क्वांटम टेलीपोर्टेशन

क्वांटम टेलीपोर्टेशन: अत्यंत तेज गति के सुपरकंप्युटर की ओर एक कदम


प्रकृति को पूरी तरह से समझना अब तक मानव मन के बूते के बाहर रहा है। मानव ने अपने इतिहास मे प्रकृति के कई रहस्य खोजे, ढेर सारे प्रश्नो का उत्तर पा लिया लेकिन उतने ही नये अनसुलझे रहस्य सामने आते गये है। मानव आज अपनी मातृभूमि पृथ्वी की सीमाओं को लांघ कर चंद्रमा तक जा पहुंचा है, उसके बनाये अंतरिक्ष यान सौर मंडल की सीमाओं को लांघ कर दूर अंतरिक्ष मे जा चूके है। हम आज किसी भी आकाशीय पिंड को देखकर, उसकी गति जान सकते है और बता सकते है कि अगले क्षण , अगले माह, अगले वर्ष या अगले सहस्त्र वर्षो पश्चात वह कहां होगा। इस गणना मे किसी चूक की भी कोई गुंजाइश नही है। हमारे पंचांग भी सदियों से हर एक नक्षत्र के उदय अस्त होने का समय तथा हर एक ग्रहण का अचूक समय बताते आ रहे है। पढ़ना जारी रखें “क्वांटम टेलीपोर्टेशन: अत्यंत तेज गति के सुपरकंप्युटर की ओर एक कदम”

स्टार ट्रेक का अंतरिक्ष यान (यु एस एस एंटरप्रायज)

विज्ञान फंतासी कथाओं मे विज्ञान


स्टार ट्रेक का अंतरिक्ष यान (यु एस एस एंटरप्रायज)
स्टार ट्रेक का अंतरिक्ष यान (यु एस एस एंटरप्रायज)

विज्ञान फतांसी कथायें सामान्यतः ऐसी कल्पित कहानियाँ होती है,जिसकी घटनाये वैज्ञानिक आधार पर संभव होती हैं और वे विज्ञान के मूलभूत नियमो का उल्लंघन नही करती हैं। इन कथाओं का घटनाक्रम भविष्य, भविष्य का विज्ञान और तकनिकी ज्ञान, अंतरिक्ष यात्रा अथवा परग्रही प्राणीयों पर केन्द्रित होता है। कभी कभी वैज्ञानिक आविष्कारों के परिणामो का अध्ययन भी इन कथाओं का उद्देश्य होता है।

विज्ञान गल्प मे तर्कसंगत ढंग से प्रस्तुत समांतर विश्व या भविष्य का भी समावेश होता है। यह जादुई या तिलस्मी कहानीयों के जैसे ही लेकिन भिन्न होती है क्योंकि इस गल्पो की घटनायें वैज्ञानिक आधार पर संभव होती है। इन कहानीयों का घटनाक्रम और पात्र काल्पनिक होते है लेकिन वे विज्ञान के मूलभूत नियमों का पालन करते है।

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