ब्रम्हाण्ड मे एक समुद्री बीच


  ब्रह्माण्डीय बीच(beach) पर रेत के कणो के जैसे फैले हुये तारे! यह तस्वीर है एक स्पायरल के आकार की आकाशगंगा NGC 1313 की। तस्वीर हब्बल … पढ़ना जारी रखें ब्रम्हाण्ड मे एक समुद्री बीच

न्युट्रान तारा

न्युट्रान तारे और पल्सर


न्युट्रान तारे ये मृत तारे का अत्यंत सघन रूप है, जो कि सिर्फ न्युट्रान से बने होते है। न्युट्रान तारो का एक उपवर्ग पल्सर भी है। इन्हे पल्सर इसलिये कहा जाता है क्योंकि ये विद्युत चुंबकिय विकीरण(Electro Magnetic radiation) की … पढ़ना जारी रखें न्युट्रान तारे और पल्सर

तारों का जीवन और मृत्यु


सितारे का जीवनचक्र सामान्यतः सितारे का जीवन चक्र दो तरह का होता है और लगभग सभी तारे इन दो जीवन चक्र मे से किसी एक का पालन करते है। इन दो जीवन चक्र मे चयन का पैमाना उस तारे का … पढ़ना जारी रखें तारों का जीवन और मृत्यु

सितारो का जन्म


निहारीका (Nebula)   एक ब्रम्हाण्डीय नर्सरी होती है जहाँ तारों का जन्म होता है। यह  एक धूल और गैसों का बादल होता है । सभी तारों का जन्म निहारिका से होता है सिर्फ कुछ दुर्लभ अवसरो को छोड़कर जिसमे दो न्यूट्रॉन … पढ़ना जारी रखें सितारो का जन्म

भगवान की अंगुठी


M104 की साधारण प्रकाशीय (Optical) तस्वीर सोम्ब्रेरो आकाशगंगा एक गोल टोपी या हैट के जैसे क्यो दिखायी देती है ? इसके कारणो मे है इस आकाशगंगा … पढ़ना जारी रखें भगवान की अंगुठी

निहारिका मे सितारों का जन्म


ब्रह्मांडीय नर्सरी जहाँ तारों का जन्म होता है एक धूल और गैसों का बादल होता है जिसे हम निहारीका (Nebula) कहते है। सभी तारों का जन्म निहारिका से होता है सिर्फ कुछ दुर्लभ अवसरो को छोड़कर जिसमे दो न्यूट्रॉन तारे एक श्याम विवर बनाते है। वैसे भी न्यूट्रॉन तारे और श्याम विवर को मृत तारे माना जाता है।

निहारिका दो अलग अलग कारणों से बनती है। एक तो ब्रह्माण्ड की उत्पत्ती है। ब्रह्माण्ड के जन्म के बाद ब्रह्माण्ड मे परमाणुओं का निर्माण हुआ और इन परमाणुओं से धूल और गैस के बादलों का निर्माण हुआ। इसका मतलब यह है कि गैस और धूल जो इस तरह से बनी है उसका निर्माण तारे से नही हुआ है बल्कि यह ब्रह्माण्ड के निर्माण के साथ निर्मित मूल पदार्थ है। पढ़ना जारी रखें “निहारिका मे सितारों का जन्म”