4 अक्तूबर 1957 : ‘स्पुतनिक’ का प्रक्षेपण


चार अक्तूबर का दिन मानव के अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास मे एक स्वर्णिम पृष्ठ है। इसी दिन चार अक्तूबर 1957 को पृथ्वी की सतह से पहली … पढ़ना जारी रखें 4 अक्तूबर 1957 : ‘स्पुतनिक’ का प्रक्षेपण

दूनिया की सैर कर लो!


क्या आपने कभी पृथ्वी की अंतरिक्ष से परिक्रमा का सपना देखा है ? सुदूर आकाश से पृथ्वी के उपर से उड़ान ! अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अंतरिक्षयात्री रोजाना ऐसा करते है। हमारी अपनी घूर्णन करती हुयी पृथ्वी की हर तीन घंटे मे एक … पढ़ना जारी रखें दूनिया की सैर कर लो!

लुब्धक तारा अर्थात सिरिअस तारा


लुब्धक तारा(Sirius) रात्री आकाश मे सबसे ज्यादा चमकदार तारा है। यह सूर्य के सबसे समीप के तारों मे से एक है, इसकी दूरी 9 प्रकाशवर्ष है। सौर मंडल से दूरी मे इसका स्थान सांतवां है। रात्री आकाश मे इसे खोजना … पढ़ना जारी रखें लुब्धक तारा अर्थात सिरिअस तारा

एक फूल दो माली :दो सितारों की परिक्रमा करता ग्रह केप्लर 16b


अंतरिक्ष वेधशाला केप्लर ने एक तारा युग्म की परिक्रमा करते हुये एक ग्रह की खोज की है। इस नये खोजे गये ग्रह का नाम केप्लर16b रखा गया है। ब्रह्माण्ड मे युग्म तारे या दो से अधिक तारा प्रणाली काफी सामान्य … पढ़ना जारी रखें एक फूल दो माली :दो सितारों की परिक्रमा करता ग्रह केप्लर 16b

स्वर्ण

सोना कितना सोना है ?


स्वर्ण/सोना मानव मन को सदियों से ललचाता रहा है! लेकिन स्वर्ण की उत्पत्ती कैसे हुयी ? हम यहा पर स्वर्ण खदानो की चर्चा नही कर रहे … पढ़ना जारी रखें सोना कितना सोना है ?

ओमेगा सेन्टारी तारा परिवार : तारो का गोलाकार समूह(Globular Cluster)


अतरिक्ष मे रेत के एक बड़े गोले के जैसे आकृति वाला कौनसा पिंड है ? यह एक तारो का गोलाकार समूह(Globular Cluster ) है, इसे ओमेगा … पढ़ना जारी रखें ओमेगा सेन्टारी तारा परिवार : तारो का गोलाकार समूह(Globular Cluster)