अनेक ब्रह्माण्ड(Multiverse)

एक ब्रह्माण्ड या अनेक ब्रह्माण्ड(Universe or Multiverse)


आज हम उस स्थिति में हैं कि अपने ब्रह्मांड की विशालता का मोटे तौर पर आकलन कर सकते हैं। हमारी विराट पृथ्वी सौरमंडल का एक साधारण आकार का ग्रह है, जो सूर्य नामक तारे के इर्दगिर्द परिक्रमा कर रही है। … पढ़ना जारी रखें एक ब्रह्माण्ड या अनेक ब्रह्माण्ड(Universe or Multiverse)

एलियन या प्राकृतिक : अंतरिक्ष मे पायी गई विचित्र ध्वनियाँ और संकेत


अंतरिक्ष मे एक खौफ़नाक सन्नाटा छाया रहता है क्योंकि ध्वनि अंतरिक्ष मे यात्रा नही कर पाती है लेकिन अंतरिक्ष शांत नही है। लगभग सभी अंतरिक्ष के पिंड ऐसे रेडीयो संकेतो का उत्सर्जन करते है जिन्हे मानव के कान सुन नही … पढ़ना जारी रखें एलियन या प्राकृतिक : अंतरिक्ष मे पायी गई विचित्र ध्वनियाँ और संकेत

LIGO ने दूसरी बार गुरुत्वाकर्षण तरंग देखने मे सफ़लता पायी


वैज्ञानिको ने दूसरी बार गुरुत्वाकर्षण तरंगो को पकड़ने मे सफ़लता पायी है। गुरुत्वाकर्षण तरंगे काल-अंतराल(space-time) मे उत्पन्न हुयी लहरे है, ये लहरे दूर ब्रह्माण्ड मे किसी भीषण प्रलय़ंकारी घटना से उत्पन्न होती है। वैज्ञानिको ने पाया है कि ये तरंगे पृथ्वी … पढ़ना जारी रखें LIGO ने दूसरी बार गुरुत्वाकर्षण तरंग देखने मे सफ़लता पायी

किसी घूर्णन करते हुये श्याम वीवर द्वारा घुर्णन अक्ष की दिशा मे इलेक्ट्रान जेट का उत्सर्जन किया जा सकता है, जिनसे रेडीयो तरंग उत्पन्न होती है।

श्याम विवर: 10 विचित्र तथ्य


श्याम विवर या ब्लैक होल! ये ब्रह्मांड मे विचरते ऐसे दानव है जो अपनी राह मे आने वाली हर वस्तु को निगलते रहते है। इनकी भूख अंतहीन है, जितना ज्यादा निगलते है, उनकी भूख उतनी अधिक बढ़्ती जाती है। ये … पढ़ना जारी रखें श्याम विवर: 10 विचित्र तथ्य

KIC 8462852 का व्यवहार विचित्र क्यों है ? क्या यह धुल, ग्रहो के मलबे से है या एलियन सभ्यता के कारण ?

KIC 8462852: क्या इस तारे पर एलीयन सभ्यता है?


खगोलशास्त्रीयो की एक टीम द्वारा प्रस्तुत एक शोध पत्र ने एलीयन या परग्रही के कारण खलबली मचा दी है। रूकिये! रूकिये! उछलिये मत! इस शोधपत्र मे एलीयन शब्द का कोई उल्लेख नही है, ना ही वह पत्र अप्रत्यक्ष रूप से … पढ़ना जारी रखें KIC 8462852: क्या इस तारे पर एलीयन सभ्यता है?

हबल दूरबीन के शानदार 25 वर्ष पूरे


हबल दूरबीन
हबल दूरबीन

आज 25 अप्रैल 2015 को हबल दूरबीन ने अपने जीवन के पच्चीस वर्ष पूरे कर लिये है। इस दूरबीन ने खगोल विज्ञान में क्रांतिकारी परिवर्तन लाते हुए ब्रह्मांड के बारे में हमारी समझ को बदल डाला है।

सृष्टि के आरंभ और उम्र के बारे में हबल ने अनेक नए तथ्यों से हमें अवगत कराया है। इसकी उपलब्धियों मे एक ब्रह्मांड की उम्र के बारे में सबूत जुटाने की है। हबल के सहारे खगोलविदों की एक टोली ने 7000 प्रकाश वर्ष दूर ऊर्जाहीन अवस्था की ओर बढ़ते प्राचीनतम माने जाने वाले तारों के एक समूह को खोज निकाला है। इन तारों के बुझते जाने की रफ़्तार के आधार पर ब्रह्मांड की उम्र 13 से 14 अरब वर्ष के बीच आँकी गई है। इसके अतिरिक्त पिछले 12 वर्षों के दौरान इस दूरबीन ने सुदूरवर्ती अंतरिक्षीय पिंडों के हज़ारों आकर्षक चित्र भी उपलब्ध कराए हैं।

हबल दूरबीन की कक्षा
हबल दूरबीन की कक्षा

हबल अंतरिक्ष दूरदर्शी (Hubble Space Telescope (HST)) वास्तव में एक खगोलीय दूरदर्शी है जो अंतरिक्ष में कृत्रिम उपग्रह के रूप में स्थित है, इसे 25 अप्रैल सन् 1990 में अमेरिकी अंतरिक्ष यान डिस्कवरी की मदद से इसकी कक्षा में स्थापित किया गया था। हबल दूरदर्शी को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘ नासा ‘ ने यूरोपियन अंतरिक्ष एजेंसी के सहयोग से तैयार किया था। अमेरिकी खगोलविज्ञानी एडविन पोंवेल हबल के नाम पर इसे ‘ हबल ‘ नाम दिया गया। यह नासा की प्रमुख वेधशालाओं में से एक है। पहले इसे वर्ष 1983 में लांच करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन कुछ तकनीकी खामियों और बजट समस्याओं के चलते इस परियोजना में सात साल की देरी हो गई। पढ़ना जारी रखें “हबल दूरबीन के शानदार 25 वर्ष पूरे”