फिलीपींस में मिली आदि मानव की नई प्रजाति


हम आधुनिक मानव (होमो सेपियंस) पिछले दस हजार सालों से एकमात्र मानव प्रजाति होने के इस कदर अभ्यस्त हो चुके हैं कि किसी दूसरी मानव प्रजाति के बारे में कल्पना करना भी मुश्किल लगता है। उन्नीसवीं और बीसवीं सदी के आरंभ में मानव वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों ने हमारी इस सोच को बदलते हुए बताया कि…

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इंसानी करतूतों से जैव प्रजातियों पर मंडराता लुप्त होने का खतरा


हमारा जैव मंडल एक विशाल इमारत की तरह है। हम इंसान इस इमारत के सबसे ऊपरी मंजिल पर बैठे हैं। अगर हम इस इमारत में से जीवों की कुछ प्रजातियों को मिटा भी देते हैं, तो इमारत से सिर्फ कुछ र्इंटें ही गायब होंगी, इमारत तो फिर भी खड़ी रहेगी। परंतु यदि लाखों-लाख की संख्या…

देश की स्वास्थ्य रक्षा के लिए जरूरी है जीनोम मैपिंग


हाल ही में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा एक परियोजना के तहत भारत के एक हजार ग्रामीण युवाओं के जीनोम की सिक्वेंसिंग (अनुक्रमण) किए जाने की योजना तैयार की गई है। दरअसल यह सरकारी नेतृत्व में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए चलाई जा रही एक बड़ी परियोजना का एक हिस्सा होगी, जिसके अंतर्गत लगभग…

खगोल भौतिकी 19 :न्यूट्रान तारे और उनका जन्म


लेखक : ऋषभ ’मूलभूत खगोलभौतिकी (Basics of Astrophysics)’ शृंखला के पिछले लेख मे हमने सूर्य के जैसे मध्यम आकार के तारों के विकास और जीवन की चर्चा की। हमने देखा कि वे कैसे श्वेत वामन(white dwarfs) तारे बनते है। इस शृंखला के उन्नीसवें लेख मे हम महाकाय तारो के जीवन और विकास की चर्चा करेंगे…

खगोल भौतिकी 18 :श्वेत वामन(WHITE DWARFS) क्या होते है और वे कैसे बनते है ?


लेखक : ऋषभ इस शृंखला के पिछले सत्रह लेखों मे हमने जो जानकारी प्राप्त की है, अब उस जानकारी के अनुप्रयोग का समय है। हमने एक के बाद खगोलभौतिकी के विभिन्न सिद्धांतो को समझा है। अब हम उन सिद्धांतो के प्रयोग से खगोल भौतिकी की सबसे रोचक शाखा ‘तारकीय विकास(Stellar Evolution)’ को समझेंगे। ब्रह्माण्ड मे…

प्रोटान-प्रोटान शृंखला

खगोल भौतिकी 17 : तारों मे चल रही नाभिकिय प्रक्रियायें(NUCLEAR REACTIONS IN STARS)


लेखक : ऋषभ तारों के जीवन और विकास के अध्ययन पर आगे बढ़ने से पहले से पहले उनपर चलरही नाभिकिय अभिक्रियाओं को जानना महत्वपूर्ण है। तारकीय खगोलभौतिकी के अध्ययन मे भौतिकी के अन्य विषय जैसे नाभिकिय भौतिकी(nuclear physics), उष्मागतिकी(thermodynamics), कण भौतिकी(particle physics), विद्युतगतिकी(electrodynamics), सांख्यकिय यांत्रिकी(statistical mechanics) तथा गुरुत्विय भौतिकी(gravitational physics) की भी भूमिका होती है।…

निकटस्थ युग्म तारें

खगोल भौतिकी 16 :युग्म तारा प्रणाली(THE BINARY STAR SYSTEMS)


लेखिका:  सिमरनप्रीत (Simranpreet Buttar) जैसे हमारे भाई/बहन होते है, वैसे ही हमारे ब्रह्मांड मे अधिकतर तारों के भाई/बहन होते है। हमारे सौर मंडल जिसमे हमारा सूर्य अकेला है वास्तविकता मे यह एक दूर्लभ संयोग है। अधिकतर तारों के साथ उनके जुड़वा होते है। ’मूलभूत खगोलभौतिकी (Basics of Astrophysics)’ शृंखला के सोलहंवे लेख मे हम युग्म…