जगदीश चंद्र बोस : आधुनिक भारत के प्रथम वैज्ञानिक


वे (बोस) वास्तव में आधुनिक भारत का प्रथम भौतिक विज्ञानी थे, देश का सब से पहला वैज्ञानिक। गेलिलियो – न्यूटन परम्परा के वे अपनी मातृभूमि के पहले सक्रिय सहभागी थे। उन्होने विश्वास न करने वाले ब्रिटिश वैज्ञानिकों को हैरान कर … पढ़ना जारी रखें जगदीश चंद्र बोस : आधुनिक भारत के प्रथम वैज्ञानिक

किसी घूर्णन करते हुये श्याम वीवर द्वारा घुर्णन अक्ष की दिशा मे इलेक्ट्रान जेट का उत्सर्जन किया जा सकता है, जिनसे रेडीयो तरंग उत्पन्न होती है।

श्याम विवर: 10 विचित्र तथ्य


श्याम विवर या ब्लैक होल! ये ब्रह्मांड मे विचरते ऐसे दानव है जो अपनी राह मे आने वाली हर वस्तु को निगलते रहते है। इनकी भूख अंतहीन है, जितना ज्यादा निगलते है, उनकी भूख उतनी अधिक बढ़्ती जाती है। ये … पढ़ना जारी रखें श्याम विवर: 10 विचित्र तथ्य

भौतिकी से जुड़ी कुछ सामान्य भ्रांतियाँ


कुछ नया सीखने मे सबसे बड़ी बाधा रहती है हमारे द्वारा पहले से सीखा हुआ (अ)ज्ञान! जिस भरे हुये पात्र मे कुछ और नही भरा जा सकता, उस तरह से कुछ नया सीखने के लिये कभी कभी पहले से सीखा … पढ़ना जारी रखें भौतिकी से जुड़ी कुछ सामान्य भ्रांतियाँ

सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर

सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर : ‘चंद्रशेखर सीमा’ के प्रस्तावक


सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर (जन्म- 19 अक्तूबर, 1910 – मृत्यु- 21 अगस्त, 1995) खगोल भौतिक शास्त्री थे और सन् 1983 में भौतिक शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता भी थे। उनकी शिक्षा चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज में हुई। वह नोबेल पुरस्कार विजेता … पढ़ना जारी रखें सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर : ‘चंद्रशेखर सीमा’ के प्रस्तावक

KIC 8462852 का व्यवहार विचित्र क्यों है ? क्या यह धुल, ग्रहो के मलबे से है या एलियन सभ्यता के कारण ?

KIC 8462852: क्या इस तारे पर एलीयन सभ्यता है?


खगोलशास्त्रीयो की एक टीम द्वारा प्रस्तुत एक शोध पत्र ने एलीयन या परग्रही के कारण खलबली मचा दी है। रूकिये! रूकिये! उछलिये मत! इस शोधपत्र मे एलीयन शब्द का कोई उल्लेख नही है, ना ही वह पत्र अप्रत्यक्ष रूप से … पढ़ना जारी रखें KIC 8462852: क्या इस तारे पर एलीयन सभ्यता है?

ओजोन द्वारा हानिकारक पराबैंगनी किरणो से बचाव

16 सितंबर : विश्व ओजोन दिवस विशेष


16 सितंबर : विश्व ओजोन दिवस
16 सितंबर : विश्व ओजोन दिवस

विश्व ओज़ोन दिवस (अंग्रेज़ी:World Ozone Day) या ‘ओज़ोन परत संरक्षण दिवस’ 16 सितम्बर को पूरे विश्व में मनाया जाता है।

23 जनवरी, 1995 को संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)की आम सभा में पूरे विश्व में इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए 16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय ओज़ोन दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। उस समय लक्ष्य रखा गया कि पूरे विश्व में 2010 तक ओज़ोन मित्र वातावरण बनाया जाए। यह लक्ष्य 2010 तक भी पूरी तरह से प्राप्त नही किया जा सका है।

आखिर ओजोन है क्या?

ओजोन द्वारा हानिकारक पराबैंगनी किरणो से बचाव
ओजोन द्वारा हानिकारक पराबैंगनी किरणो से बचाव

ओजोन एक हल्के नीले रंग की गैस होती है ।ओजोन परत सामान्यत: धरातल से 10 किलोमीटर से 50 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच पाई जाती है। यह गैस सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों के लिए एक अच्छे फिल्टर का काम करती है।

ओज़ोन (अंग्रेज़ी: Ozone) ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बनने वाली एक गैस है जो कि वातावरण में बहुत कम मात्रा में पाई जाती है। जहाँ निचले वातावरण में पृथ्वी के निकट इसकी उपस्थिति प्रदूषण को बढ़ाने वाली और मानव ऊतक के लिए नुकसानदेह है, वहीं ऊपरी वायुमंडल में इसकी उपस्थिति परमावश्यक है। इसकी सघनता 10 लाख में 10वां हिस्सा है। यह गैस प्राकृतिक रूप से बनती है। जब सूर्य की किरणें वायुमंडल से ऊपरी सतह पर ऑक्सीजन से टकराती हैं तो उच्च ऊर्जा विकरण से इसका कुछ हिस्सा ओज़ोन में परिवर्तित हो जाता है। साथ ही विद्युत विकास क्रिया, बादल, आकाशीय विद्युत एवं मोटरों के विद्युत स्पार्क से भी ऑक्सीजन ओज़ोन में बदल जाती है।

ओजोन परत क्या है?

ओजोन परत
ओजोन परत

ओज़ोन परत(अंग्रेज़ी: Ozone Layer) पृथ्वी के धरातल से 20-30 किमी की ऊंचाई पर वायुमण्डल के समताप मंडल क्षेत्र में ओज़ोन गैस का एक झीना सा आवरण है। वायुमंडल के आयतन कें संदर्भ में ओज़ोन परत की सांद्रता लगभग 10 पीपीएम है। यह ओज़ोन परत पर्यावरण की रक्षक है। ओज़ोन परत हानिकारक पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती है।

यदि सूर्य से आने वाली सभी पराबैगनी किरणें पृथ्वी पर पहुँच जाती तो पृथ्वी पर सभी प्राणी रोग(कैंसर जैसे) से पीड़ित हो जाते। सभी पेड़ पौधे नष्ट हो जाते।लेकिन सूर्य विकिरण के साथ आने वाली पराबैगनी किरणों का लगभग 99% भाग ओजोन मण्डल द्वारा सोख लिया जाता है। जिससे पृथ्वी पर रहने वाले प्राणी वनस्पति तीव्र ताप व विकिरण से सुरक्षित बचे हुए है। इसीलिए ओजोन मण्डल या ओजोन परत को सुरक्षा कवच कहते हैं। पढ़ना जारी रखें “16 सितंबर : विश्व ओजोन दिवस विशेष”