
भाग 1 : ज्यामिति की वैश्विक उत्पत्ति
- मिस्र: नील नदी और भूमि मापन से जन्मी ज्यामिति
- प्रागैतिहासिक काल
- बेबीलोन: संख्याओं और त्रिभुजों का गणित
- सुमेरिया (Sumeria) असीरिया (Assyria)
- भारत: वेदियों से ब्रह्मांड तक
- यूनान (ग्रीस): ज्यामिति का तर्क और प्रमाण
- रोमन सभ्यता: इंजीनियरिंग की ज्यामिति
- चीन: सर्वेक्षण और खगोल विज्ञान की ज्यामिति
- अरब सभ्यता: ज्ञान का संरक्षण और विस्तार
- माया सभ्यता: खगोलीय ज्यामिति
- इंका एवं अन्य प्राचीन अमेरिकी सभ्यताएँ
- ज्यामिति: सभ्यताओं को जोड़ने वाली भाषा
भाग 2 : मध्यकाल और खोज (Age of Discovery)(500 CE – 1500 CE)
- इस्लामी स्वर्ण युग: यूनानी, भारतीय, बाबुल ज्ञान का समन्वय
- Ulugh Beg की वेधशाला
- Astrolabe और सटीक खगोलीय सारणियाँ
भाग 3 : पुनर्जागरण और वैज्ञानिक क्रांति (1500 – 1700) (Scientific Revolution)
- Galileo Galilei → दूरबीन से आकाश का अध्ययन
- Isaac Newton → गुरुत्वाकर्षण और गति के नियम
भाग 4 : आधुनिक खगोलशास्त्र (1700 – 1950) प्रयोग और प्रमाण आधारित विज्ञान की शुरुआत
- Isaac Newton: गुरुत्वाकर्षण
- William Herschel
- तारों की संरचना (spectroscopy)
भाग 5 : यूक्लिड से आइंस्टीन तक — जब ज्यामिति ने ब्रह्मांड को मोड़ दिया
- यूक्लिडीय ब्रह्मांड
- गाउस की शंका
- रीमान की क्रांति
भाग 6 : स्पेसटाइम की बनावट — रीमान ज्यामिति से फ्राइडमैन ब्रह्मांड तक
- आइंस्टीन और स्पेस-टाइम
- सामान्य सापेक्षतावाद
- गुरुत्वाकर्षण = ज्यामिति
भाग 7 : आइंस्टीन और वक्रित ब्रह्मांड — जब गुरुत्वाकर्षण ज्यामिति बन गया
- फ्राइडमैन ब्रह्मांड मॉडल
- ब्रह्मांड का विस्तार
भाग 8 : फ्राइडमैन से आधुनिक कॉस्मोलॉजी तक — ब्रह्मांड की ज्यामिति का अंतिम रहस्य
- डार्क मैटर
- डार्क एनर्जी
- ब्रह्मांड की वैश्विक ज्यामिति
भाग 9 : क्वांटम गुरुत्वाकर्षण और ब्रह्मांड की अंतिम ज्यामिति
- आधुनिक कॉस्मोलॉजी
- ब्रह्मांड का अंतिम भाग्य
