चंद्रयात्री बज आल्ड्रीन तथा नील आर्मस्ट्रांग नासा के प्रशिक्षण केंद्र मे चंद्रमा और लैंडर माड्युल के माडेल के साथ

अपोलो चंद्रयात्रा षडयंत्र (कांसपिरेसी) थ्योरी


वर्तमान मे कांसपिरेसी थ्योरियाँ एक बहुत बड़ा बाजार है और इस बाजार में कई तरह की कांसपिरेसी थ्योरी प्रचलित है जिनमे से एक है अपोलो चंद्रयात्रा षडयंत्र (कांसपिरेसी थ्योरी)। इस थ्योरी में ऐसे बहुत से लोग है जो यह मानते … पढ़ना जारी रखें अपोलो चंद्रयात्रा षडयंत्र (कांसपिरेसी) थ्योरी

मिशन धूमकेतु


लेखक : देवेंद्र मेवाड़ी धूमकेतु  पर धमाका उस दिन दुनिया भर के समाचारपत्रों की सुर्खियों में यह खबर थीः केप केनवरल, जनवरी 13: नासा के धूमकेतु  टैम्पल-1 से मिलने के लिए हालीवुड नामधारी अंतरिक्ष यान ‘डीप इम्पैक्ट’ का बुधवार को … पढ़ना जारी रखें मिशन धूमकेतु

सोशल मीडिया पर छद्म विज्ञान के ख़तरे


लेखक : अभिषेक मिश्र साधारणतया आजकल लोग अपने शुभचिंतकों, करीबियों के सुझावों को भले नजरंदाज कर दें पर सोशल मीडिया पर उपलब्ध ज्ञान को बड़ी गंभीरता से लेते हैं। धर्म, समाज, ज्ञान, विज्ञान, स्वास्थ्य आदि कई बिंदुओं से संबंधित जानकारियाँ … पढ़ना जारी रखें सोशल मीडिया पर छद्म विज्ञान के ख़तरे

अंतरखगोलीय यात्राओं के लिये विशाल यान

पृथ्वी के बाहर किसी अन्य ग्रह पर बसने की बेताबी


“हमारी पृथ्वी ही वह ज्ञात विश्व है जहाँ जीवन है। आनेवाले समय में भी कहीं ऐसा कुछ नहीं दिखता जहाँ हम प्रस्थान कर सकें। जा भी सकें तो बस न सकेंगे। मानें या न मानें, इस क्षण तो पृथ्वी ही … पढ़ना जारी रखें पृथ्वी के बाहर किसी अन्य ग्रह पर बसने की बेताबी

जेम्स क्लार्क मैक्सवेल : जिन्होने सापेक्षतावाद की नींव रखी


जेम्स क्लार्क मैक्सवेल (James Clerk Maxwell) स्कॉटलैण्ड (यूके) के एक विख्यात गणितज्ञ एवं भौतिक वैज्ञानिक थे। इन्होंने 1865 ई. में विद्युत चुम्बकीय सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जिससे रेडियो और टेलीविजन का आविष्कार सम्भव हो सका। क्लासिकल विद्युत चुंबकीय सिद्धांत, चुंबकत्व … पढ़ना जारी रखें जेम्स क्लार्क मैक्सवेल : जिन्होने सापेक्षतावाद की नींव रखी

कांच के गुंबदो के अंदर मानव कालोनी(कोपरनिकस डोम)

मानवता : पृथ्वी के अतिरिक्त एक और घर की तलाश


शीत ऋतु , अमावस की रात, निरभ्र आकाश मे चमकते टिमटिमाते तारे, उत्तर से दक्षिण की ओर तारों से भरा श्वेत जलधारा के रूप मे मंदाकीनी आकाशगंगा का पट्टा! आकाश के निरीक्षण के लिये इससे बेहतर और क्या हो सकता … पढ़ना जारी रखें मानवता : पृथ्वी के अतिरिक्त एक और घर की तलाश