शनि, उसके वलय और चंद्रमा: कासीनी द्वारा ली गयी खूबसूरत तस्वीर

शनि के घर से :रीआ, डिओने और वलय


कासीनी अंतरिक्षयान द्वारा ली गयी ये अद्भूत तस्वीर ! इस चित्र मे उपर का पिंड शनि का चंद्रमा रीआ है, जो कि 1500 किमी व्यास का है। … पढ़ना जारी रखें शनि के घर से :रीआ, डिओने और वलय

अपनी अंतिम उड़ान पर ‘डिस्कवरी’


सितंबर १९८८ मे डिस्कवरी ने दोबारा उड़ान भरी थी, चैलेंजर दुर्घटना के बाद अंतरिक्ष शटल की यह पहली उड़ान थी। इस अवसर पर ‘विज्ञान प्रगति’ का … पढ़ना जारी रखें अपनी अंतिम उड़ान पर ‘डिस्कवरी’

सूर्य और वी वाय कानीस मेजारीस

विशालकाय, महाकाय ब्रह्मांडीय पिंड


खगोलीय पिंडो का आकार और उनके मध्य की दूरी इतनी विशाल होती है कि वह मनुष्य की कल्पना से बाहर हो जाती है। इस लेख के चित्र पृथ्वी से शुरुवात कर बढ़ते क्रम मे पिंडो के आकार को दर्शा रहे है।

सबसे पहले सौर मंडल के आंतरिक ग्रह। यह सभी ग्रह ठोस है। बुध सबसे छोटा है और बढते क्रम मे मंगल, शुक्र और पृथ्वी है। शुक्र और पृथ्वी लगभग समान है।

बुध, मंगल, शुक्र और पृथ्वी
बुध, मंगल, शुक्र और पृथ्वी

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अंतरिक्ष मे वेलेंटाईन डे


W5 एक निहारिका है जो 6000 प्रकाश वर्ष दूर कैसीओपीया(Cassiopeia) तारामंडल की ओर है। यह विशालकाय है और आकाश मे 2×1.5 डीग्री तक चौड़ी है(पूर्ण चंद्रमा से … पढ़ना जारी रखें अंतरिक्ष मे वेलेंटाईन डे

उत्तरी अमरीका निहारिका (बाएं दृश्य प्रकाश में, दायें अवरक्त प्रकाश में )

उत्तरी अमेरिका निहारिका


अपने विकास की हर अवस्था में तारे ! नासा की अंतरिक्ष वेधशाला स्पिटज़र से लिए इस चित्र में आप देख सकते है ,धुल भरे छोटे बिन्दूओ से … पढ़ना जारी रखें उत्तरी अमेरिका निहारिका

केप्लर वेधशाला ने एक सौर मंडल खोज निकाला !


केप्लर ११ तारा अपने ग्रहो के साथ(कल्पना)
केप्लर 11 तारा अपने ग्रहो के साथ(कल्पना)

नासा की अंतरिक्ष वेधशाला केप्लर का प्रयोग करते हुये खगोलशास्त्रीयो ने एक छः ग्रहो वाला सौर मंडल खोज निकाला है। लेकिन यह सौर मंडल विचित्र है क्योंकि इसके छः मे से पांच ग्रह अपने मातृ तारे के काफी समीप की कक्षा मे है। यह कक्षा बुध ग्रह की  कक्षा से भी छोटी है।

इनमे से किसी भी ग्रह को पृथ्वी जैसा नही कह सकते क्योंकि वे सभी पृथ्वी से ज्यादा द्रव्यमान और अत्याधिक गर्म है। लेकिन यह खोज इसलिये महत्वपूर्ण है कि केप्लर अभियान उत्साहजनक परिणाम देने लगा है। पढ़ना जारी रखें “केप्लर वेधशाला ने एक सौर मंडल खोज निकाला !”