पराया हो गया सूरज !
वह पृथ्वी से १४९,६००,००० किलो मीटर दूरी पर सौर मंडल के केंद्र में स्थित वर्णक्रमीय प्रकार जी २ के तारे सूर्य की स्वामिनी है !
वह पृथ्वी से १४९,६००,००० किलो मीटर दूरी पर सौर मंडल के केंद्र में स्थित वर्णक्रमीय प्रकार जी २ के तारे सूर्य की स्वामिनी है !
वायेजर २ यह एक मानव रहित अंतरग्रहीय शोध यान था जिसे वायेजर 1 से पहले 20 अगस्त 1977 को प्रक्षेपित किया गया था। यह अपने जुड़वा यान वायेजर 1 के जैसा ही है, लेकिन वायेजर 1 के विपरित इसका पथ … पढ़ना जारी रखें मानव इतिहास का सबसे सफल अभियान :वायेजर 2
वायेजर 1 अंतरिक्ष शोध यान एक 815 किग्रा वजन का मानव रहित यान है जिसे हमारे सौर मंडल और उसके बाहर की खोज के के लिये 5 सितंबर 1977 को प्रक्षेपित किया गया था। यह अभी भी(मार्च 2007) कार्य कर … पढ़ना जारी रखें वायेजर 1 : अनजान राहो पर यात्री
सौरमंडल यह सूर्य और उसकी परिक्रमा करते ग्रह, क्षुद्रग्रह और धूमकेतुओ से बना है। इसके केन्द्र मे सूर्य है और सबसे बाहरी सीमा पर नेप्च्युन ग्रह है। नेपच्युन के परे प्लुटो जैसे बौने ग्रहो के अलावा धूमकेतु भी आते है। … पढ़ना जारी रखें सौरमंडल की सीमायें
वायेजर कार्यक्रम मे दो मानवरहित वैज्ञानिक शोध यान वायेजर 1 और वायेजर 2 शामील है। इन दोनो अंतरिक्ष यानो 1977 मे 1970 के दशक के अंत की अनुकूल ग्रहीय दशा का लाभ लेने के लिये प्रक्षेपित किया गया था। इन दोनो यानो को … पढ़ना जारी रखें वायेजर : सूदूर अंतरिक्ष का एकाकी यात्री
पूर्णाकार तस्वीर के लिये तस्वीर पर क्लीक करें यह तस्वीर पृथ्वी से नही ली ज सकती। पृथ्वी से ली गयी तस्वीरो मे हम सिर्फ शनि का … पढ़ना जारी रखें शनि और उसके वलय अपनी पूरी छटा मे