मंगल की यात्रा पर मानव उत्सुकता (मंगल शोध वाहन ’क्यूरियोसिटी ’)


अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने शनिवार 26, नवंबर 2011 को मंगल ग्रह पर अब तक का अपना सबसे उत्कृष्ट रोबोटिक रोवर को भेज दिया है। … पढ़ना जारी रखें मंगल की यात्रा पर मानव उत्सुकता (मंगल शोध वाहन ’क्यूरियोसिटी ’)

यूरोपा पर जीवन की संभावनाएं पहले से ज्यादा !


हम वर्षो से यह जानते रहे है कि बृहस्पति का चन्द्रमा यूरोपा मे ठोस जमी हुयी सतह के नीचे द्रव जल का महासागर है। यूरोपा की लगभग पूरी सतह ठोस बर्फ से बनी हुयी है। हम यह भी जानते हैं कि इस … पढ़ना जारी रखें यूरोपा पर जीवन की संभावनाएं पहले से ज्यादा !

काल-अंतराल : साधारण सापेक्षतावाद और क्वांटम भौतिकी मे

स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 04 : क्वांटम भौतिकी और साधारणा सापेक्षतावाद


क्वांटम भौतिकी और साधारण सापेक्षतावाद दोनो आधुनिक भौतिकी के आधार स्तम्भ है। क्वांटम सिद्धांत जहाँ परमाणु और परमाणु से छोटे कणों से संबंधित है वहीं सापेक्षतावाद खगोलीय पिंडों के लिए है। सापेक्षतावाद के अनुसार अंतराल लचीला होता है जिसमे भारी पिंड वक्रता उत्पन्न कर सकते है, वहीं क्वांटम सिद्धांत मे अंतराल की व्याख्या करने के लिए एकाधिक मत है। क्वांटम भौतिकी मे अनिश्चितता और संभावना का प्रभाव रहता है, वहीं सापेक्षतावाद मे हर घटना निश्चित होती है। इतने सारे विरोधाभासों के बाद भी दोनो सिद्धांतों के पूर्वानुमान सटीक रहते है। वर्तमान मे इन दोनो सिद्धांतों पर आधारित उपकरणों पर संपूर्ण विश्व निर्भर करता है।

इसका अर्थ यह है कि क्वांटम भौतिकी और साधारण सापेक्षतावाद दोनो दो अलग अलग परिस्थितियों  मे कार्य करने वाले सिद्धांत है। दोनो का सह अस्तित्व संभव है। लेकिन क्या यह संभव है ? पढ़ना जारी रखें “स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 04 : क्वांटम भौतिकी और साधारणा सापेक्षतावाद”

अंततः मानव अंतरिक्षयान की वापसी : सोयुज का सफल प्रक्षेपण


नवंबर 14,2011 को रूसी सोयुज राकेट का भारी हिमपात के मध्य सफल प्रक्षेपण हुआ। इस अंतरिक्षयान मे तीन अंतरिक्षयात्री है, जिनमे एक अमरीकी (डैनीयल सी बरबैंक) … पढ़ना जारी रखें अंततः मानव अंतरिक्षयान की वापसी : सोयुज का सफल प्रक्षेपण

श्रोडीन्गर की बिल्ली : जीवित या मृत

स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 03 : क्वांटम भौतिकी


श्रोडीन्गर की बिल्ली : जीवित या मृत
श्रोडीन्गर की बिल्ली : जीवित या मृत

न्यूटन से आइंस्टाइन तक आते तक भौतिक विज्ञान विकसित हो चुका था, आशा थी कि निकट भविष्य में वैज्ञानिक भगवान के मन को पढ़ने में सफल हो जायेगे। न्यूटन और आइंस्टाइन के सिद्धांतों से खगोलीय पिंडो तथा प्रकाश के व्यवहार को समझा जा चूका था, मैक्सवेल के समीकरण विद्युत-चुंबकीय व्यवहार की व्याख्या करते थे। लेकिन पदार्थ की संरचना के क्षेत्र में नयी खोजो ने सारी स्थिति बदल दी।

क्वांटम सिद्धांत का इतिहास

1803 मे ब्रिटिश वैज्ञानिक जान डाल्टन ने परमाणु के सिद्धांत को प्रस्तावित किया था। डाल्टन के अनुसार हर तत्व एक विशिष्ट प्रकार के परमाणु से बना होता है और परमाणु मिलकर रासायनिक पदार्थो का निर्माण करते है। एक गणितिय फ्रेंच वैज्ञानिक जीन पेर्रिन ने आइंस्टाइन के सिद्धांत का प्रयोग करते हुए परमाणु का द्रव्यमान और आकार मापा था। पढ़ना जारी रखें “स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 03 : क्वांटम भौतिकी”

पंख और हथौड़ा मे से पहले ज़मीन पर कौन पहुँचेगा ?


यदि आप एक हथौड़े और एक पंख को कुछ ऊंचाई से एक साथ छोड़े तो सबसे पहले ज़मीन पर कौन पहुंचेगा ? पृथ्वी पर निश्चय ही हथौड़ा पहुंचेगा लेकिन पंख पर वायु के अधिक प्रतिरोध के कारण। चंद्रमा के जैसी वायुरहित स्थिति मे दोनो … पढ़ना जारी रखें पंख और हथौड़ा मे से पहले ज़मीन पर कौन पहुँचेगा ?