गुरुत्विय लेंस द्वारा किसी प्रकाश श्रोत की चमक मे बढोत्तरी

अंतरिक्ष मे भटकते बंजारे : बृहस्पति के आकार के आवारा ग्रह


वर्षो से हमारी आकाशगंगा ’मंदाकिनी’ के केन्द्र के निरिक्षण मे लगे खगोलविज्ञानियो ने एक नयी खोज की है। इसके अनुसार हमारी आकाशगंगा मे अरबो बृहस्पति के आकार के ’आवारा ग्रह’ हो सकते है जो किसी तारे के गुरुत्वाकर्षण से बंधे हुये नही है। एक तथ्य यह भी है कि ऐसे आवारा ग्रहो की संख्या आकाशगंगा के तारों की संख्या से दूगनी हो सकती है, तथा इन आवारा ग्रहों की संख्या तारों की परिक्रमा करते सामान्य ग्रहों से भी ज्यादा है।

विज्ञान पत्रिका नेचर(Nature) मे खगोलभौतिकी मे माइक्रोलेंसींग निरीक्षण (Microlensing Observations in Astrophysics- MOA)’ प्रोजेक्ट द्वारा इस खोज के परिणाम प्रकाशित हुये है। इस प्रोजेक्ट मे किसी तारे के प्रकाश मे उसकी परिक्रमा करते ग्रह से आयी प्रकाश के निरीक्षण वाली तकनीक का प्रयोग नही हुआ है। माइक्रोलेंसींग पृष्ठभूमी मे स्थित तारे पर किसी दूरस्थ ग्रह(१) के प्रभाव का अध्यन करती है। पढ़ना जारी रखें “अंतरिक्ष मे भटकते बंजारे : बृहस्पति के आकार के आवारा ग्रह”

बृहस्पति,मंगल,बुध और शुक्र एक रेखा मे !


शुक्रवार 13 मई 2011, को चार ग्रह बृहस्पति, मंगल, बुध और शुक्र एक रेखा मे आ जायेंगे। यह दुर्लभ घटना दक्षिणी गोलार्ध मे देखी जा सकेगी। यह दुर्लभ घटना हर … पढ़ना जारी रखें बृहस्पति,मंगल,बुध और शुक्र एक रेखा मे !

चंद्रमा उत्तरी गोलार्ध मे(न्युयार्क)

क्या दक्षिणी गोलार्ध मे चंद्रमा उल्टा दिखेगा ?


यह दोनो चित्र चंद्रमा के है! क्या आप दोनो चित्रों मे अंतर पता कर सकते है ? उपर वाला चित्र उत्तरी गोलार्ध (न्युयार्क स. रा. अमरीका) … पढ़ना जारी रखें क्या दक्षिणी गोलार्ध मे चंद्रमा उल्टा दिखेगा ?

क्या सौर मंडल मे बृहस्पति से चार गुणा बड़े ग्रह की खोज हो गयी है ?


सौर मंडल

नही ! अभी तक सौर मंडल मे बृहस्पति से बड़े ग्रह की खोज के कोई पुख्ता प्रमाण नही मीले है।

नेपच्युन के बाद दसंवे ग्रह की खोज का प्रयास शताब्दियो से जारी है। सामान्यतः किसी अज्ञात ग्रह की खोज ज्ञात पिंडो के आसामान्य व्यवहार से प्रारंभ होती है। जब खगोल विज्ञानी किसी ज्ञात ग्रह या धूमकेतुओ के समूह को न्युटन के गति के नियमो का पालन न करते हुये असामान्य गति करते देखते है तब वे किसी अज्ञात भारी पिंड द्वारा अपने गुरुत्व से उस ग्रह/पिंड  को प्रभावित करने का सिद्धांत आगे कर देते है। इसके बाद सभी खगोलिय दूरबीने उस पिंड की खोज मे लग जाती है।

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ब्रह्माण्ड की अनंत गहराईयो की ओर : वायेजर 1


वायेजर १ एक सर्वकालिक सबसे सफल अंतरिक्ष अभियान है। 1977 मे प्रक्षेपित इस अंतरिक्षयान ने बृहस्पति और शनि की यात्रा की थी और ऐसे चित्र भेजे थे जिसकी हमने कभी कल्पना भी नही की थी।बृहस्पति और शनी के बाद यह … पढ़ना जारी रखें ब्रह्माण्ड की अनंत गहराईयो की ओर : वायेजर 1

सौर ज्वाला! सूर्य पर आया चुंबकित तूफान। सूर्य के ग्यारह-वर्षीय चक्र के गुज़रने के दौरान ऐसी सौर हलचलें देखी गईं।

सौर ज्वाला


क्या हो रहा है सूर्य पर ! तस्वीर के दाये निचे कोने पर ध्यान दिजिये ! क्या है यह ? यह तस्वीर सोलर डायनेमिक्स ओबजरवेटोरी द्वारा … पढ़ना जारी रखें सौर ज्वाला