एडवीन हबल( Edwin Hubble)

आधुनिक खगोलशास्त्र के पितामह : एडवीन हबल


एडविन हबल ब्रह्मांड के विस्तार सिद्धांत के प्रवर्तक और आधुनिक खगोल विज्ञान के पितामह थे । हबल बीसवीं सदी के अग्रणी खगोलविदों में से एक थे । उन पर ही हबल अंतरिक्ष टेलीस्कोप का नामकरण हुआ था । 1920 के दशक में हमारी अपनी मंदाकिनी(milky way) आकाशगंगा के परे अनगिनत आकाशगंगाओं की उनकी खोज ने…

GN-Z11: सबसे प्राचीन तथा सबसे दूरस्थ ज्ञात आकाशगंगा


लेख संक्षेप : GN-z11 यह एक अत्याधिक लाल विचलन(high redshift) वाली आकाशगंगा है जोकि सप्तऋषि तारामंडल मे स्थित है। वर्तमान जानकारी के आधार पर यह सबसे प्राचीन तथा दूरस्थ आकाशगंगा है। GN-z11 के प्रकाश के लालविचलन का मूल्य z=11.1 है जिसका अर्थ पृथ्वी से 32 अरब प्रकाशवर्ष की दूरी है। GN-z11 की जो छवि हम…

प्राकृतिक रंग, प्रतिनिधि रंग तथा उन्नत रंग

प्राकृतिक, प्रतिनिधि तथा उन्नत रंग: हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला चित्र कैसे लेती है?: भाग 3


इस लेख मे हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला द्वारा लिए जाने वाले तीन प्रकार के चित्रों और उन्हे बनाने की विधि का वर्णन किया गया है। [इस लेख को पढ़ने से पहले इसका पहला भाग और दूसरा भाग पढ़े।]

एन जी सी 1512 का चित्र, विभिन्न फिल्टरो के प्रयोगों से

फिल्टर और प्रकाश : हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला चित्र कैसे लेती है? : भाग 2


किसी ब्रह्मांडीय पिंड से आने वाला प्रकाश रंगो की विस्तृत श्रेणी मे आता है, जिसमे से हर रंग विद्युत चुंबकिय विकिरण की एक विशिष्ट तरंग से संबधित होता है। हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला दृश्य प्रकाश की तरंगो के अतिरिक्त अन्य हजारों तरह की तरंगो जैसे अवरक्त, पराबैंगनी तरंगो को भी ग्रहण कर सकता है। [इस लेख को पढ़ने…

हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला

हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला चित्र कैसे लेती है?


अंतरिक्ष ब्लाग पर आपने ब्रह्मांडीय पिंडो की खूबसूरत तस्वीरे देखी होंगी। इन अद्भुत ,विहंगम ,नयानाभिराम चित्रो और उनके मनमोहक रंगो, आकृतियों को देखकर विश्वास नही होता कि ब्रह्माण्ड मे रंगो की छटा इस तरह बिखरी पड़ी है। आईये जानते है कि यह चित्र कैसे लिए जाते है ? क्या इन चित्रो के रंग वास्तविक होते है ?