स्वर्ग का राजा और उसके वलय
युरेनस ,उसके वलय और चन्द्रमा वलय केवल शनि के पास ही नही है, अन्य गैसीय ग्रह गुरू, युरेनस और नेपच्युन के भी वलय है। इस चित्र … पढ़ना जारी रखें स्वर्ग का राजा और उसके वलय
युरेनस ,उसके वलय और चन्द्रमा वलय केवल शनि के पास ही नही है, अन्य गैसीय ग्रह गुरू, युरेनस और नेपच्युन के भी वलय है। इस चित्र … पढ़ना जारी रखें स्वर्ग का राजा और उसके वलय
शनि की सुंदरता का राज क्या है ? निश्चय ही उसके सुंदर वलय ! १७०० मे जब गैलेलियो ने शनि को अपनी दूरबीन से देखा तो … पढ़ना जारी रखें सुंदरता का राज
1 सेरस -सबसे बडा क्षुद्र ग्रह क्षुद्र ग्रह पथरीले और धातुओ के ऐसे पिंड है जो सूर्य की परिक्रमा करते है लेकिन इतने लघु है कि … पढ़ना जारी रखें सुरज के बौने बेटे
प्लुटो , शेरान ,निक्स और हायड्रा प्लूटो यह सूर्य का नौंवा ग्रह हुआ करता था ! यह इतना छोटा है कि सौरमंडल के सात चन्द्रमा (हमारे … पढ़ना जारी रखें पाताल का देवता और मौत का नाविक
बुध यह सूर्य से सबसे पहला और द्रव्यमान मे आंठवा सबसे बडा ग्रह है। सौर मंडल मे दो चन्द्रमा गुरू का गेनीमेड और शनि का टाईटन व्यास मे बुध से बडे है लेकिन द्रव्यमान मे आधे हैं। रोमन मिथक के … पढ़ना जारी रखें वाणिज्य, व्यापार का देवता
शुक्र यह सूर्य से दूसरा और छठंवा सबसे बडा ग्रह है। इसकी कक्षा लगभग वृत्ताकार है। ग्रीक मिथको के अनुसार शुक्र (वीनस) यह प्रेम और सुंदरता की देवी है। यह नाम शुक्र ग्रह के सभी ग्रहो मे सबसे ज्यादा चमकिले होने के कारण दिया गया है। हिन्दू मिथको के अनुसार शुक्र असुरो के गुरू है। शुक्र ग्रह आकाश मे सूर्य और चन्द्रमा के बाद सबसे ज्यादा चमकिला ग्रह है। शुक्र के पास पहुंचने वाला सबसे पहला अंतरिक्षयान मैरीनर २ था जो शुक्र के करीब १९६२ मे पहुंचा था। उसके बाद पायोनियर , वेनेरा ७ और वेनेरा ९ भी शुक्र तक … पढ़ना जारी रखें प्रेम और सुंदरता की देवी