ये क्या जगह है दोस्तो !


मुझसे यदि यह अनुमान लगाने कहा जाता कि नीचे दी गयी तस्वीर कहां की है मै निश्चय ही मंगल ग्रह कहता। आप क्या सोचते है ? … पढ़ना जारी रखें ये क्या जगह है दोस्तो !

सौर ज्वाला! सूर्य पर आया चुंबकित तूफान। सूर्य के ग्यारह-वर्षीय चक्र के गुज़रने के दौरान ऐसी सौर हलचलें देखी गईं।

सौर ज्वाला


क्या हो रहा है सूर्य पर ! तस्वीर के दाये निचे कोने पर ध्यान दिजिये ! क्या है यह ? यह तस्वीर सोलर डायनेमिक्स ओबजरवेटोरी द्वारा … पढ़ना जारी रखें सौर ज्वाला

स्टार वार की वापसी- अंतरिक्ष से जासूसी : अमरीकी अंतरिक्ष यान एक्स 37


बोइंग एक्स 37 अमरीकी मानवरहित अंतरिक्षयान है। यह अमरीकी वायु सेना द्वारा पृथ्वी की कक्षा मे पुनःप्रयोग किये जाने वाली तकनिको के प्रदर्शन मे उपयोग मे लाया गया है। इसकी लंबाई 8.9 मीटर है और इसमे पिछले हिस्से मे दो पंख लगे है।

अमरीका ने इस यान को गोपनिय रखा था लेकिन विश्व भर मे फैले शौकिया खगोल विज्ञानियो(Amateur Astronomers) ने इसे पृथ्वी की कक्षा मे देख लिया। शौकिया खगोल विज्ञानियो के अनुसार इस यान का लक्ष्य अंतरिक्ष से निगरानी तथा सैनिक सर्वेक्षण है। उनके अनुसार एक्स 37बी उत्तर कोरीया, अफगानीस्तान के उपर से गुजरा था तथा यह यान हर चार दिनो मे उसी स्थान से गुजरता है। इस यान की कक्षा 410 किमी है जो कि सैनिक सर्वेक्षण उपग्रहो की होती है। पढ़ना जारी रखें “स्टार वार की वापसी- अंतरिक्ष से जासूसी : अमरीकी अंतरिक्ष यान एक्स 37”

ब्रम्हाण्डिय पुष्प


नाजूक ब्रम्हाण्डीय पंखुड़ीयो की तरह यह खगोलीय धूल और गैस का बादल 1300 प्रकाशवर्ष दूर सेफियस नक्षत्रमंडल मे पुष्पित हो रहा है ! इसे इण्द्रधनुष की ग्रीक … पढ़ना जारी रखें ब्रम्हाण्डिय पुष्प

तारे का जन्म

लाखों तारे आसमां मे


आप से एक मासूम सा प्रश्न है। कितने दिनों पहले आपने रात्रि में आसमान में सितारों को देखा है ? कुछ दिन, कुछ माह या कुछ वर्ष पहले ? कब आप अपने घर की छत पर या आंगन में आसमानी सितारों के तले सोये है ? बच्चों को तारों को दिखाकर बताया है कि वह जो तारा दिख रहा है वह ध्रुव तारा है, उसके उपर सप्तऋषि है ? वो देखो आकाश के मध्य में व्याघ्र है ?

आज इन तारों के बारे में बात की जाये ।

आसमान में जो टिमटिमाते बिन्दु जैसे तारे दिखायी दे रहे है, वह हमारे सूर्य जैसे विशाल है। इनमें से कुछ तो सूर्य से हज़ारों गुणा बड़े और विशालकाय है। ये तारे हमारी पृथ्वी से हज़ारों अरबों किमी दूर है, इसलिये इतने छोटे दिखायी दे रहे है।

एक तारा एक विशालकाय चमकता हुआ गैस का पिण्ड होता है जो गुरुत्वाकर्षण के कारण बंधा हुआ होता है। पृथ्वी के सबसे पास का तारा सूर्य है, यही सूर्य पृथ्वी की अधिकतर ऊर्जा का श्रोत है। अन्य तारे भी पृथ्वी से दिखायी देते है लेकिन रात में क्योंकि दिन में वे   सूर्य की रोशनी से दब जाते है। एक कारण हमारा वायुमंडल में होनेवाला प्रकाश किरणो का विकिरण है जो धूल के कणों से सूर्य की किरणों के टकराने से उत्पन्न होता है। यह विकिरण वायु मण्डल को ढंक सा लेता है जिससे हम दिन में तारे नहीं देख पाते है। पढ़ना जारी रखें “लाखों तारे आसमां मे”

पराया हो गया सूरज !


स्पेन की एक महिला अन्गेलेस  दुरन(Angeles Duran) सूर्य के स्वामित्व का दावा करती है !
हाँ यह सच है !  उस महिला के दावे के अनुसार वह सौर मंडल को उष्णता और प्रकाश देने वाले सबसे नज़दीक के तारे सूर्य की स्वामिनी है ! उस महिला के शब्दों में

वह पृथ्वी से १४९,६००,००० किलो मीटर दूरी पर सौर मंडल के  केंद्र में स्थित वर्णक्रमीय प्रकार  जी २  के तारे सूर्य की स्वामिनी है !