खगोलशास्त्रियों को सौर परिवार से बाहर मिले ‘पृथ्वी की तरह’ के सात ग्रह


खगोलविदों ने एक ही तारे की परिक्रमा करते धरती के आकार के कम-से-कम सात ग्रहों को खोज निकाला है। मशहूर विज्ञान पत्रिका नेचर में बुधवार को प्रकाशित एक अध्ययन में इन ग्रहों की दूरी 40 प्रकाश वर्ष बताई गई है। … पढ़ना जारी रखें खगोलशास्त्रियों को सौर परिवार से बाहर मिले ‘पृथ्वी की तरह’ के सात ग्रह

मीर अंतरिक्ष केंद्र, Mir Space Station,

विश्व का प्रथम स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन मीर


विश्व के प्रथम स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन मीर को 20 फरवरी 1986 को अंतरिक्ष में स्थापित किया गया। 23 मार्च सन 2001 को भारतीय समय के दिन के 11 बजकर 29 मिनट पर न्यूजीलैंड और चिली के बीच के समुद्र में … पढ़ना जारी रखें विश्व का प्रथम स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन मीर

पदार्थ की चतुर्थ अवस्था : प्लाज्मा


आप पदार्थे की तीन अवस्थाओं को जानते ही होंगे, ये है ठोस, द्रव तथा गैस। लेकिन इनके अतिरिक्त पदार्थ एक और अवस्था मे पाया जाता है जिसे प्लाज्मा कहते है। प्लाज्मा (Plasma): भौतिक और रसायनशास्त्र में प्लाज्मा आंशिक रूप से … पढ़ना जारी रखें पदार्थ की चतुर्थ अवस्था : प्लाज्मा

हरगोविंद खुराना


डॉ हरगोविंद खुराना एक भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक थे जिन्हें सन 1968 में प्रोटीन संश्लेषण में न्यूक्लिटाइड की भूमिका का प्रदर्शन करने के लिए चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें यह पुरस्कार साझा तौर पर दो और अमेरिकी वैज्ञानिकों के … पढ़ना जारी रखें हरगोविंद खुराना

सर आइजैक न्यूटन : आधुनिक भौतिकी की नींव


4 जनवरी 1643  (ग्रेगोरियन कैलेंडर से ,जुलियन कैलेंडर से 25 दिसंबर 1642 ) को धरती पर एक ऐसे अद्भुत व्यक्ति का जन्म हुआ जिसने विज्ञान की परिभाषा को एक नया रूप दिया। विज्ञान के ऐसे तथ्य प्रस्तुत किये जो आज … पढ़ना जारी रखें सर आइजैक न्यूटन : आधुनिक भौतिकी की नींव

ऋतु परिवर्तन कैसे होता है ?


ऋतु एक वर्ष से छोटा कालखंड है जिसमें मौसम की दशाएँ एक खास प्रकार की होती हैं। यह कालखण्ड एक वर्ष को कई भागों में विभाजित करता है जिनके दौरान पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा के परिणामस्वरूप दिन की अवधि, तापमान, वर्षा, आर्द्रता इत्यादि मौसमी दशाएँ एक चक्रीय रूप में बदलती हैं। मौसम की दशाओं में वर्ष के दौरान इस चक्रीय बदलाव का प्रभाव पारितंत्र पर पड़ता है और इस प्रकार पारितंत्रीय ऋतुएँ निर्मित होती हैं मौसम का अर्थ है किसी स्थान विशेष पर, किसी खास समय, वायुमंडल की स्थिति। यहाँ “स्थिति” की परिभाषा कुछ व्यापक परिप्रेक्ष्य में की जाती … पढ़ना जारी रखें ऋतु परिवर्तन कैसे होता है ?