मीर अंतरिक्ष केंद्र, Mir Space Station,

विश्व का प्रथम स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन मीर


विश्व के प्रथम स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन मीर को 20 फरवरी 1986 को अंतरिक्ष में स्थापित किया गया। 23 मार्च सन 2001 को भारतीय समय के दिन के 11 बजकर 29 मिनट पर न्यूजीलैंड और चिली के बीच के समुद्र में जलसमाधि के साथ अंत हो गया और इसी के साथ अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र के एक…

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पदार्थ की चतुर्थ अवस्था : प्लाज्मा


आप पदार्थे की तीन अवस्थाओं को जानते ही होंगे, ये है ठोस, द्रव तथा गैस। लेकिन इनके अतिरिक्त पदार्थ एक और अवस्था मे पाया जाता है जिसे प्लाज्मा कहते है। प्लाज्मा (Plasma): भौतिक और रसायनशास्त्र में प्लाज्मा आंशिक रूप से आयनीकृत एक गैस है जिसमे इलेक्ट्रान का एक निश्चित अनुपात, किसी परमाणु या अणु के…

हरगोविंद खुराना


डॉ हरगोविंद खुराना एक भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक थे जिन्हें सन 1968 में प्रोटीन संश्लेषण में न्यूक्लिटाइड की भूमिका का प्रदर्शन करने के लिए चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार साझा तौर पर दो और अमेरिकी वैज्ञानिकों के साथ दिया गया। सन 1968 में ही डॉ॰ निरेनबर्ग के साथ डॉ खुराना को लूशिया…

सर आइजैक न्यूटन : आधुनिक भौतिकी की नींव


25 दिसंबर 1642 (ग्रेगोरियन कैलेंडर से 4 जनवरी 1643) को धरती पर एक ऐसे अद्भुत व्यक्ति का जन्म हुआ जिसने विज्ञान की परिभाषा को एक नया रूप दिया। विज्ञान के ऐसे तथ्य प्रस्तुत किये जो आज तक चल रहे हैं। हम बात कर रहे हैं :- आइज़क न्यूटन (Isaac Newton) की। विश्व को गुरुत्वाकर्षण का…

ऋतु परिवर्तन कैसे होता है ?


ऋतु एक वर्ष से छोटा कालखंड है जिसमें मौसम की दशाएँ एक खास प्रकार की होती हैं। यह कालखण्ड एक वर्ष को कई भागों में विभाजित करता है जिनके दौरान पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा के परिणामस्वरूप दिन की अवधि, तापमान, वर्षा, आर्द्रता इत्यादि मौसमी दशाएँ एक चक्रीय रूप में बदलती हैं। मौसम की दशाओं…

पिक्सेल (Pixel) क्या होते है?


आजकल हम आधुनिक परिवेश में रहते है और अति आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते है कुछ उपकरण आजकल हमारे जीवन का अभिन्नय अंग बन गए है खासकर मोबाइल फ़ोन ,कंप्यूटर,LED Tv, प्लाज्मा Tv इत्यादि।बहुत सारे उपकरण बाजार में उपलब्ध है पर स्मार्टफोन की बात ही कुछ अलग है और हो भी क्यों नही आज स्मार्टफोन…

आर्यभट : प्राचीन भारत की महान खगोलीय प्रतिभा


लेखक : प्रदीप आर्यभट प्राचीन भारत के सर्वाधिक प्रतिभासंपन्न गणितज्ञ-ज्योतिषी थे। वर्तमान में पश्चिमी विद्वान भी यह स्वीकार करते हैं कि आर्यभट प्राचीन विश्व के एक महान वैज्ञानिक थे। यद्यपि हम आर्यभट का महत्व इसलिए देते हैं क्योंकि सम्भवतः वे ईसा की पांचवी-छठी सदी के नवीनतम खगोलिकी आन्दोलन के पुरोधा थे। और आर्यभट की ही…