बीज गणित और ज्यामिति से स्थिर पिंडो के बारे मे गणितीय गणना संभव है।

स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 01 :सैद्धांतिक भौतिकी और न्युटन


स्ट्रींग सिद्धांत यह कण भौतिकी का एक ऐसा सैद्धांतिक ढांचा है जो क्वांटम भौतिकी तथा साधारण सापेक्षतावाद के एकीकरण का प्रयास करता है। यह महाएकीकृत सिद्धांत(Theory of Everything) का सबसे प्रभावी उम्मीदवार सिद्धांत है जोकि सभी मूलभूत कणो और बलो की गणितीय व्याख्या कर सकता है। यह सिद्धांत अभी परिपूर्ण नही है और इसे प्रायोगिक रूप से जांचा नही जा सकता है लेकिन वर्तमान मे यह अकेला सिद्धांत है जो महाएकीकृत सिद्धांत होने का दावा करता है।

इस लेखमाला मे हम इस सिद्धांत को समझने का प्रयास करेंगे। इस लेख माला के विषय होंगे

  • सैद्धांतिक भौतिकी और न्युटन
  • सापेक्षतावाद और आइंस्टाइन
  • क्वांटम भौतिकी और गुरुत्वाकर्षण
  • स्ट्रिंग सिद्धांत क्यों ?
  • स्ट्रिंग सिद्धांत क्या है?
  • कितने स्ट्रिंग सिद्धांत है?
  • क्या ये सभी स्ट्रिंग सिद्धांत एक दूसरे संबंधित है?
  • क्या इससे ज्यादा मूलभूत सिद्धांत भी है?
  • स्ट्रिंग सिद्धांत के अनसुलझे प्रश्न और आलोचना

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श्याम ऊर्जा: बहुधा पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQ)


लगभग 13 वर्ष पहले यह खोज हुयी थी कि ब्रह्माण्ड की अधिकांश ऊर्जा तारों या आकाशगंगा मे ना होकर अंतराल(space) से ही बंधी हुयी है। किसी खगोलवैज्ञानिक की भाषा मे एक विशाल खगोलीय स्थिरांक (Cosmological Constant) की उपस्थिति का प्रमाण एक नये सुपरनोवा के निरीक्षण से मीला था।

पिछले तेरह वर्षो मे स्वतंत्र वैज्ञानिको के समूहों ने इस खगोलीय स्थिरांक की उपस्थिति के समर्थन मे पर्याप्त आंकड़े जुटा लीये है। ये आंकड़े प्रमाणित करते है कि एक विशाल खगोलीय स्थिरांक अर्थात श्याम ऊर्जा(Dark Energy) का अस्तित्व है। इस श्याम ऊर्जा के परिणाम स्वरूप ब्रह्माण्ड के विस्तार की गति मे तेजी आ रही है। इस खोज के लिए वर्ष 2011 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार तीन खगोल वैज्ञानिको साउल पर्लमटर(Saul Perlmutter), ब्रायन स्कमिड्ट( Brian P. Schmidt) तथा एडम रीस(Adam G. Riess) को दीया जा रहा है।

2012 के भौतिकी नोबेल पुरुष्कार विजेता : एडम रीस(Adam G. Riess), साउल पर्लमटर(Saul Perlmutter) तथा ब्रायन स्कमिड्ट( Brian P. Schmidt)
2012 के भौतिकी नोबेल पुरस्कार विजेता : एडम रीस(Adam G. Riess), साउल पर्लमटर(Saul Perlmutter) तथा ब्रायन स्कमिड्ट( Brian P. Schmidt)

2011 के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की खोज पर समर्पित यह लेख श्याम ऊर्जा पर बहुधा पूछे जाने वाले प्रश्नो का उत्तर देने का प्रयास करता है। इस विषय पर दो लेख लेख 1 तथा लेख 2 भी पढें। पढ़ना जारी रखें “श्याम ऊर्जा: बहुधा पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQ)”

क्वांटम टेलीपोर्टेशन

क्वांटम टेलीपोर्टेशन: अत्यंत तेज गति के सुपरकंप्युटर की ओर एक कदम


प्रकृति को पूरी तरह से समझना अब तक मानव मन के बूते के बाहर रहा है। मानव ने अपने इतिहास मे प्रकृति के कई रहस्य खोजे, ढेर सारे प्रश्नो का उत्तर पा लिया लेकिन उतने ही नये अनसुलझे रहस्य सामने आते गये है। मानव आज अपनी मातृभूमि पृथ्वी की सीमाओं को लांघ कर चंद्रमा तक जा पहुंचा है, उसके बनाये अंतरिक्ष यान सौर मंडल की सीमाओं को लांघ कर दूर अंतरिक्ष मे जा चूके है। हम आज किसी भी आकाशीय पिंड को देखकर, उसकी गति जान सकते है और बता सकते है कि अगले क्षण , अगले माह, अगले वर्ष या अगले सहस्त्र वर्षो पश्चात वह कहां होगा। इस गणना मे किसी चूक की भी कोई गुंजाइश नही है। हमारे पंचांग भी सदियों से हर एक नक्षत्र के उदय अस्त होने का समय तथा हर एक ग्रहण का अचूक समय बताते आ रहे है। पढ़ना जारी रखें “क्वांटम टेलीपोर्टेशन: अत्यंत तेज गति के सुपरकंप्युटर की ओर एक कदम”

प्रकाशगति से तेज न्युट्रिनो ?: क्रांतिकारी खोज या प्रायोगिक गलती ?


ओपेरा कण जांचक( OPERA particle detector)
ओपेरा कण जांचक( OPERA particle detector)

अपडेट मार्च 17,2012: आइंस्टाइन का सिद्धांत कि प्रकाशगति से तेज यात्रा असंभव  है, अभी तक सही है, प्रकाशगति से तेज न्युट्रिनो प्रयोग के पीछे एक उपकरण की गलती थी। इस प्रयोग मे प्रयुक्त एक फाइबर आप्टिक केबल ढीला होने से समय की सही गणना नही हो पा रही थी, जिससे प्रकाशगति से तेज न्युट्रीनो का भ्रम उत्पन्न हो रहा था।

जेनेवा स्थित भौतिकी की दुनिया की सबसे बड़ी प्रयोगशाला सर्न(CERN) में वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने परमाण्विक कण (Subatomic Particles) न्यूट्रिनो की गति प्रकाश की गति से भी ज़्यादा पाई है।

अगर ऐसा सच हुआ तो ये भौतिकी के मूलभूत नियमों को पलटने वाली खोज होगी। शोधकर्ता स्वीकार कर रहे हैं कि वे इस नतीजे से काफ़ी आश्चर्यचकित हैं और इसीलिए उन्होंने कोई दावा नहीं करते हुए अन्य लोगों से स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि करने की अपील की है।

आइंस्टाइन के सापेक्षतावाद के सिद्धांत के अनुसार कोई भी कण प्रकाशगति से तेज नही चल सकता है। यदि यह निरीक्षण सत्य है तब भौतिकी की किताबो को नये सीरे से लिखना होगा। पढ़ना जारी रखें “प्रकाशगति से तेज न्युट्रिनो ?: क्रांतिकारी खोज या प्रायोगिक गलती ?”

स्टार ट्रेक का अंतरिक्ष यान (यु एस एस एंटरप्रायज)

विज्ञान फंतासी कथाओं मे विज्ञान


स्टार ट्रेक का अंतरिक्ष यान (यु एस एस एंटरप्रायज)
स्टार ट्रेक का अंतरिक्ष यान (यु एस एस एंटरप्रायज)

विज्ञान फतांसी कथायें सामान्यतः ऐसी कल्पित कहानियाँ होती है,जिसकी घटनाये वैज्ञानिक आधार पर संभव होती हैं और वे विज्ञान के मूलभूत नियमो का उल्लंघन नही करती हैं। इन कथाओं का घटनाक्रम भविष्य, भविष्य का विज्ञान और तकनिकी ज्ञान, अंतरिक्ष यात्रा अथवा परग्रही प्राणीयों पर केन्द्रित होता है। कभी कभी वैज्ञानिक आविष्कारों के परिणामो का अध्ययन भी इन कथाओं का उद्देश्य होता है।

विज्ञान गल्प मे तर्कसंगत ढंग से प्रस्तुत समांतर विश्व या भविष्य का भी समावेश होता है। यह जादुई या तिलस्मी कहानीयों के जैसे ही लेकिन भिन्न होती है क्योंकि इस गल्पो की घटनायें वैज्ञानिक आधार पर संभव होती है। इन कहानीयों का घटनाक्रम और पात्र काल्पनिक होते है लेकिन वे विज्ञान के मूलभूत नियमों का पालन करते है।

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मुंबई मे हिग्स बोसान रहस्योद्घाटन : क्या स्टीफन हांकिंग अपनी हारी शर्त जीत गये है ?


“अपडेट :4 जुलाई 2012″ स्टीफन हाकिंस अपनी शर्त हार चुके है। हिग्स बोसान खोज लिया गया है।“

LHC मे उच्च ऊर्जा पर मूलभूत कणो का टकराव
LHC मे उच्च ऊर्जा पर मूलभूत कणो का टकराव

कुछ वर्षो पहले के समाचारो के अनुसार अविख्यात ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी स्टीफन हाकिंग ने एक शर्त लगायी थी कि CERN का लार्ज हेड्रान कोलाइडर(LHC) हिग्स बोसान की खोज मे असफल रहेगा। हिग्स बोसान जिसे “ईश्वर कण(God particle)” भी कहा जाता है, को शुरुवाती ब्रह्माण्ड मे भारी कणो के द्रव्यमान के लिए उत्तरदायी माना जाता है।

स्टीफन हाकिंग के इस दावे ने भौतिक विज्ञान के क्षेत्र मे एक हलचल मचा दी थी। स्काटिश वैज्ञानिक पीटर हिग्स ने इसे निजी चुनौती के रूप से लिया क्योंकि यह कण उन्ही के नाम पर है। उन्के अनुसार यह स्टीफन हाकिंग की चुनौती “मृत राजकुमारी डायना की आलोचना” के जैसी  है।

अधिकतर भौतिक विज्ञानी मानते है कि हिग्स बोसान का आस्तित्व है तथा इसका प्रायोगिक सत्यापन एक औपचारिकता मात्र है। यह औपचारिकता लार्ज हेड्रान कोलाइडर(LHC) को चलाने के पश्चात पूरी हो जायेगी और हिग्स बोसान खोज लिया जायेगा। अधिकतर वैज्ञानिक मानते है कि स्टीफ़न हाकिंग विवादास्पद और धारा के विपरीत विचारो के लिए जाने जाते है और यह(शर्त) भी उन्ही प्रयासो मे से एक है।

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