हमारे सौरमंडल के समीप पृथ्वी के जैसे एक और ग्रह की खोज!


सौर मंडल बाह्य जीवन योग्य ग्रहो की खोज मे एक नयी सफलता मीली है। वैज्ञानिको ने एक त्रिक तारा समूह(Triple Star System) मे एक ग्रह खोजा है जो कि हमारे सौर मंडल के समीप 22 प्रकाशवर्ष की दूरी पर है। इससे … पढ़ना जारी रखें हमारे सौरमंडल के समीप पृथ्वी के जैसे एक और ग्रह की खोज!

01 सरल क्वांटम भौतिकी: मूलभूत क्या है ?


द थिंकर (विचारक)
द थिंकर (विचारक)

 सनातन प्रश्न

सदियों से मानव के मन मे प्रश्न रहा है:

“विश्व किससे निर्मित है?”

“इसे कौन बांधे रखता है?”

clip_image003प्रश्न: इस पुतले का नाम क्या है और इसका शिल्पकार कौन है?

उत्तर :

शिल्पकार: राडीन (Rodin)

 नाम: द थिंकर (The Thinker)

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हमारे सौर मंडल के बाहर पदार्थ भिन्न है !


नासा के अंतरखगोलीय सीमा अन्वेषक यान ( Interstellar Boundary Explorer -IBEX) ने हमारे सौर मंडल के कुछ महत्वपूर्ण तत्वों के वितरण मे अद्भुत विषमता की खोज की है। विशेषतः हमारे सौर मंडल मे आक्सीजन की मात्रा ज्यादा क्यों है ? … पढ़ना जारी रखें हमारे सौर मंडल के बाहर पदार्थ भिन्न है !

शेल्डन ग्लाशो

स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 12 : विज्ञान या दर्शन ?


स्ट्रींग सिद्धांत ब्रह्माण्ड के अध्ययन और व्याख्या की एक क्रांतिकारी विधि है। यह हमारे ब्रह्माण्ड के हर पहलू की व्याख्या करती है, पदार्थ का निर्माण करने वाले कण तथा पदार्थ पर प्रतिक्रिया करने बलों की वह ऊर्जा की अत्यंत सुक्ष्म तंतुओ के रूप मे सफल व्याख्या करती है। स्ट्रींग सिद्धांत के अनुसार ऊर्जा के अत्यंत सुक्ष्म तंतु या तंतुवलय इस ब्रह्माण्ड के छोटे परमाण्विक कणो से लेकर विशालकाय आकाशगंगा के व्यवहार तथा संरचना को समझने की मुख्य कुंजी है।

स्ट्रींग सिद्धांत के आलोचको का मानना है कि यह सिद्धांत “थ्योरी आफ एवरीथींग” के रूप मे असफल रहा है। इसके आलोचको मे  पीटर वोइट(Peter Woit) ली स्मोलीन(Lee Smolin)फिलीप वारेन एन्डरसन(Philip Warren Anderson)शेल्डन ग्लाशो (Sheldon Glashow)लारेंस क्राउस (Lawrence Krauss), तथा कार्लो रोवेल्ली(Carlo Rovelli) जैसे बड़े नाम है। पढ़ना जारी रखें “स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 12 : विज्ञान या दर्शन ?”

iapetus cassini

श्वेत श्याम उपग्रह


यह विचित्र आकाशीय पिंड कैसा है ? इस विचित्र पिंड का कुछ भाग कोयले के जैसा गहरा है जबकि शेष भाग बर्फ के जैसे चमकीला है। … पढ़ना जारी रखें श्वेत श्याम उपग्रह

स्ट्रींग सिद्धांत मे श्याम विवर

स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 11 : श्याम विवर


साधारण सापेक्षतावाद के सिद्धांत(Theory of general relativity) के अनुसार अत्याधिक गुरुत्वाकर्षण के फलस्वरूपश्याम विवर (Black Hole) का निर्माण होता है। इसके समीकरणो के अनुसार श्याम विवर के कई प्रकार होते है लेकिन सभी के कुछ समान गुण धर्म होते है। श्याम वीवर के आसपास एक विशेष क्षेत्र होता है जिसे घटना-क्षितिज (Event Horizon) कहते है और वह श्याम विवर को शेष विश्व से अलग करता है। श्याम वीवर का गुरुत्वाकर्षण इतना ज्यादा होता है कि प्रकाश समेत कोई भी पिंड घटना-क्षितिज की सीमा पारकरने के पश्चात श्याम विवर के गुरुत्वाकर्षण से बच नही सकता है। इस सिद्धांत के श्याम विवर की कोई विशेषता नही होती है, लेकिन उनकी व्याख्या कुछ निरीक्षण कीये जा सकने वाले कारको जैसे द्रव्यमान(mass),  आवेश(charge) तथा कोणीय संवेग (Angular momentum) से की जा सकती है। पढ़ना जारी रखें “स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 11 : श्याम विवर”