हर्टजस्प्रुंग-रसेल आरेख

तारों की अनोखी दुनिया


लेखक -प्रदीप (Pk110043@gmail.com) आकाश में सूरज, चाँद और तारों की दुनिया बहुत अनोखी है। आपने घर की छत पर जाकर चाँद और तारों को खुशी और आश्चर्य से कभी न कभी जरुर निहारा होगा। गांवों में तो आकाश में जड़े … पढ़ना जारी रखें तारों की अनोखी दुनिया

किसी घूर्णन करते हुये श्याम वीवर द्वारा घुर्णन अक्ष की दिशा मे इलेक्ट्रान जेट का उत्सर्जन किया जा सकता है, जिनसे रेडीयो तरंग उत्पन्न होती है।

श्याम विवर: 10 विचित्र तथ्य


श्याम विवर या ब्लैक होल! ये ब्रह्मांड मे विचरते ऐसे दानव है जो अपनी राह मे आने वाली हर वस्तु को निगलते रहते है। इनकी भूख अंतहीन है, जितना ज्यादा निगलते है, उनकी भूख उतनी अधिक बढ़्ती जाती है। ये … पढ़ना जारी रखें श्याम विवर: 10 विचित्र तथ्य

गुरुत्विय लेंस क्या होता है?


गुरुत्विय लेंस अंतरिक्ष में किसी बड़ी वस्तु के उस प्रभाव को कहते हैं जिसमें वह वस्तु अपने पास से गुज़रती हुई रोशनी की किरणों को मोड़कर एक लेंस जैसा काम करती है। भौतिकी  के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत की वजह से कोई भी वस्तु अपने इर्द-गिर्द के व्योम (“दिक्-काल” या स्पेस-टाइम) को मोड़ देती है और बड़ी वस्तुओं में यह मुड़ाव अधिक होता है। जिस तरह चश्मे,  दूरबीन के मुड़े हुए शीशे से गुज़रता हुआ प्रकाश भी मुड़ जाता है, उसी तरह गुरुत्वाकर्षण लेंस से गुज़रता हुआ प्रकाश भी मुड़ जाता है।

Gravitational-lensing-A1916 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने सापेक्षता सिद्धांत की घोषणा की और उसे प्रकाशित किया। 1924 में एक ओरॅस्त ख़्वोलसन नाम के रूसी भौतिकविज्ञानी ने आइनस्टाइन के सापेक्षता सिद्धांत को समझकर भविष्यवाणी की कि ऐसे गुरुत्विय लेंस ब्रह्माण्ड में ज़रूर होंगे। 1936 में आइनस्टाइन ने भी अपने एक लेख में ऐसे लेंसों के मिलने की भविष्यवाणी की। कई दशकों पश्चात , 1979 में,  एक क्वासर की एक के बजाए दो-दो छवियाँ देखी गयी और इस की पुष्टि हुयी। उसके बाद काफ़ी दूरस्थ वस्तुओं की ऐसी छवियाँ देखी जा चुकी हैं जिनमें उन वस्तुओं और पृथ्वी के बीच कोई बहुत बड़ी अन्य वस्तु रखी हो जो पहली वस्तु से आ रही प्रकाश की किरणों पर लेंसों का काम करे और उसकी छवि को या तो मरोड़ दे या आसमान में उसकी एक से ज़्यादा छवि दिखाए।

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अर्ध-प्रकाशगति(149,896 किमी/सेकंड) से घूर्णन करता श्याम विवर


श्याम विवर(black hole) इस ब्रह्मांड की सबसे विचित्र संरचनाओं मे से एक है। वे ब्रह्माण्ड के ऐसे निरंकुश दानव है जो अपने आसपास फटकने वाले चंद्रमा, ग्रह, तारे और समूचे सौर मंडलो को निगल जाते है। इनकी पकड़ से प्रकाश … पढ़ना जारी रखें अर्ध-प्रकाशगति(149,896 किमी/सेकंड) से घूर्णन करता श्याम विवर

बरमुडा त्रिभुज : रहस्य या एक मिथक (Bermuda Triangle : Mystery or Myth)?


आपको बरमूडा त्रिभुज कोई ऐसा नक्शा नही मिलेगा जो इस क्षेत्र की सीमाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता हो। कुछ व्यक्तियों की मान्यताओं के अनुसार यह एक ऐसा रहस्यमय क्षेत्र है जहाँ पर वायुयान और जलयान रहस्यमय रूप से लापता होते हैं। 1964 मे एक पत्रिका ने इस क्षेत्र को बरमूडा त्रिभुज नाम दिया था, तब से इस क्षेत्र सनसनीखेज समाचारों/कहानियों के लेखकों की कलम चलती रही है। यह बरमूडा त्रिभुज , जिसे “शैतान के त्रिभुज” के रूप में भी जाना जाता है , उत्तर पश्चिम अटलांटिक महासागर का एक क्षेत्र है जिसमे कुछ विमान और सतही जहाज (surface vessels) गायब हो गए हैं. कुछ लोगों का दावा है कि ये गायब होने की बातें “मानव त्रुटि (human error)” या “प्रकृति के कृत्यों (acts of nature)” की सीमाओं के परे है. लोकप्रिय संस्कृति ने गायब होने की कुछ घटनाओं को अपसामान्य (paranormal), भौतिकी के नियमों (laws of physics) के निलंबन, या भूमि से परे की जीवित वस्तुओं (extraterrestrial beings) की गतिविधियों से सम्बद्ध बताया है।लेकिन जब आप इस क्षेत्र की और उससे जुडी दुर्घटनाओं की गहराई से जांच पड़ताल करते है तो पाते है कि इस रहस्यमय क्षेत्र मे कोई रहस्य ही नही है। इस क्षेत्र मे हुयी अधिकतर दुर्घटना का संतोषजनक स्पष्टीकरण उपलब्ध है।

वर्ल्ड वाईड फंड फ़ार नेचर ने 2013 मे समुद्री परिवहन के लिये सबसे खतरनाक दस शीर्ष स्थानों की सूची तैयार की है लेकिन इसमे बरमूडा त्रिभुज नही है।

लेकिन क्या इसका अर्थ यह है कि बरमूडा त्रिभुज मे विचित्र अनुभव के दावे आधारहीन है?

ऐसा भी नही है, वैज्ञानिको ने इस क्षेत्र मे सामान्य समुद्री क्षेत्र की तुलना मे कुछ अलग गुण पाये है और इस क्षेत्र की सागर तलहटी पर कुछ विचित्र संरचनाये भी पायी है। और इस क्षेत्र के कथित रहस्यमय व्यवहार की अवधारणा पर विश्वास करने वालों के लिये इतना ही पर्याप्त है और वे तिल का ताड़ बनाने मे सक्षम है।

इस लेख मे हम इस क्षेत्र से जुड़े कुछ तथ्यों और हुयी दुर्घटनाओं पर चर्चा करेंगे। साथ ही मे हम इस क्षेत्र से जुड़ी हुयी कुछ विचित्र मनगढ़ंत कहानीयाँ जैसे परग्रही द्वारा अपहरण(Alien Abduction), अटलांटीस सभ्यता की मशीनें या श्याम विवर जैसी कहानियो को भी देखेंगे। इसके अतिरिक्त हम इस क्षेत्र मे होने वाली दुर्घटनाओं के साधारण और संभव कारणों की जांच पड़ताल भी करेंगे।

आधिकारिक रूप से बरमूडा त्रिभुज जैसे किसी क्षेत्र का अस्तित्व नही है। सं रा अमरीका का भौगोलिक नामकरण संस्थान किसी भी ऐसे क्षेत्र की उपस्थिति से इंकार करता है। लेकिन आम मान्यताओं के अनुसार यह क्षेत्र अटलांटिक महासागर मे सं रां अमरीका के दक्षिणी समूद्री सीमा मे स्थित है और इसके तीन शीर्ष बिंदु बरमूडा द्वीप, फ्लोरिडा राज्य का मियामी शहर और प्युर्टो रीको राज्य का सान जुआन द्वीप है। यह क्षेत्र 500,000 वर्ग मील मे फैला हुआ है।

इस क्षेत्र का नाम इस त्रिभुज के एक शीर्ष बिंदु बरमूडा द्वीप के नाम पर है जिसे किसी समय “शैतान का द्वीप(Devil’s Island)” भी कहा जाता था। इस द्वीप के आस पास देखने में सुरक्षित पर खतरनाक मूंगे की चट्टान है जिनसे टकराकर हर वर्ष कितने ही जहाज क्षतिग्रस्त हो जाते है। पढ़ना जारी रखें “बरमुडा त्रिभुज : रहस्य या एक मिथक (Bermuda Triangle : Mystery or Myth)?”

विज्ञान विश्व को चुनौती देते 20 प्रश्न


1 ब्रह्मांड किससे निर्मित है?

dmdeखगोल वैज्ञानिकों के सामने एक अनसुलझी पहेली है जो उन्हे शर्मिन्दा कर देती है। वे ब्रह्मांड के 95% भाग के बारे मे कुछ नहीं जानते है। परमाणु, जिनसे हम और हमारे इर्द गिर्द की हर वस्तु निर्मित है, ब्रह्मांड का केवल 5% ही है! पिछले 80 वर्षों की खोज से हम इस परिणाम पर पहुँचे हैं कि ब्रह्मांड का 95% भाग रहस्यमय श्याम ऊर्जा और श्याम पदार्थ से बना है। श्याम पदार्थ को 1933 मे खोजा गया था जो कि आकाशगंगा और आकाशगंगा समूहों को एक अदृश्य गोंद के रूप मे बाँधे रखे है।। 1998 मे खोजीं गयी श्याम ऊर्जा ब्रह्मांड के विस्तार गति मे त्वरण के लिये उत्तरदायी है। लेकिन वैज्ञानिकों के सामने इन दोनो की वास्तविक पहचान अभी तक एक रहस्य है!

2 जीवन कैसे प्रारंभ हुआ?

originoflifeचार अरब वर्ष पहले किसी अज्ञात कारक ने मौलिक आदिम द्रव्य(Premordial Soup) मे एक हलचल उत्पन्न की। कुछ सरल से रसायन एक दूसरे से मील गये और जीवन का आधार बनाया। ये अणु अपनी प्रतिकृति बनाने मे सक्षम थे। हमारा और समस्त जीवन इन्हीं अणुओं के विकास से उत्पन्न हुआ है। लेकिन ये सरल मूलभूत रसायन कैसे, किस प्रक्रिया से इस तरह जमा हुये कि उन्होंने जीवन को जन्म दिया? डी एन ए कैसे बना? सबसे पहली कोशीका कैसी थी? स्टेनली-मिलर के प्रयोग के 50 वर्ष बाद भी वैज्ञानिक एकमत नहीं है कि जीवन का प्रारंभ कैसे हुआ? कुछ कहते है कि यह धूमकेतुओ से आया, कुछ के अनुसार यह ज्वालामुखी के पास के जलाशयों मे प्रारंभ हुआ, कुछ के अनुसार वह समुद्र मे उल्कापात से प्रारभ हुआ। लेकिन सही उत्तर क्या है?

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