लिज़ मीटनर : एक भौतिक विज्ञानी जिसने कभी अपनी मानवता नहीं खोई।


लिज़ मीटनर( एलिस मीटनर, 7 नवंबर 1878 – 27 अक्टूबर 1968) एक ऑस्ट्रियाई-स्वीडिश भौतिक विज्ञानी थीं, जिन्होंने परमाणु विखंडन और प्रोटैक्टीनियम की खोजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

1905 में अपने डॉक्टरेट शोध को पूरा करने के बाद, मीटनर भौतिकी में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने वाली वियना विश्वविद्यालय की दूसरी महिला बनीं। उन्होंने अपना अधिकांश वैज्ञानिक करियर बर्लिन में बिताया, जहाँ वे कैसर विल्हेम इंस्टीट्यूट फॉर केमिस्ट्री में भौतिकी की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष थीं। वह जर्मनी में भौतिकी की पूर्ण प्रोफेसर बनने वाली पहली महिला थीं। नाजी जर्मनी के यहूदी विरोधी नूर्नबर्ग कानूनों के कारण 1935 में उन्होंने अपने पद खो दिए और 1938 के एंस्क्लस (जमर्नी द्वारा आस्ट्रिआ पर कब्जे ) के परिणामस्वरूप उनकी ऑस्ट्रियाई नागरिकता चली गई। 13-14 जुलाई 1938 को, वह डर्क कॉस्टर की मदद से नीदरलैंड चलीगईं। वह कई वर्षों तक स्टॉकहोम में रहीं, अंततः 1949 में स्वीडिश नागरिक बन गईं, लेकिन 1950 के दशक में परिवार के सदस्यों के साथ रहने के लिए ब्रिटेन चली गईं। पढ़ना जारी रखें लिज़ मीटनर : एक भौतिक विज्ञानी जिसने कभी अपनी मानवता नहीं खोई।

क्वांटम क्रान्ति (2022 भौतिकी नोबेल): किस तरह एन्टेंगलमेन्ट एक शक्तिशाली उपकरण बन गया है


क्वांटम विश्व विचित्र है। इसमें जो होता है वह रोजमर्रा के जीवन से अलग होता है, हमारी सहज बुद्धि कार्य नहीं करती है। जब दो कण एन्टेंगल्ड क्वांटम अवस्थाओं में होते हैं, उस समय यदि हम एक कण के किसी गुण को मापते है, तब हम बिना जाँच के तुरंत दूसरे कण पर उसी गुण के माप को निर्धारित कर सकते है।

जो चीज क्वांटम यांत्रिकी को इतना विचित्र बनाती है, वह यह है कि मापन/निरिक्षण से पहले तक किसी भी कण की कोई निर्धारित अवस्था नहीं होती है। यह ऐसा है कि दो धूसर गेंद में से एक गेंद का रंग तब तक धूसर नहीं होगा जब तक कि कोई उनमें से एक को न देख ले। इसमें एक गेंद अनियमित तरीके से काले रंग को ले सकती है या खुद को सफेद दिखा सकती है। दूसरी गेंद तुरंत विपरीत रंग में बदल जाती है।

लेकिन यह कैसे पता चल सकता है कि शुरुआत में प्रत्येक गेंद का एक निश्चित रंग नहीं था? भले ही वे धूसर दिखाई दें, शायद उनके अंदर एक छिपा हुआ लेबल था, जिसमें लिखा था कि जब कोई उन्हें देखेगा तो उन्हें किस रंग में दिखना चाहिए।

जब कोई नहीं देख रहा है तो क्या रंग मौजूद है ? पढ़ना जारी रखें क्वांटम क्रान्ति (2022 भौतिकी नोबेल): किस तरह एन्टेंगलमेन्ट एक शक्तिशाली उपकरण बन गया है

खगोल भौतिकी 27 :सर्वकालिक 10 शीर्ष खगोलभौतिकी वैज्ञानिक (TOP 10 ASTROPHYSICISTS OF ALL TIME)


लेखक : ऋषभ ’मूलभूत खगोलभौतिकी (Basics of Astrophysics)’ शृंखला अब समाप्ति की ओर है। इसके अंतिम कुछ लेखो मे हम खगोलभौतिकी के कुछ सामान्य विषयों पर चर्चा करेंगे। इस शृंखला के सत्ताइसवें लेख मे हम इतिहास मे जायेंगे और कुछ … पढ़ना जारी रखें खगोल भौतिकी 27 :सर्वकालिक 10 शीर्ष खगोलभौतिकी वैज्ञानिक (TOP 10 ASTROPHYSICISTS OF ALL TIME)

अंतरिक्ष – क्या है अंतरिक्ष ? : भाग 1


हम सब लोग इस पृथ्वी पर रहते है और अपनी दुनियाँ के बारे में हमेशा सोचते भी रहते है जैसे- सामानों, कारों, बसों, ट्रेनों और लोगो के बारे में भी। लगभग सारे संसार मे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी के सभी … पढ़ना जारी रखें अंतरिक्ष – क्या है अंतरिक्ष ? : भाग 1

स्टीफन विलियम हॉकिंग : ब्लैक होल को चुनौती देता वैज्ञानिक


विश्व प्रसिद्ध महान वैज्ञानिक और बेस्टसेलर रही किताब ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ के लेखक स्टीफन हॉकिंग ने शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हु्ए यह साबित किया कि अगर इच्छा शक्ति हो तो व्यक्ति कुछ भी कर सकता है। हमेशा … पढ़ना जारी रखें स्टीफन विलियम हॉकिंग : ब्लैक होल को चुनौती देता वैज्ञानिक

वर्नेर हाइजेनबर्ग(Werner Heisenberg)

भौतिक विज्ञान को अनिश्चित कर देने वाले वर्नेर हाइजेनबर्ग


गणित में बेहद रूचि रखने वाले वर्नर हाइजेनबर्ग (Werner Heisenberg) भौतिकी की ओर अपने स्कूल के अंतिम दिनों में आकृष्ट हुए और फिर ऐसा कर गये जिसने प्रचलित भौतिकी की चूलें हिला दीं। वे कितने प्रतिभाशाली रहे होंगे और उनके … पढ़ना जारी रखें भौतिक विज्ञान को अनिश्चित कर देने वाले वर्नेर हाइजेनबर्ग