जाक डुबोशे(Jacques Dubochet), योआखिम फ्रैंक(Joachim Frank) और रिचर्ड हेंडरसन(Richard Henderson)

नोबेल पुरस्कार 2017: रसायन का नोबेल पुरस्कार क्रायो माइक्रोस्कोपी के आविष्कारकों को


  2017 का रसायन का नोबेल पुरस्कार जाक डुबोशे(Jacques Dubochet), योआखिम फ्रैंक(Joachim Frank) और रिचर्ड हेंडरसन(Richard Henderson) को संयुक्त रूप से दिया गया है। इन तीनों को क्रायो इल्केट्रॉन माइक्रोस्कोपी के विकास के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। यह … पढ़ना जारी रखें नोबेल पुरस्कार 2017: रसायन का नोबेल पुरस्कार क्रायो माइक्रोस्कोपी के आविष्कारकों को

डा. गिरिराज सिंह सिरोही

दक्षिणी ध्रुव में एक भारतीय वैज्ञानिक


जैव घड़ी और भारतीय वैज्ञानिक:  अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को जैव घड़ी के रहस्यों का पता लगाने के लिए इस साल का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया है। उन महान वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई।  इस अवसर पर हमें … पढ़ना जारी रखें दक्षिणी ध्रुव में एक भारतीय वैज्ञानिक

नोबेल पुरस्कार 2017: अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को मिला भौतिकी का नोबेल पुरस्कार


अमेरिकी खगोलविज्ञानियों बैरी बैरिश(Barry C. Barish), किप थोर्ने (Kip S. Thorne) और रेनर वेस (Rainer Weiss),   को गुरत्व तरंगों की खोज के लिए इस साल का भौतिक विज्ञान का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है। उनकी यह खोज … पढ़ना जारी रखें नोबेल पुरस्कार 2017: अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को मिला भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

नोबेल पुरस्कार 2017: अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को मिला चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार


अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों जैफ्री सी हाल, माइकल रोसबाश तथा माइकल डब्ल्यू यंग को इस साल के चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों जैफ्री सी हाल, माइकल रोसबाश तथा माइकल डब्ल्यू यंग को … पढ़ना जारी रखें नोबेल पुरस्कार 2017: अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को मिला चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार

वैज्ञानिक विधी

वैज्ञानिकों का व्यवहार अवैज्ञानिक क्यों?


आधुनिक काल को हम वैज्ञानिक युग की संज्ञा देते हैं। विज्ञान ने मानव के सामर्थ्य एवं सीमाओं का विस्तार किया है। विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच गहरा संबंध होता है। आज अनगिनत उपकरण व डिवाइस हमारे दैनिक जीवन के … पढ़ना जारी रखें वैज्ञानिकों का व्यवहार अवैज्ञानिक क्यों?

मानवता का दूत : 20 अरब किलोमीटर दूर जा चुका वायेजर क्या है?


खोज करना मानव की फ़ितरत है। इसके लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार होता है। तभी तो, मानव उस चीज़ को खोजने में जुटा हुआ है, जिसकी कोई हद नहीं। जिसका कोई ओर-छोर नहीं। पर, वो आख़िर … पढ़ना जारी रखें मानवता का दूत : 20 अरब किलोमीटर दूर जा चुका वायेजर क्या है?