पृथ्वी की कक्षा मे अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र। चित्र मे एण्डेवर 27वें अभियान मे अंतरिक्ष केन्द्र से जुडा हुआ है। यह चित्र सोयुज TMA 20 से लिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र की मरम्मत


अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र की मरम्मत

अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन(International Space Station-ISS)पृथ्वी की परिक्रमा करने वाली मानव निर्मित सबसे बडी वस्तु होगी। यह केन्द्र इतना बडा है कि इसे एक बार मे प्रक्षेपित नही किया जा सकता। इसे टुकडो टुकडो मे बनाया जा रहा है। इन टुकडो को संयुक्त राज्य अमरिका के अंतरिक्ष शटल और रुस के सोयुज यानो से ले जाकर अंतरिक्ष मे जोडा जाता है। इस केन्द्र के आधार और आकार के लिये ट्रस(Truss) की आवश्यकता होती है जो लगभग १५ मिटर लंबे और १०,००० किलोग्राम वजन के होते है। इस तस्वीर मे अंतरिक्ष यात्री राबर्ट एल करबीम (अमरीका)[Robert L. Curbeam (USA)] और क्रिस्टर फुगलसंग (स्वीडन)[Fuglesang (Sweden)] एक नये ट्रस को अंतरिक्ष केन्द्र मे लगा रहे है। साथ मे उन्होने बिजली केन्द्र[power grid] की मरम्मत भी की।

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