एडवीन हबल( Edwin Hubble)

आधुनिक खगोलशास्त्र के पितामह : एडवीन हबल


एडविन हबल ब्रह्मांड के विस्तार सिद्धांत के प्रवर्तक और आधुनिक खगोल विज्ञान के पितामह थे । हबल बीसवीं सदी के अग्रणी खगोलविदों में से एक थे । उन पर ही हबल अंतरिक्ष टेलीस्कोप का नामकरण हुआ था । 1920 के दशक में हमारी अपनी मंदाकिनी(milky way) आकाशगंगा के परे अनगिनत आकाशगंगाओं की उनकी खोज ने…

हबल दूरबीन

हबल अंतरिक्ष दूरबीन : जब 1.6 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट को बर्बाद होने से बचाया गया!


अंतरिक्ष को देखने का हमारा नज़रिया पूरी तरह से बदल देने वाले हबल वेधशाला इस महीने 25 साल की हो गयी। 25 साल पहले अप्रैल 1990 में दूरबीन हबल अपनी अंतरिक्ष यात्रा पर शटल ‘डिस्कवरी’ में सवार हो कर निकली थी| अपने कार्यकाल के दौरान यह उपकरण पृथ्वी पर लगभग 7 लाख तस्वीरें भेज चुका…

हबल दूरबीन द्वारा लिया गया सबसे प्रसिद्ध चित्र, उद्भव के स्तंभ("Pillars of Creation"), इसमे चील निहारिका(Eagle Nebula) मे तारो के जन्म को देखा जा सकता है।

25 अप्रैल को हबल अंतरिक्ष वेधशाला के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष


हबल अंतरिक्ष दूरदर्शी (Hubble Space Telescope (HST)) वास्तव में एक खगोलीय दूरदर्शी है जो अंतरिक्ष में कृत्रिम उपग्रह के रूप में स्थित है, इसका प्रक्षेपण 24 अप्रैल 1990 को अमरीकी अंतरिक्ष शटल डिस्कवरी ने किया था तथा इसे 25 अप्रैल सन् 1990 को इसकी कक्षा में स्थापित किया गया था। हबल दूरदर्शी को अमेरिकी अंतरिक्ष…

हब्बल दूरबीन के 21 वर्ष : आर्प 273आकाशगंगा


24 अप्रैल 1990 को डीस्कवरी स्पेश शटल ने हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला को पृथ्वी की कक्षा तथा इतिहास मे स्थापित किया था। हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला की वर्षगांठ पर पेश है हब्बल द्वारा लिया गया आर्प 273 आकाशगंगाओ का यह खूबसूरत चित्र ! वर्षो पहले खगोलविज्ञानी हाल्टन आर्प ने विचित्र आकार की कई आकाशगंगाओं का निरीक्षण कर सूचीबद्ध किया था। अब हम जानते…

एक युग का अंत: डिस्कवरी अपनी अंतिम उड़ान से वापिस


9 मार्च 2011 बुधवार को 11.57 सुबह (पूर्वी अमरीका स्थानीय समय) पर डिस्कवरी अंतरिक्ष यान अपनी अंतिम उड़ान से सकुशल पृथ्वी पर लैंड कर गया। यह चित्र इसी ऐतिहासिक क्षण का है। डिस्कवरी अंतरिक्ष यान ने हब्बल अंतरिक्ष वेधशाला को कक्षा मे स्थापित किया था, दो बार उसकी मरम्मत की थी। इसी यान ने युलीसीस शोध यान का प्रक्षेपण किया था,…

अपनी अंतिम उड़ान पर ‘डिस्कवरी’


सितंबर १९८८ मे डिस्कवरी ने दोबारा उड़ान भरी थी, चैलेंजर दुर्घटना के बाद अंतरिक्ष शटल की यह पहली उड़ान थी। इस अवसर पर ‘विज्ञान प्रगति’ का एक अंतरिक्ष विशेषांक आया था। अंतरिक्ष और खगोलशास्त्र मे मेरी रूची इस उड़ान के बाद ही जागृत हुयी थी। इसके बाद विज्ञान प्रगति मे ही श्री देवेन्द्र मेवाड़ी की…