केप्लर अंतरिक्ष वेधशाला: सूर्य सदृश तारे के जीवन योग्य क्षेत्र मे पृथ्वी सदृश ग्रह की खोज!


यह एक बड़ा समाचार है। अंतरिक्ष वेधशाला केप्लर ने सूर्य के जैसे तारे के जीवन योग्य क्षेत्र(गोल्डीलाक क्षेत्र) मे एक ग्रह की खोज की गयी है। और यह ग्रह पृथ्वी के जैसे भी हो सकता है। इस तारे का नाम केप्लर … पढ़ना जारी रखें केप्लर अंतरिक्ष वेधशाला: सूर्य सदृश तारे के जीवन योग्य क्षेत्र मे पृथ्वी सदृश ग्रह की खोज!

मंगल की यात्रा पर मानव उत्सुकता (मंगल शोध वाहन ’क्यूरियोसिटी ’)


अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने शनिवार 26, नवंबर 2011 को मंगल ग्रह पर अब तक का अपना सबसे उत्कृष्ट रोबोटिक रोवर को भेज दिया है। … पढ़ना जारी रखें मंगल की यात्रा पर मानव उत्सुकता (मंगल शोध वाहन ’क्यूरियोसिटी ’)

यूरोपा पर जीवन की संभावनाएं पहले से ज्यादा !


हम वर्षो से यह जानते रहे है कि बृहस्पति का चन्द्रमा यूरोपा मे ठोस जमी हुयी सतह के नीचे द्रव जल का महासागर है। यूरोपा की लगभग पूरी सतह ठोस बर्फ से बनी हुयी है। हम यह भी जानते हैं कि इस … पढ़ना जारी रखें यूरोपा पर जीवन की संभावनाएं पहले से ज्यादा !

अंततः मानव अंतरिक्षयान की वापसी : सोयुज का सफल प्रक्षेपण


नवंबर 14,2011 को रूसी सोयुज राकेट का भारी हिमपात के मध्य सफल प्रक्षेपण हुआ। इस अंतरिक्षयान मे तीन अंतरिक्षयात्री है, जिनमे एक अमरीकी (डैनीयल सी बरबैंक) … पढ़ना जारी रखें अंततः मानव अंतरिक्षयान की वापसी : सोयुज का सफल प्रक्षेपण

पंख और हथौड़ा मे से पहले ज़मीन पर कौन पहुँचेगा ?


यदि आप एक हथौड़े और एक पंख को कुछ ऊंचाई से एक साथ छोड़े तो सबसे पहले ज़मीन पर कौन पहुंचेगा ? पृथ्वी पर निश्चय ही हथौड़ा पहुंचेगा लेकिन पंख पर वायु के अधिक प्रतिरोध के कारण। चंद्रमा के जैसी वायुरहित स्थिति मे दोनो … पढ़ना जारी रखें पंख और हथौड़ा मे से पहले ज़मीन पर कौन पहुँचेगा ?

ब्रह्मांडीय जलप्रपात


इस ब्रह्माण्डीय जलप्रपात निहारिका का निर्माण कैसे हुआ ? कोई नही जानता! इस चित्र मे प्रस्तुत संरचना NGC 1999 का भाग है जो कि बृहद ओरीयान … पढ़ना जारी रखें ब्रह्मांडीय जलप्रपात