मानव भ्रूण में जीन का संपादन(Gene editing in human embryos)

2017-विज्ञान की शीर्ष 10 घटनायें : एक सिंहावलोकन


कुछ कड़वी और कुछ मीठी यादों के साथ साल 2017 विदा लेने ही वाला है। चाहें राजनीतिक घटनाक्रम हो या वैश्विक वैज्ञानिक घटनाक्रम हर मामले में यह साल कई मायनों में अलग रहा। इस साल कई अहम वैज्ञानिक घटनाक्रम, महत्वपूर्ण खोज, शोध अवलोकन और वैश्विक बदलाव भी प्रत्यक्ष रूप से सामने आए। प्रसिद्ध पत्रिका साइंस…

क्रोयोनिक्स : मृत्यु पर विजय पाने का प्रयास


वर्तमान मे ऐसे व्यक्तियों की संख्या बढ़ते जा रही है जो अपने शरीर को क्रायोजेनिकली संरक्षित रखने के लिये कंपनीयों को बड़ी राशि प्रदान कर रहे है। उन्हे मृत्यु के पश्चात भी भविष्य मे पुनर्जीवन की आशा है। क्रायोजेनिक तकनीक को ‘निम्नतापकी’ कहा जाता है, जिसका ताप -0 डिग्री से -150 डिग्री सेल्सियस होता है। ‘क्रायो’ यूनानी शब्द…

डा. गिरिराज सिंह सिरोही

दक्षिणी ध्रुव में एक भारतीय वैज्ञानिक


जैव घड़ी और भारतीय वैज्ञानिक:  अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को जैव घड़ी के रहस्यों का पता लगाने के लिए इस साल का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया है। उन महान वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई।  इस अवसर पर हमें अपने देश के उस महान वैज्ञानिक को भी याद करना चाहिए जिसने आज से 57…

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रकार (Types of AI) : प्रतिक्रियात्मक से आत्मचेतन तक (From Reactive to Self-Aware)


कंप्युटर गणना क्षमता तथा उससे संबधित तकनीक जैसे मशीन द्वारा सीखना(Machine Learning), न्युरल नेटवर्क. मानव भाषा संसाधन(Natural Language Processing), जिनेटिक अल्गारिथम तथा कंप्युटर सृजनात्मकता मे तीव्र विकास के साथ अब मशीने धीरे धीरे प्रतिक्रियात्मक मशीनो से आत्मचेतन मशीनो की ओर विकास कर रही है। इस इन्फ़ोग्राफ़िक मे हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता(AI) की वर्तमान स्तिथि और उसके…

‘क्रायोजेनिक्स’ : मृत्यु को मात देने की आशा मे शवो को संरक्षित करना


अमरीका में कैंसर की मरीज़ 14 साल की एक लड़की को इसकी अनुमति मिली थी कि मृत्यु के पश्चार उसके शरीर को संभाल कर रखा जाए। उस किशोरी की मृत्यु अक्टूबर 2016 में हो गई। शरीर को संभालकर रखने की इस विधि को ‘क्रायोजेनिक्स’ कहा जाता है। क्रायोजेनिक्स यह आशा उत्पन्न करता है कि मृत…

खगोलशास्त्रियों को सौर परिवार से बाहर मिले ‘पृथ्वी की तरह’ के सात ग्रह


खगोलविदों ने एक ही तारे की परिक्रमा करते धरती के आकार के कम-से-कम सात ग्रहों को खोज निकाला है। मशहूर विज्ञान पत्रिका नेचर में बुधवार को प्रकाशित एक अध्ययन में इन ग्रहों की दूरी 40 प्रकाश वर्ष बताई गई है। एक प्रकाश वर्ष प्रकाश के एक वर्ष में तय की गई दूरी के बराबर होता…

प्रयोगशाला में बनाया जा रहा है मानव मस्तिष्क!


हमारे बड़े बुज़ुर्ग हमेशा ये बात कहते हैं कि मानव चाहे जितनी प्रगति कर ले लेकिन वो ईश्वर नहीं बन सकता। यानि जो चीज़ें प्रकृति ने अपने हाथ में रखी हैं उनमें किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ना ही वैसी चीज़ें वो पैदा कर सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है मानव का…