माइकल फैराडे: प्रयोगशाला के उस जादूगर की कहानी जिसने बिजली को दुनिया की ताकत बना दिया
उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में बिजली और चुंबकत्व आज की तरह समझे हुए विज्ञान नहीं थे। बिजली कभी रहस्यमय चिंगारी थी, तो चुंबक एक विचित्र प्राकृतिक पदार्थ। यह स्पष्ट नहीं था कि बिजली और चुंबकत्व के बीच कोई गहरा संबंध है। इसी दौर में एक साधारण परिवार में जन्मे एक ऐसे व्यक्ति ने विज्ञान की दुनिया में कदम रखा, जिसके पास न विश्वविद्यालय की डिग्री थी, न किसी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान की औपचारिक शिक्षा। उसके पास था—असीम जिज्ञासा, प्रयोग करने का जुनून और प्रकृति को अपने हाथों से समझने की अद्भुत क्षमता।
उस व्यक्ति का नाम था माइकल फैराडे (Michael Faraday)।
फैराडे ने विद्युतचुंबकत्व और विद्युत-रसायन के क्षेत्र में ऐसे प्रयोग किए जिन्होंने आधुनिक विद्युत युग की नींव रखी। आज बिजली पैदा करने वाले जनरेटर, विद्युत मोटर, ट्रांसफॉर्मर और अनेक विद्युत उपकरण जिन सिद्धांतों पर काम करते हैं, उनमें फैराडे के प्रयोगों की केंद्रीय भूमिका है।
लेकिन फैराडे की कहानी केवल वैज्ञानिक खोजों की कहानी नहीं है। यह उस व्यक्ति की कहानी भी है जिसने औपचारिक शिक्षा की सीमाओं को पार कर अपनी जिज्ञासा और प्रयोगशीलता के बल पर विज्ञान के इतिहास में अमिट स्थान बनाया। पढ़ना जारी रखें माइकल फैराडे: प्रयोगशाला के उस जादूगर की कहानी जिसने बिजली को दुनिया की ताकत बना दिया
