अंतरिक्ष मे एक नाजूक वलय : एस एन आर 0509
अंतरिक्ष में मेरे पसंदीदा पिंडो में है तारो के मरने समय सुपरनोवा विस्फोट के बाद बनी गैस कवच निहारीकाये ! साबुन के झाग के बुलबुले जैसी … पढ़ना जारी रखें अंतरिक्ष मे एक नाजूक वलय : एस एन आर 0509
अंतरिक्ष में मेरे पसंदीदा पिंडो में है तारो के मरने समय सुपरनोवा विस्फोट के बाद बनी गैस कवच निहारीकाये ! साबुन के झाग के बुलबुले जैसी … पढ़ना जारी रखें अंतरिक्ष मे एक नाजूक वलय : एस एन आर 0509
ये फोटोशाप या किसी कम्प्युटर द्वारा बनाई गयी डीजीटल तस्वीर नही है! ये तो प्रकृती द्वारा निर्मित है ! यह असामान्य लाल आयताकार निहारिका कैसे बनी … पढ़ना जारी रखें आयताकार लाल निहारिका

रारामुरी या ताराहुमारा मेक्सीको के मूल निवासी है। रारामूरी का उनकी भाषा मे अर्थ “पैदल धावक” या “तेज धावक” होता है। ये लोग लंबी दूरी की दौड़ के लिये प्रसिद्ध है। इस जनजाति के धावक 435 मील तक की दौड़ एक बार मे पूरी करते हैं। यह दौड़ 10 मैराथन के बराबर है। 435 मील की मैराथन 2 दिन मे पूरी होती है और नदियो, दर्रो और घाटियो के मध्य से गुजरती है।
ताराहुमारा जनजाति के लोग इतनी लम्बी दूरी कैसे तय कर पाते है? पढ़ना जारी रखें “ताराहुमारा : 435 मील मैराथन के धावक”
वायेजर १ एक सर्वकालिक सबसे सफल अंतरिक्ष अभियान है। 1977 मे प्रक्षेपित इस अंतरिक्षयान ने बृहस्पति और शनि की यात्रा की थी और ऐसे चित्र भेजे थे जिसकी हमने कभी कल्पना भी नही की थी।बृहस्पति और शनी के बाद यह … पढ़ना जारी रखें ब्रह्माण्ड की अनंत गहराईयो की ओर : वायेजर 1
मानव मन को चिंतित होने के लिये बस एक कारण चाहिये होता है। समस्या यह है कि चिंता करने के इन कारणो के अनगिनत श्रोत है और हम ऐसे कारणो से चिंतित होते रहते है जो कि चिंता का कोई कारण ही नही होते।
अतंरजाल पर , अखबारो मे ऐसा ही एक कारण आते रहता है कि मोबाईल फोन से कैंसर हो सकता है। शोध के बाद शोध और ऐसी अनगिनत शोधो के बाद भी कैंसर और मोबाईल फोन के बीच मे कोई रिश्ता नही पाया गया है। लेकिन लोगो की चिंता जारी है !
देखते है कि विशेषज्ञ क्या राय रखते है। पढ़ना जारी रखें “क्या मोबाईल फोन से कैंसर हो सकता है ?”
एच जी वेल्स के उपन्यास “द टाईम मशीन” मे नायक एक विशेष कुर्सी पर बैठता है जिस पर कुछ जलते बुझते बल्ब लगे होते है, कुछ डायल होते है , नायक डायल सेट करता है, कुछ बटन दबाता है और अपने आपको भविष्य के हज़ारों वर्षों बाद में पाता है।

उस समय तक इंग्लैड नष्ट हो चुका होता है और वहां पर मार्लाक और एलोई नामक नये प्राणीयों का निवास होता है। यह विज्ञान फतांसी की एक महान कथा है लेकिन वैज्ञानिकों ने समय यात्रा की कल्पना या अवधारणा पर कभी विश्वास नही किया है। उनके अनुसार यह सनकी,रहस्यवादी और धुर्तो के कार्यक्षेत्र की अवधारणा है , उनके पास ऐसा मानने के लिये ठोस कारण भी है। लेकिन क्वांटम गुरुत्व (Quantum Gravity) मे आश्चर्यजनक रूप से प्रगति इस अवधारणा की चूलो को हिला रही है। पढ़ना जारी रखें “क्या समय यात्रा संभव है?”