मिशन धूमकेतु


लेखक : देवेंद्र मेवाड़ी धूमकेतु  पर धमाका उस दिन दुनिया भर के समाचारपत्रों की सुर्खियों में यह खबर थीः केप केनवरल, जनवरी 13: नासा के धूमकेतु  टैम्पल-1 से मिलने के लिए हालीवुड नामधारी अंतरिक्ष यान ‘डीप इम्पैक्ट’ का बुधवार को ठीक 1: 47:08 बजे अपराह्न प्रक्षेपण किया गया। ‘डीप इम्पैक्ट’ अपनी 6 माह की 43.10…

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सोशल मीडिया पर छद्म विज्ञान के ख़तरे


लेखक : अभिषेक मिश्र साधारणतया आजकल लोग अपने शुभचिंतकों, करीबियों के सुझावों को भले नजरंदाज कर दें पर सोशल मीडिया पर उपलब्ध ज्ञान को बड़ी गंभीरता से लेते हैं। धर्म, समाज, ज्ञान, विज्ञान, स्वास्थ्य आदि कई बिंदुओं से संबंधित जानकारियाँ सोशल मीडिया पर आती रहती हैं, और ज्यादातर लोग बिना उनकी वास्तविकता को जाने धड़ल्ले…

विज्ञान नोबेल पुरस्कार : वे हकदार जिन्हे यह सम्मान नही मिला!


नोबेल पुरस्कार विश्व का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है शायद इसी कारण नोबेल पुरस्कार ने कई बार विवाद को भी जन्म दिया है। अक्सर वैज्ञानिक, विशेष वैज्ञानिक क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत के वावजूद वे नोबेल पुरस्कार पाने से वंचित रह गए। भौतिकी में 1965 के नोबेल पुरस्कार विजेता रिचर्ड फेनमैन ने एक बार कहा था…

खगोल सॉफ्टवेयर : ब्रह्मांड का आभासी अन्वेषण


खगोल शास्त् अथवा खगोलविज्ञान(Astronomy) विज्ञान की वह शाखा है जिसमें आकाशीय पिण्डों, उनकी गतियों और अंतरिक्ष में मौजूद विविध प्रकार की चीजों की खोज और उनका अध्ययन किया जाता है। खगोलविज्ञान दुनिया का सबसे लुभावना और सबसे पुराना विज्ञान है, वास्तव में यह ब्रह्मांड का वह विज्ञान है, जिसमें सूर्य, ग्रहों, सितारों, उल्काओं, पिण्डों, नक्षत्रों, आकाश…

अंतरखगोलीय यात्राओं के लिये विशाल यान

पृथ्वी के बाहर किसी अन्य ग्रह पर बसने की बेताबी


“हमारी पृथ्वी ही वह ज्ञात विश्व है जहाँ जीवन है। आनेवाले समय में भी कहीं ऐसा कुछ नहीं दिखता जहाँ हम प्रस्थान कर सकें। जा भी सकें तो बस न सकेंगे। मानें या न मानें, इस क्षण तो पृथ्वी ही वह स्थान है जहाँ हम अटल रह सकते हैं।” प्रसिद्ध खगोल वैज्ञानिक कार्ल सागन का…

जेम्स क्लार्क मैक्सवेल : जिन्होने सापेक्षतावाद की नींव रखी


जेम्स क्लार्क मैक्सवेल (James Clerk Maxwell) स्कॉटलैण्ड (यूके) के एक विख्यात गणितज्ञ एवं भौतिक वैज्ञानिक थे। इन्होंने 1865 ई. में विद्युत चुम्बकीय सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जिससे रेडियो और टेलीविजन का आविष्कार सम्भव हो सका। क्लासिकल विद्युत चुंबकीय सिद्धांत, चुंबकत्व और प्रकाशिकी के क्षेत्र में दिए गए सिद्धांतों के लिए उन्हें प्रमुखता से याद किया…

आसमानी मौत के दूत : संभावित रूप से खतरनाक धूमकेतु और क्षुद्रग्रह


पृथ्वी सूर्य का तीसरा ग्रह और ज्ञात ब्रह्मांड में एकमात्र ग्रह है जहाँ जीवन उपस्थित है। यह सौर मंडल में सबसे घना और चार स्थलीय ग्रहों में सबसे बड़ा ग्रह है।रेडियोधर्मी डेटिंग और साक्ष्य के अन्य स्रोतों के अनुसार, पृथ्वी की आयु लगभग 4.54 बिलियन साल हैं। पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण, अंतरिक्ष में अन्य पिण्ड के…