हर्टजस्प्रुंग-रसेल आरेख

तारों की अनोखी दुनिया


लेखक -प्रदीप (Pk110043@gmail.com) आकाश में सूरज, चाँद और तारों की दुनिया बहुत अनोखी है। आपने घर की छत पर जाकर चाँद और तारों को खुशी और आश्चर्य से कभी न कभी जरुर निहारा होगा। गांवों में तो आकाश में जड़े प्रतीत होने वाले तारों को देखने में और भी अधिक आनंद आता है, क्योंकि शहरों…

अब तक का सबसे ताकतवर सुपरनोवा ASASSN-15lh


खगोलविदों ने अब तक के सबसे ताक़तवर सुपरनोवा ASASSN-15lh की खोज की है। इस सुपरनोवा का मूल तारा भी काफ़ी विशाल रहा होगा- संभवतः हमारे सूर्य के मुक़ाबले 50 से 100 गुना तक बड़ा। इस फट रहे तारे/मृत्यु को प्राप्त हो रहे तारे को पहली बार बीते साल जून 2015 में देखा गया था लेकिन…

M82 आकाशगंगा का हब्बल दूरबीन से लिया चित्र

नया सुपरनोवा: M82 आकाशगंगा मे एक श्वेत वामन तारे की मृत्यु


अंतरिक्ष और खगोल भौतिकी मे रूची रखने वालो के लिये एक बेहतरीन समाचार है। हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी की पडोसी आकाशगंगा M82(Messier 82 ,NGC 3034, Cigar Galaxy या M82) मे 22 जनवरी को एक सुपरनोवा विस्फोट देखा गया है। इस सुपरनोवा विस्फोट की दीप्ति इतनी अधिक है कि इसे छोटी दूरबीन से भी देखा जा सकता…

स्वर्ण

सोना कितना सोना है ?


स्वर्ण/सोना मानव मन को सदियों से ललचाता रहा है! लेकिन स्वर्ण की उत्पत्ती कैसे हुयी ? हम यहा पर स्वर्ण खदानो की चर्चा नही कर रहे है, चर्चा का विषय है कि इन खदानो मे स्वर्ण का निर्माण कैसे हुआ है? हमारे सौर मंडल मे स्वर्ण की मात्रा शुरुवाती ब्रह्माण्ड मे निर्माण हो सकने लायक…

न्युट्रान तारा

ठंडा होता हुआ न्यूट्रॉन तारा


सुपरनोवा अवशेष कैस्सीओपेइआ ए (कैस्स ए) 11,000 प्रकाश वर्ष दूर है। इस सुपरनोवा से विस्फोट के पश्चात प्रकाश 330 वर्ष पहले पहुंचा था। इस सुपरनोवा विस्फोट के पश्चात फैलता हुआ मलबा 15  प्रकाशवर्ष की चौड़ाई मे है। इस सुपरनोवा के मध्य मे एक न्यूट्रॉन तारा है जो अत्याधिक घनत्व का है और मातृ तारे के केन्द्रक के घनीभूत हो जाने…

अंतरिक्ष मे एक नाजूक वलय : एस एन आर 0509


अंतरिक्ष में मेरे पसंदीदा पिंडो में है तारो के मरने समय सुपरनोवा विस्फोट के बाद बनी गैस कवच निहारीकाये ! साबुन के झाग के बुलबुले जैसी ये निहारिका SNR 0509 ! हब्बल दूरबीन द्वारा ली गयी इस वलयाकार निहारिका कितनी सुन्दर है ? अंतरिक्ष में ऐसी कई और भी निहारिकाये है ! जैसे हेलिक्स निहारिका…