स्टेनली मीलर और हैराल्ड उरे द्वारा किया गया प्रयोग

परग्रही जीवन श्रंखला भाग 02 : पृथ्वी के बाहर जीवन की वैज्ञानिक खोज


अंतरिक्ष मे जीवन की खोज करने वाले विज्ञानीयो के अनुसार अंतरिक्ष मे जीवन के बारे मे कुछ भी निश्चित कह पाना कठिन है। हम ज्ञात भौतिकी, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान के नियमों के अनुसार कुछ अनुमान ही लगा सकते है।

अंतरिक्ष मे जीवन की खोज से पहले यह सुनिश्चित कर लेना आवश्यक है कि किसी ग्रह पर जीवन के लिये मूलभूत आवश्यकता क्या है? पृथ्वी पर जीवन और जीवन के विकास के अध्ययन तथा ज्ञात भौतिकी, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान के नियमों के अनुसार अंतरिक्ष मे जीवन के लिये जो आवश्यक है उनमें से प्रमुख है:

सीगार आकाशगंगा(M82)


सीगार आकाशगंगा(M82) किससे प्रकाशमान हो रही है ? एम 82  एक अनियमित आकार की आकाशगंगा है। हाल ही मे यह विशालकाय पेंचदार आकाशगंगा एम 81 के पास से … पढ़ना जारी रखें सीगार आकाशगंगा(M82)

परग्रही जीवन श्रंखला भाग 01 : क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ?


क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ?

महान विचारक गीआर्दनो ब्रुनो
महान विचारक गीआर्दनो ब्रुनो

आज से पांच सौ वर्ष ईसवी सन 1600 मे पहले एक विचारक, गणितज्ञ और खगोलशास्त्री ने यह प्रश्न पूछा था। इस प्रश्न का उत्तर तो उस विचारक को नही मीला, उसे रोम की सड़को पर जिन्दा जला दिया गया था। इतना ही नही उसे जिन्दा जलाने से पहले उसे अपमानित करने के लिये सड़क के किनारे खम्बे पर नग्न कर उल्टा लटकाया गया था।  कोपरनिकस की तरह वह भी मानता था कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। वह यह भी मानता था कि बाह्य अंतरिक्ष मे हमारे जैसे अनगिनत प्राणी निवास करते है। अंतरिक्ष मे अनगिनत संतो, करोड़ो पोप, अरबो चर्चो और एकाधिक जीसस की संभावनाओ को समाप्त करने का चर्च के पास सबसे आसान उपाय था, उस विचारक को जिन्दा जला देना। पढ़ना जारी रखें “परग्रही जीवन श्रंखला भाग 01 : क्या बाह्य अंतरिक्ष मे जीवन है ?”

हैन्नी का वूरवेर्प


हब्बल दूरबीन से लीये गये इस चित्र को देखीये। पहली नजर मे देखने पर यही लगेगा की यह एक स्पाइरल के आकार आकाशगंगा है। लेकिन इस … पढ़ना जारी रखें हैन्नी का वूरवेर्प

केप्लर वेधशाला

सौर मंडल के बाहर पहले ’ठोस’ ग्रह की खोज !


केप्लर १०बी(चित्रकार की कल्पना)
केप्लर 10बी(चित्रकार की कल्पना)

खगोल विज्ञानीयो ने सौर मंडल के बाहर पहला ग्रह खोज निकाला है जो गैस महाकाय(Gas Giant) नही है। अभी तक सौर मंडल के बाहर खोजे गये सभी ग्रह बृहस्पति या शनि के जैसे गैसो के महाकाय पिंड थे। यह नया खोजा गया ग्रह अत्याधिक घनत्व का, चट्टान और धातु का पृथ्वी से थोड़ा ही बड़ा ग्रह है।
इस ग्रह को केप्लर10 बी नाम दिया गया है और यह केप्लर 10 तारे की परिक्रमा कर रहा है। इसे पृथ्वी की परिक्रमा करती हुयी ‘केप्लर दूरबीन’ द्वारा खोजा गया है। केप्लर 10 तारे का द्रव्यमान और तापमान सूर्य के जैसा है और हमसे 500प्रकाशवर्ष दूर है। पढ़ना जारी रखें “सौर मंडल के बाहर पहले ’ठोस’ ग्रह की खोज !”

अंतरिक्ष मे एक नाजूक वलय : एस एन आर 0509


अंतरिक्ष में मेरे पसंदीदा पिंडो में है तारो के मरने समय सुपरनोवा विस्फोट के बाद बनी गैस कवच निहारीकाये ! साबुन के झाग के बुलबुले जैसी … पढ़ना जारी रखें अंतरिक्ष मे एक नाजूक वलय : एस एन आर 0509