विपरीत दिशा मे परिक्रमा करता विचित्र ग्रह
वैज्ञानिको ने हाल मे वृश्चिक तारामंडल के एक तारे WASP-17 की परिक्रमा करते हुये ग्रह WASP-17b के बार मे एक विचित्र तथ्य का पता चला है। … पढ़ना जारी रखें विपरीत दिशा मे परिक्रमा करता विचित्र ग्रह
वैज्ञानिको ने हाल मे वृश्चिक तारामंडल के एक तारे WASP-17 की परिक्रमा करते हुये ग्रह WASP-17b के बार मे एक विचित्र तथ्य का पता चला है। … पढ़ना जारी रखें विपरीत दिशा मे परिक्रमा करता विचित्र ग्रह
यह चित्र एक जा्ने पहचानने तारामंडल का है। यह 27 नक्षत्रो मे से एक ’कृत्तिका’ नक्षत्र है। पश्चिम मे इसे ’सेवन सीस्टर्स(सात बहने)’ के नाम से … पढ़ना जारी रखें आसमान मे सात बहने : कृ्तिका नक्षत्र
सुपरनोवा अवशेष कैस्सीओपेइआ ए (कैस्स ए) 11,000 प्रकाश वर्ष दूर है। इस सुपरनोवा से विस्फोट के पश्चात प्रकाश 330 वर्ष पहले पहुंचा था। इस सुपरनोवा विस्फोट के पश्चात … पढ़ना जारी रखें ठंडा होता हुआ न्यूट्रॉन तारा
एक तारा कितना विशाल हो सकता है ? खुले तारासमुह पिसमीस 24 मे एक तारे के बारे मे अनुमान है कि वह सूर्य से 200 गुना बडा हो … पढ़ना जारी रखें विशालकाय , महाकाय
सामान्यत: तारे अकेले ना होकर एक समूह (Cluster) मे रहते है। तारा समूह दो तरह के होते है खुले हुये और गोलाकार । खुले हुये तारा समूह ये कभी … पढ़ना जारी रखें लाखों तारे आसमां मे
न्युट्रान तारे ये मृत तारे का अत्यंत सघन रूप है, जो कि सिर्फ न्युट्रान से बने होते है। न्युट्रान तारो का एक उपवर्ग पल्सर भी है। इन्हे पल्सर इसलिये कहा जाता है क्योंकि ये विद्युत चुंबकिय विकीरण(Electro Magnetic radiation) की … पढ़ना जारी रखें न्युट्रान तारे और पल्सर