नाभिकिय क्षय

08 सरल क्वांटम भौतिकी:कणों का क्षय और विनाश(Particle Decay and Annihilation)


कणों का क्षय (Particle Decay)

स्टैंडर्ड मॉडल के अनुसार मूलभूत कणों का अन्य कणों में क्षय संभव है।

नाभिकीय क्षय में एक परमाणु का केन्द्र छोटे केन्द्रों में टूट जाता है। अर्थात एक बड़े परमाणु से दो छोटे परमाणु बनते है। प्रोटान और न्यूट्रॉन के एक बड़े समूह का प्रोटान और न्यूट्रॉन के छोटे समूहों में बंट जाना समझ में आता है।

नाभिकिय क्षय
नाभिकिय क्षय
कण का क्षय
कण का क्षय

लेकिन मूलभूत कण का क्षय ? लेकिन किसी मूलभूत कण के क्षय का अर्थ उस कण के अपने घटक कण में टूट जाना नहीं होता है। मूलभूत कण का अर्थ ही होता है कि उसके घटक नहीं है, उसे और ज्यादा तोड़ा नहीं जा सकता है। यह पर ’कण क्षय’ का अर्थ ’मूलभूत कण का दूसरे मूलभूत कण में परिवर्तन’ है। इस तरह का क्षय विचित्र है क्योंकि ’नये बने कण’ मूल कण के टुकड़े ना होकर एकदम नये कण होते हैं।

इस भाग में हम क्षय के प्रकार, क्षय के कारण और कब क्षय होगा, कब क्षय नहीं होगा की चर्चा करेंगे।

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फर्मीयान कण और बोसान कण

07 सरल क्वांटम भौतिकी: क्वांटम यांत्रिकी


मानव मन किसी भी नये तथ्य को समझने के लिये उसकी अपने आसपास की रोज़मर्रा की वस्तुओं और उनके व्यवहार से तुलना करके देखता है। इसी तथ्य के कारण शिक्षक हर सिद्धांत को समझाने कुछ उदाहरण देते रहते हैं। लेकिन यह बड़े पैमाने की वस्तुओं तक ही सीमित है, परमाणु स्तर पर यह नही किया जा सकता है; इस स्तर पर तुलना के लिये हमारे पास कोई रोज़मर्रा का उदाहरण नही होता है।

परमाणु और परमाण्विक कण हमारे आसपास के रोजाना की किसी भी अन्य वस्तुओं जैसे व्यवहार नहीं करते हैं, यह आधुनिक विज्ञान के सबसे बड़े आश्चर्यजनक तथ्यों मे से एक है। वे छोटी गेंदों के जैसे उछलते नहीं रहते हैं, इसके विपरीत वे तरंगों के जैसे व्यवहार करते हैं। स्टैंडर्ड मॉडल सिद्धांत इन कणों के गुण धर्मों और व्यवहार की व्याख्या गणितीय रूप से करता है, लेकिन इन कणों के व्यवहार को समझने के लिये हमारे पास रोज़ाना के जीवन में कोई उदाहरण नहीं है। इन कणो के व्यवहार की तुलना के लिये हमारे पास कोई उदाहरण नही है।

यदि आपने इस श्रृंखला के प्रारंभिक लेख नही पढ़े है, तो आगे बढ़ने से पहले उन्हे पढ़ें।

  1. मूलभूत क्या है ?
  2. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?
  3. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?
  4. ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?
  5. परमाणु को कौन बांधे रखता है?
  6. कमजोर नाभिकिय बल और गुरुत्वाकर्षण

भौतिक वैज्ञानिक इन छोटे कणों की व्याख्या के लिए क्वांटम शब्द का प्रयोग करते हैं जिसका अर्थ  “टुकड़ों में वृद्धि या खंड” होता है। ऐसा इसलिए है कि कुछ गुणधर्म केवल सुनिश्चित मान ले सकते हैं। उदाहरण के लिये विद्युत आवेश इलेक्ट्रॉन के आवेश का पूर्णांको में गुणनफल ही हो सकता है, या वह क्वार्क के विद्युत आवेश(1/3 तथा 2/3 ) के पूर्णांको में गुणनफल ही हो सकता है। क्वांटम यांत्रिकी इन कणों की आपसी प्रतिक्रिया की व्याख्या करती है।

कुछ महत्वपूर्ण क्वांटम संख्यायें निम्नलिखित है :

  • विद्युत आवेश : क्वार्क का विद्युत आवेश इलेक्ट्रॉन के विद्युत आवेश का 2/3 या 1/3 ही हो सकता है, लेकिन वे हमेशा पूर्णांक विद्युत आवेश वाले यौगिक कणों का निर्माण करते हैं। क्वार्क के अतिरिक्त अन्य कणों का आवेश इलेक्ट्रॉन के आवेश का पूर्णांक में गुणनफल ही होता है।
  • रंग आवेश : एक क्वार्क तीन रंग-आवेश में से किसी एक का हो सकता है तथा ग्लुआन आठ संभव रंग-प्रतिरंग युग्मों से एक का हो सकता है। अन्य सभी कण रंग उदासीन होते हैं।
  • पीढ़ी : क्वार्कों और लेप्टानों को पीढ़ी अलग करती है।
  • स्पिन : यह एक और विचित्र लेकिन महत्वपूर्ण गुण है। बड़े पिंड जैसे ग्रह या कंचे घूर्णन के कारण कोणीय संवेग या चुंबकीय क्षेत्र होता है। कण भी एक नन्हा सा कोणीय संवेग या चुंबकीय क्षेत्र रखते हैं इसलिए उनके इस गुणधर्म को स्पिन कहते हैं। यह शब्द थोड़ा गलत है क्योंकि ये कण वास्तविकता में स्पिन या घूर्णन नहीं करते हैं। स्पिन का मान प्लैंक के स्थिरांक के 0, 1/2, 1, 3/2 गुणनफल में होता है।

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कमजोर नाभिकिय बल

06 सरल क्वांटम भौतिकी: कमजोर नाभिकिय बल और गुरुत्वाकर्षण


अब तक हम चार मूलभूत प्रतिक्रियाओं मे से दो प्रतिक्रिया विद्युत-चुंबकीय तथा मजबूत नाभिकिय प्रक्रिया देख चूके है। अब हम कमजोर नाभिकिय प्रक्रिया की चर्चा करेंगे।

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  1. मूलभूत क्या है ?
  2. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?
  3. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?
  4. ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?
  5. परमाणु को कौन बांधे रखता है?

कमजोर नाभिकीय प्रतिक्रिया(Weak Nuclear Force)

कमजोर नाभिकिय बल
कमजोर नाभिकिय बल

मूलभूत कणो मे कुल छः तरह के क्वार्क और छः तरह के लेप्टान है लेकिन पूरे ब्रह्माण्ड में स्थायी पदार्थ(Stable matter) सबसे हल्के क्वार्क(अप और डाउन) , सबसे हल्के लेप्टान (इलेक्ट्रॉन)  तथा न्यूट्रीनो से बना हुआ है। अन्य भारी कण स्थायी नही होते है, उनका क्षय हो जाता है और वे हल्के कणो मे परिवर्तित हो जाते है।

कमजोर नाभिकीय प्रतिक्रियायें भारी क्वार्क तथा भारी लेप्टान के क्षय(decay) होकर हल्के क्वार्क और लेप्टान बनने के लिये उत्तरदायी है। जब किसी मूलभूत कण का क्षय होता है तब हम एक विचित्र प्रक्रिया होती है : मूल कण विलुप्त हो जाता है और उसकी जगह दो या ज्यादा भिन्न कण ले लेते हैं। कुल द्रव्यमान और ऊर्जा संरक्षित रहती है लेकिन मूल कण का कुछ द्रव्यमान गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है जिससे नये बने कणों का कुल द्रव्यमान मूल क्षय हुए कण से कम होता है।

हमारे आसपास का समस्त पदार्थ सबसे छोटे क्वार्क और लेप्टान से बना है जिसका और आगे क्षय संभव नहीं है।
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ग्लुआन

05 सरल क्वांटम भौतिकी: परमाणु को कौन बांधे रखता है?


हम जानते है कि किसी परमाणु के दो भाग होते है,  प्रोटान और न्यूट्रॉन से बना परमाणु क्रेन्द्रक और उसके चारो ओर इलेक्ट्रान का बादल। परमाणु केन्द्र प्रोटानो के फलस्वरूप धनात्मक आवेशित होता है और विद्युत-चुंबकीय बलो के फलस्वरूप इलेक्ट्रान उसके चारो ओर परिक्रमा करते रहते है।

अब हमारे पास एक और समस्या है, परमाणु केन्द्र को कौन बांधे रखता है?

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  1. मूलभूत क्या है ?
  2. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?
  3. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?
  4. ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?

परमाणु केन्द्र को कौन बांधे रखता है?

परमाणु केण्द्रक
परमाणु केण्द्रक
परमाणु केन्द्र बिखरता क्यों नही ?
परमाणु केन्द्र बिखरता क्यों नही ?

परमाणु का केन्द्र प्रोटान और न्यूट्रॉन के समूहों की एक घनी गेंद जैसे होता है। न्यूट्रॉन में आवेश नहीं होता है तथा धनात्मक प्रोटान एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, परमाणु केन्द्रक बिखरता क्यों नहीं है?

स्पष्ट है कि विद्युत-चुंबक बल परमाणु केन्द्रक को बांधे नही रख सकता है। तब दूसरा कौन सा बल हो सकता है ?

गुरुत्वाकर्षण ? ना जी ना! गुरुत्वाकर्षण बल इतना कमजोर है कि विद्युत चुंबक बल पर भारी हो कर परमाणु केन्द्रक को बांधे नहीं रख सकता है।

तब परमाणु केन्द्रक को बांधे कौन रखता है ?

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4 मूलभूत प्रतिक्रियाएँ

04 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?


अब हम अच्छी तरह से जानते हैं कि विश्व किस से बना है : क्वार्क और लेप्टान से। ठीक है…

लेकिन विश्व एक साथ कैसे बंधा है ? क्यों क्वार्क मिलकर प्रोटान/न्युट्रान बनाते है ? कैसे प्रोटान न्युट्रान से परमाणु, परमाणुओं से अणु, अणुओं से पदार्थ, पदार्थ से ग्रह, तारे, आकाशगंगा और ब्रह्माण्ड बने है ?

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  1. मूलभूत क्या है ?
  2. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?
  3. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?

चार मूलभूत प्रतिक्रियायेँ

4 मूलभूत प्रतिक्रियाएँ
4 मूलभूत प्रतिक्रियाएँ

हमारी अपनी  जानकारी की सीमाओं के अंतर्गत अपने प्यारे  ब्रह्माण्ड का अस्तित्व इसलिए है क्योंकि मूलभूत कण आपस में प्रतिक्रिया(interaction) करते हैं। इन प्रतिक्रियाओं में आकर्षण और प्रतिकर्षण के साथ क्षय(decay) और विनाश(inhalition) का समावेश है।

कणों के मध्य में चार मूलभूत प्रतिक्रियाएं होती है और समस्त विश्व के बलों को इन चार प्रतिक्रियाओं से समझा जा सकता है।

हाँ यह सही है, केवल चार प्रतिक्रियायें ! कोई भी बल आप सोचें, घर्षण, चुंबकत्व, गुरुत्वाकर्षण, नाभिकीय क्षय और अन्य.. यह सभी इन चारों मूलभूत प्रतिक्रियाओं में से किसी एक के फलस्वरूप है। पढ़ना जारी रखें “04 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड को कौन बांधे रखता है ?”

पदार्थ का निर्माण करने वाले मूलभूत घटक

03 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?


अभी तक हम क्वार्क और क्वार्क से निर्मित यौगिक कण बारयान और हेड्रान को देख चुके है। अब हम कहानी के दूसरे भाग लेप्टान पर नजर डालते है।

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  1. मूलभूत क्या है ?
  2. ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 1?

लेप्टान

लेप्टान बिल्लीयाँ
लेप्टान बिल्लीयाँ

दूसरी तरह के पदार्थ कणो को लेप्टान कहा जाता है।

लेप्टान छः तरह के होते है जिनमे से तीन का विद्युत आवेश होता है बाकि तीन मे नही। ये बिंदु के जैसे लगते है जिनकी कोई आंतरिक संरचना नही होती है। सबसे प्रमुख लेप्टान (e) है, जिसे हम इलेक्ट्रान कहते है। अन्य दो आवेशीत लेप्टान म्युआन(μ) और टाउ(τ) है जो कि इलेक्ट्रान के जैसे आवेशीत है लेकिन इनका द्रव्यमान बहुत अधिक होता है। अन्य तीन लेप्टान तीन तरह के न्यूट्रिनो(ν) है। इनमे कोई आवेश नही होता है, बहुत कम द्रव्यमान होता है और इन्हे खोजना कठिन होता है।

क्वार्क हमेशा समूह मे होते है और हमेशा यौगिक कणो मे अन्य क्वार्क के साथ होते है लेकिन लेपटान एकाकी कण है। आवेशीत लेप्टान को स्वतंत्र बिल्लीयों के जैसे माना जा सकता है जिनके साथ न्यूट्रिनो जैसी चिपकी हुयी मख्खीयाँ होती और इन मख्खीयों को देखना कठिन होता है।

अन्य कणो की तरह ही हर लेप्टान का एक प्रतिलेप्टान(प्रतिपदार्थ  होता है। प्रतिइलेक्ट्रान के लिए एक विशेष नाम है “पाजीट्रान“।

लेप्टान ग्रीक भाषा का शब्द है जिसका अर्थ हैकम द्रव्यमान। लेकिन यह एक असंगत शब्द है?

उत्तर : लेप्टान का अर्थ कम द्रव्यमान हो लेकिन टाउ लेप्टान इलेक्ट्रान से 3000 गुणा भारी होता है। पढ़ना जारी रखें “03 सरल क्वांटम भौतिकी: ब्रह्माण्ड किससे निर्मित है – भाग 2?”