श्याम वीवर द्वारा साथी तारे के पदार्थ को निगलना

किसी श्याम विवर द्वारा एक तारे को चीरना


किसी श्याम विवर द्वारा एक तारे को चीरना (x किरण उत्सर्जन  द्वारा पाये गये सबुत) किसी तारे को कौन चीर सकता है ? एक श्याम विवर । … पढ़ना जारी रखें किसी श्याम विवर द्वारा एक तारे को चीरना

काल-अतंराल(Space-Time) की अवधारणा


श्याम विवर की गहराईयो मे जाने से पहले भौतिकी और सापेक्षता वाद के कुछ मूलभूत सिद्धांतो की चर्चा कर ली जाये !

त्री-आयामी
त्री-आयामी

काल-अंतराल(Space-Time) की अवधारणा

सामान्यतः अंतराल को तीन अक्ष में मापा जाता है। सरल शब्दों में लंबाई, चौड़ाई और गहराई, गणितिय शब्दों में x अक्ष, y अक्ष और z अक्ष। यदि इसमें एक अक्ष समय को चौथे अक्ष के रूप में जोड़ दे तब यह काल-अंतराल का गंणितिय माँडल बन जाता है।

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सी फर्ट आकाशगंगा NGC 7742


नही ये आपके नाश्ते के लिये तैयार किया गया अंडे का आमलेट नही है ! यह एक विशाल आकाशगंगा है जिसका नाम सीफर्ट( Seyfert Galaxy NGC … पढ़ना जारी रखें सी फर्ट आकाशगंगा NGC 7742

दृश्य प्रकाश के रंग और विद्युत चुंबकिय विकिरण

बिल्ली की आंखे


तिन हजार प्रकाश वर्ष दूर ,एक मरते हुये तारे मे विस्फोट हुआ और गैस के चमकीले बादल तारे से बाहर फेंके गये। हब्बल दूरबीन से लिये … पढ़ना जारी रखें बिल्ली की आंखे

हबल दूरबीन द्वारा लिया गया सबसे प्रसिद्ध चित्र, उद्भव के स्तंभ("Pillars of Creation"), इसमे चील निहारिका(Eagle Nebula) मे तारो के जन्म को देखा जा सकता है।

‘चील निहारिका’ मे सितारो का जन्म


सितारो का जन्म कहां होता है ? सितारो की जन्मस्थली को EGGs(evaporating gaseous globules) कहा जाता है। ये EGGs कुछ और नही सुदूर अंतरिक्ष मे हायड्रोजन … पढ़ना जारी रखें ‘चील निहारिका’ मे सितारो का जन्म

श्याम पदार्थ(Dark Matter)


भौतिकी में श्याम पदार्थ उस पदार्थ को कहते है जो विद्युत चुंबकीय विकिरण (प्रकाश, क्ष किरण) का उत्सर्जन या परावर्तन पर्याप्त मात्रा में नहीं करता जिससे उसे महसूस किया जा सके किंतु उसकी उपस्थिति साधारण पदार्थ पर उसके गुरुत्व प्रभाव से महसूस की जा सकती है। श्याम पदार्थ की उपस्थिति के लिये किये गये निरीक्षणों में प्रमुख है, आकाशगंगाओं की घूर्णन गति, किसी आकाशगंगाओं के समुह में आकाशगंगा की कक्षा मे गति और आकाशगंगा या आकाशगंगा के समुह में गर्म गैसो में तापमान का वितरण है। श्याम पदार्थ की ब्रह्मांड के आकार ग्रहण प्रक्रिया(१) तथा महा विस्फोट केन्द्रीय संश्लेषण(Big Bang Ncleosynthesis)(२)प्रमुख भूमिका रही है। श्याम पदार्थ का प्रभाव ब्रह्मांडीय विकिरण के फैलाव और वितरण में भी रहा है। यह सभी सबूत यह बताते है कि आकाशगंगाये, आकाशगंगा समुह(Cluster) और ब्रह्मांड में पदार्थ की मात्रा निरीक्षित मात्रा से कही ज्यादा है, जो कि मुख्यतः श्याम पदार्थ है जिसे देखा नहीं जा सकता। पढ़ना जारी रखें “श्याम पदार्थ(Dark Matter)”