सौर मंडल की सीमा पर वायेजर 1? शायद हां शायद ना !


सौर मंडल की सीमा पर ऐसा कोई बोर्ड नहीं है कि जो कहे “आकाशगंगा के मध्य के अंतरिक्षीय क्षेत्र मे आपका स्वागत है”!

अब से 35 वर्ष पहले प्रक्षेपित और पृथ्वी से 115 अरब मील दूरी पर नासा का अंतरिक्ष यान वायेजर 1 सौर मंडल की सीमा को पार कर आकाशगंगाओं के मध्य के अंतरिक्ष मे प्रवेश करने जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों ये वैज्ञानिक उस पल का इंतज़ार कर रहे है जब कोई मानव निर्मित वस्तु सौर मंडल की सीमा को पार कर खुले अंतरिक्ष मे प्रवेश करेगी, ऐसा होना तय है। लेकिन अब तक ऐसा हो चुका है कि हमें लगा है कि वायेजर इस सीमा को पार कर चुका है लेकिन बाद मे ज्ञात हुआ है कि सौर मंडल की सीमा उस बिंदु से और आगे है।

 वायेजर- 1
वायेजर- 1

पिछले गुरूवार 27 जून 2013 को वैज्ञानिकों ने कहा कि वायेजर 1 अभी भी सौर मंडल की सीमा मे है लेकिन एक ऐसे क्षेत्र मे है जिसकी अपेक्षा नहीं थी और हमारी समझ से बाहर है। ये एक ऐसे विचित्र क्षेत्र मे है जो सौर मंडल की निश्चित रूप से अंतिम परत होना चाहिये। अर्थात हीलीयोस्फियर का आख़िरी छोर, जो । सौर मंडल को घेरे हुये सौर वायु से निर्मित एक विशालकाय बुलबुला है। वायेजर 1 जो वर्तमान मे 3800 मील प्रतिघंटा की गति से सौर मंडल से दूर जा रहा है, उसने पिछले कुछ समय मे अपने आसपास अंतरिक्ष मे कुछ परिवर्तन महसूस किये है। पढ़ना जारी रखें “सौर मंडल की सीमा पर वायेजर 1? शायद हां शायद ना !”

22 अप्रैल : पृथ्वी दिवस पर हमारी वसुंधरा से जुड़े कुछ मनोरंजक तथ्य


पृथ्वी दिवस पर हमारी वसुंधरा से जुड़े कुछ मनोरंजक तथ्य!

  1.  पृथ्वी का एक दिन 23 घंटे 56 मिनट और 4.091 सेकेंड का होता है।
  2. पृथ्वी का घनफल एक ट्रिलीयन घन किमी है। क्या आप 1000 मीटर ऊँचे , 1000 मीटर लम्बे, 1000 मीटर चौड़े घन की कल्पना कर सकते है? अब ऐसे एक ट्रिलीयन घन की कल्पना किजीये, वह पृथ्वी है!
  3. पृथ्वी का द्रव्यमान 6,000,000,000,000,000,000,000,000 किलो है।
  4.  पृथ्वी पूरी तरह से गोल नहीं है। घू्र्णन से ध्रुवों पर चपटी है। ध्रुवों से व्यास 12,713.6 किमी (7882.4 मील) है लेकिन विषुवत पर 12,756.2 किमी (7908.8 मील ) है। दोनो में अंतर 43 किमी का है, जो 0.3 प्रतिशत है, यह ज़्यादा नहीं है लेकिन है। पढ़ना जारी रखें “22 अप्रैल : पृथ्वी दिवस पर हमारी वसुंधरा से जुड़े कुछ मनोरंजक तथ्य”

अंतरिक्ष मे जीवन की संभावना : दो नये पृथ्वी के आकार के ग्रहो की खोज


जब आप रात्रि आकाश का निरीक्षण कर रहे हो तो हो सकता है कि आप इस तारे केप्लर 62को नजर-अंदाज कर दें। यह एक साधारण तारा है, कुछ छोटा , कुछ ठंडा, सूर्य से कुछ ज्यादा गहरे पीले रंग का, … पढ़ना जारी रखें अंतरिक्ष मे जीवन की संभावना : दो नये पृथ्वी के आकार के ग्रहो की खोज

भगोड़ा सितारा ज़ीटा ओफ़ीयुची!


ब्रह्मांडीय सागर मे किसी जहाज़ के जैसे तैरता हुआ यह भगोड़ा सितारा! इस तारे का नाम ज़ीटा ओफ़ीयुची है जो एक विशाल धनुषाकार खगोलीय तंरग का निर्माण कर रहा है। य चित्र अवरक्त प्रकाश मे लिया गया है। इस प्रतिनिधी … पढ़ना जारी रखें भगोड़ा सितारा ज़ीटा ओफ़ीयुची!

2 जनवरी 2013 : पृथ्वी सूर्य के समीपस्थ बिंदू पर !


2 जनवरी 1913 की सुबह 04:37 UTC -ग्रीनिचमानक समय (भारतीय समय : 2 जनवरी 2013 सुबह के 9:57) पर पृथ्वी अपनी कक्षा मे पेरीहीलीआन(Perihelion) पर थी, यह पूरे वर्ष मे पृथ्वी की सूर्य से सबसे समीप की स्थिति थी। इस समय पृथ्वी की केन्द्र सूर्य के केन्द्र से 147,098,161 किलोमीटर था।

इसे आपने महसूस नही किया होगा, इस मौके पर कोई उत्सव नही मनाया गया, कोई आतिशबाजी नही हुयी। लेकिन घटना उसी तरह से हुयी जैसे पिछले वर्ष हुयी थी, उसके पिछले वर्ष भी हुयी थी और यह घटना पिछले 4.5 अरब वर्षो से हर वर्ष होते आयी है।

पृथ्वी की सूर्य परिक्रमा की कक्षा वृताकार न होकर दिर्घवृताकार(ellipse) है। यह तथ्य 17 वी सदी के शुरुवाती वर्षो तक ज्ञात नही था। खगोलशास्त्री जोहानस केप्लर के ग्रहीय गति के तीन नियमो के प्रकाशन के पश्चात यह जानकारी जनसामान्य को ज्ञात हुयी थी। इसके पहले सहस्त्रो वर्षो तक यही माना जाता रहा था कि सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा वृताकार कक्षा मे करतें है। पढ़ना जारी रखें “2 जनवरी 2013 : पृथ्वी सूर्य के समीपस्थ बिंदू पर !”

Neil Armstrong

अलविदा नील आर्मस्ट्रांग. प्रथम चन्द्रयात्री नील आर्मस्ट्रांग का ८२ वर्ष की उम्र मे निधन


चन्द्रमा पर पहला कदम रखने वाले नील आर्मस्ट्रॉन्ग इस दुनिया को अलविदा कह गए। बयासी वर्ष की आयु में शनिवार 25 अगस्त  को उनका निधन हो गया। जुलाई … पढ़ना जारी रखें अलविदा नील आर्मस्ट्रांग. प्रथम चन्द्रयात्री नील आर्मस्ट्रांग का ८२ वर्ष की उम्र मे निधन