछ ही शताब्दियों बाद तारों के बीच यात्रा संभव हो गई। एक छोटे-से ग्रह को भरने में मानवता को दस लाख वर्ष लगे, लेकिन पूरी आकाशगंगा को भरने में केवल पंद्रह हज़ार वर्ष लगे। अब जनसंख्या हर दस वर्ष में दोगुनी हो रही है।”
VJ-23X ने बात काटते हुए कहा। “इसके लिए हम अमरता को धन्यवाद दे सकते हैं।”
“ठीक है। अमरता मौजूद है और हमें उसे ध्यान में रखना ही होगा। मैं मानता हूँ कि अमरता का एक अंधेरा पक्ष भी है। गैलेक्टिक AC ने हमारी अनेक समस्याएँ हल की हैं, लेकिन वृद्धावस्था और मृत्यु को रोकने की समस्या हल करके उसने अपनी बाकी सभी उपलब्धियों को लगभग निष्फल कर दिया है।”
“फिर भी तुम जीवन त्यागना नहीं चाहोगे, मेरा ख्याल है।”
“बिल्कुल नहीं,” MQ-17J ने तीखे स्वर में कहा, फिर तुरंत नरम पड़ते हुए बोला, “अभी तो बिल्कुल नहीं। मैं अभी इतना बूढ़ा भी नहीं हूँ। तुम्हारी उम्र कितनी है?”
“दो सौ तेईस वर्ष। और तुम्हारी?”
“अभी दो सौ से कम हूँ। लेकिन मूल विषय पर लौटते हैं। जनसंख्या हर दस वर्ष में दोगुनी हो रही है। एक बार यह आकाशगंगा भर गई, तो दस वर्ष बाद दूसरी भी भर जाएगी। अगले दस वर्षों में दो और। फिर अगले दशक में चार और। सौ वर्षों में हम एक हज़ार आकाशगंगाएँ भर चुके होंगे। एक हज़ार वर्षों में दस लाख आकाशगंगाएँ। और दस हज़ार वर्षों में पूरा ज्ञात ब्रह्माण्ड। उसके बाद क्या?”
VJ-23X ने कहा,”एक अन्य समस्या परिवहन की भी है। मैं सोचता हूँ कि लोगों की पूरी-की-पूरी आकाशगंगाओं को एक आकाशगंगा से दूसरी में ले जाने के लिए कितनी सूर्य-शक्ति इकाइयाँ (Sunpower Units) चाहिए होंगी।”
“बहुत अच्छा प्रश्न है। अभी भी मानवता प्रति वर्ष दो सूर्य-शक्ति इकाइयों की ऊर्जा का उपभोग करती है।”
“उसका अधिकांश भाग तो व्यर्थ चला जाता है। आखिर हमारी अपनी आकाशगंगा ही प्रति वर्ष एक हज़ार सूर्य-शक्ति इकाइयाँ उत्सर्जित करती है और हम उनमें से केवल दो का उपयोग करते हैं।”
“मान लिया, लेकिन सौ प्रतिशत दक्षता होने पर भी हम केवल अंत को कुछ समय के लिए टाल सकते हैं। हमारी ऊर्जा की आवश्यकता हमारी जनसंख्या से भी अधिक तेजी से ज्यामितीय अनुपात में बढ़ रही है। आकाशगंगाओं के समाप्त होने से पहले ही हमारी ऊर्जा समाप्त हो जाएगी। यह वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण समस्या है।”
“तो हमें अंतरतारकीय गैस से नए तारे बनाने होंगे।”
MQ-17J ने तंज़ कसते हुए पूछा “या फिर बिखर चुकी ऊष्मा से?”
“संभव है एंट्रॉपी को उलटने का कोई तरीका हो। हमें गैलेक्टिक AC से पूछना चाहिए।”
V7J-23X असल में गंभीर नहीं था, लेकिन MQ-17J ने अपनी जेब से AC-संपर्क यंत्र निकाला और उसे अपने सामने मेज़ पर रख दिया।
“मेरा मन सचमुच पूछने का हो रहा है,” उसने कहा। “यह एक ऐसी समस्या है जिसका सामना मानव जाति को किसी न किसी दिन करना ही पड़ेगा।”
वह गंभीरता से अपने छोटे-से AC-संपर्क यंत्र को देखने लगा। वह केवल दो इंच का एक घनाकार उपकरण था और अपने-आप में कुछ विशेष नहीं था, किंतु हाइपरस्पेस के माध्यम से वह विशाल गैलेक्टिक AC से जुड़ा हुआ था, जो पूरी मानवता की सेवा करता था। हाइपरस्पेस के संदर्भ में वह स्वयं गैलेक्टिक AC का एक अभिन्न अंग था।
MQ-17J एक क्षण के लिए सोचने लगा कि क्या अपने अमर जीवन में वह कभी गैलेक्टिक AC को प्रत्यक्ष देख पाएगा। वह एक छोटे-से पृथक संसार पर स्थित था, जहाँ बल-किरणों का जाल पदार्थ को बाँधे रखता था और उप-मेसॉन (Submesons) की धाराएँ पुराने, भारी-भरकम आणविक वाल्वों का स्थान ले चुकी थीं। फिर भी, अपनी अत्याधुनिक संरचना के बावजूद, गैलेक्टिक AC का आकार लगभग एक हज़ार फुट चौड़ा माना जाता था।
अचानक MQ-17J ने अपने AC-संपर्क यंत्र से पूछा,
“क्या एंट्रॉपी को कभी उलटा जा सकता है?”
VJ-23X चौंक गया और तुरंत बोला, “अरे, मेरा मतलब यह नहीं था कि तुम यह पूछो?”
“क्यों नहीं?”
“हम दोनों जानते हैं कि एंट्रॉपी को उलटा नहीं जा सकता। तुम धुएँ और राख को वापस पेड़ में नहीं बदल सकते।”
“क्या तुम्हारी दुनिया में पेड़ हैं?” MQ-17J ने पूछा।
उसी समय गैलेक्टिक AC की आवाज़ सुनाई दी और दोनों चुप हो गए। उसकी आवाज़ मेज़ पर रखे छोटे-से AC-संपर्क यंत्र से मधुर और पतली ध्वनि में निकली:
THERE IS INSUFFICIENT DATA FOR A MEANINGFUL ANSWER. (सार्थक उत्तर देने के लिए पर्याप्त आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं।)
VJ-23X ने कहा, “देखा!” इसके बाद दोनों लोग उस रिपोर्ट के प्रश्न पर वापस लौट आए जो उन्हें गैलेक्टिक काउंसिल को देनी थी।

