प्रोटान-प्रोटान शृंखला

खगोल भौतिकी 17 : तारों मे चल रही नाभिकिय प्रक्रियायें(NUCLEAR REACTIONS IN STARS)


लेखक : ऋषभ तारों के जीवन और विकास के अध्ययन पर आगे बढ़ने से पहले से पहले उनपर चलरही नाभिकिय अभिक्रियाओं को जानना महत्वपूर्ण है। तारकीय खगोलभौतिकी के अध्ययन मे भौतिकी के अन्य विषय जैसे नाभिकिय भौतिकी(nuclear physics), उष्मागतिकी(thermodynamics), कण भौतिकी(particle physics), विद्युतगतिकी(electrodynamics), सांख्यकिय यांत्रिकी(statistical mechanics) तथा गुरुत्विय भौतिकी(gravitational physics) की भी भूमिका होती है।…

हार्वर्ड वर्गीकरण प्रणाली(Harvard Classification System)

खगोल भौतिकी 9 : तारों का वर्णक्रम के आधार पर वर्गीकरण (SPECTRAL CLASSIFICATION)


लेखक : ऋषभ यह लेख ’मूलभूत खगोलभौतिकी (Basics of Astrophysics)’ शृंखला मे नंवा लेख है और अब तक की यात्रा रोचक रही है। हमने एक सरल प्रश्न से आरंभ किया था कि खगोलभौतिकी क्या है? इसके पश्चात हमने इस क्षेत्र मे प्रयुक्त होने आधारभूत उपकरणो और तकनीकी शब्दो, दूरी की इकाईयों, खगोलीय निर्देशांक प्रणाली, परिमाण(magnitud)…

लाल विचलन के तीन प्रकार

खगोल भौतिकी 5 : लालविचलन(Redshift) के तीन प्रकार और उनका खगोलभौतिकी मे महत्व


लेखक : ऋषभ इस शृंखला के दूसरे लेख मे हमने देखा कि किस तरह से किसी खगोलभौतिक वैज्ञानिक के लिये विद्युत चुंबकीय वर्णक्रम(Electromagnetic Spectrum) ब्रह्माण्ड के रहस्यो को समझने के लिये एक महत्वपूर्ण और उपयोगी उपकरण है। किसी भी खगोलीय पिंड के वर्णक्रम से हम बहुत सी बहुतसी महत्वपूर्ण जानकारी निकाल सकते है। उदाहरण के…