जेम्स क्लार्क मैक्सवेल : जिन्होने सापेक्षतावाद की नींव रखी


जेम्स क्लार्क मैक्सवेल (James Clerk Maxwell) स्कॉटलैण्ड (यूके) के एक विख्यात गणितज्ञ एवं भौतिक वैज्ञानिक थे। इन्होंने 1865 ई. में विद्युत चुम्बकीय सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जिससे रेडियो और टेलीविजन का आविष्कार सम्भव हो सका। क्लासिकल विद्युत चुंबकीय सिद्धांत, चुंबकत्व और प्रकाशिकी के क्षेत्र में दिए गए सिद्धांतों के लिए उन्हें प्रमुखता से याद किया…

कांच के गुंबदो के अंदर मानव कालोनी(कोपरनिकस डोम)

मानवता : पृथ्वी के अतिरिक्त एक और घर की तलाश


शीत ऋतु , अमावस की रात, निरभ्र आकाश मे चमकते टिमटिमाते तारे, उत्तर से दक्षिण की ओर तारों से भरा श्वेत जलधारा के रूप मे मंदाकीनी आकाशगंगा का पट्टा! आकाश के निरीक्षण के लिये इससे बेहतर और क्या हो सकता है। अपनी दूरबीन उठाई और आ गये छत पर; ग्रह, तारों और निहारिकाओ को निहारने…

चित्रकार की कल्पना मे नौंवा ग्रह

टेरा फ़ार्मिंग: किसी ग्रह को जीवन योग्य बनाना


हमारी अब तक की जानकारी के अनुसार द्रव जल जीवन के लिये आवश्यक है, इसके बिना जीवन संभव नही है। पृथ्वी पर हर कहीं द्रव जल उपलब्ध है और जीवन ने पनपने का मार्ग खोज निकाला है। इसलिये मानव अंतरिक्ष अण्वेषण मे सबसे पहले जल खोजता है। अब तक चंद्रमा, मंगल, युरोपा और एन्सलेडस पर जल…

प्रस्तावित ब्रह्माण्ड का सबसे पहला निर्मित तारा, विशाल आकार के साथ नीले रंग में दिखाया गया है। यह तारा पूरी तरह से गैसीय तंतुओं से निर्मित हुआ है इसके पृष्टभूमि पर खगोलीय माइक्रोवेव(cosmic microwave background: CMB) को देखा जा सकता है। यह छवि रेडियो अवलोकनों पर आधारित है क्योंकि हम शुरुआती तारों को सीधे तौर पर नही देख सकते। शोधकर्ताओं के अनुसार खगोलीय माइक्रोवेव पृष्टभूमि की मंदता से तारे की उपस्थिति का अनुमान लगाने में मदद मिलती है क्योंकि खगोलीय माइक्रोवेव सितारों से निकले परावैगनी प्रकाश को अवशोषित कर लेते है। छवि में जहां पर खगोलीय माइक्रोवेव पृष्टभूमि कम है यह दर्शाता है वहां गैसीय तंतु अपेक्षा से कही अधिक ठंडे हो सकते है संभव है वे डार्क मैटर के साथ परस्पर प्रतिक्रिया कर रहे हो। Credit: N.R.Fuller, National Science Foundation.

ब्रह्माण्ड के शुरुआती सितारों के जन्म का रहस्य


महा विस्फोट का सिद्धांत ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संदर्भ में सबसे ज्यादा मान्य है। यह सिद्धांत व्याख्या करता है कि कैसे आज से लगभग 13.8 अरब वर्ष पूर्व एक अत्यंत गर्म और घनी अवस्था से ब्रह्मांड का जन्म हुआ। इसके अनुसार ब्रह्मांड की उत्पत्ति एक बिन्दु से हुयी थी। ब्रह्माण्ड का जन्म अर्थात बिग बैंग…

चित्र1: 3.75 अरब साल बाद एंड्रोमेडा और मिल्की वे लगभग आमने सामने आ जायेंगे और अंतरिक्ष से वो नजारा कुछ ऐसा ही दिखाई देगा। Credit: NASA/ESA/Z. Levay/R. van der Marel/T. Hallas/A. Melliger.

जब एंड्रोमिडा आकाशगंगा हमारी आकाशगंगा से टकरायेगी


आज से तकरीबन चार अरब वर्षों के बाद हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी (मिल्की वे) और एंड्रोमेडा आकाशगंगा आपस मे टकरा जाएगी लेकिन अफसोस तबतक हमारा सूर्य एक विशाल लाल तारा बन चुका होगा। न ही पृथ्वी और न ही सौर मंडल इस खगोलीय टकराव का साक्षी होगा। दो पड़ोसी आकाशगंगाओं का मिलन बड़ा दुर्लभ होता है…

हम तारों की दूरी कैसे ज्ञात कर लेते है ?


हम तारों की दूरी कैसे ज्ञात कर लेते है ? हम कैसे बता पाते है की उस तारे की दूरी उतनी है इस तारे की दूरी इतनी है ? यह ऐसे सवाल है जो विज्ञान विश्व पृष्ठ पर सबसे ज्यादा लोगो ने सबसे ज्यादा बार पूछा है। ब्रह्माण्ड में स्थित तारों, ग्रहों या आकाशगंगाओं की…

स्टीफन विलियम हॉकिंग : ब्लैक होल को चुनौती देता वैज्ञानिक


विश्व प्रसिद्ध महान वैज्ञानिक और बेस्टसेलर रही किताब ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ के लेखक स्टीफन हॉकिंग ने शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हु्ए यह साबित किया कि अगर इच्छा शक्ति हो तो व्यक्ति कुछ भी कर सकता है। हमेशा व्हील चेयर पर रहने वाले हॉकिंग किसी भी आम मानव से इतर दिखते हैं। कम्प्यूटर…