2026 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : फ़्रांसिस हैल्ज़ेन(Francis Halzen)


2026 का भौतिकी नोबेल पुरस्कार और न्यूट्रिनो से खुलते ब्रह्मांड के रहस्य

कल्पना कीजिए कि हम ब्रह्मांड के सबसे हिंसक और रहस्यमय स्थानों को देखने के लिए किसी विशाल दूरबीन को अंतरिक्ष में भेजने के बजाय दक्षिणी ध्रुव की बर्फ के भीतर एक किलोमीटर से भी बड़ी प्रयोगशाला बना दें। और इस प्रयोगशाला में हम ऐसे कणों को पकड़ने की कोशिश करें जो लगभग हर चीज़ को पार करते हुए हमारे शरीर से भी गुजर जाते हैं।

यह सुनने में किसी विज्ञान-कथा जैसा लगता है, लेकिन यही विचार आज आधुनिक खगोल विज्ञान की एक नई शाखा “न्यूट्रिनो खगोल विज्ञान” की आधारशिला बन चुका है।

2026 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कार्य इसी असाधारण विचार से जुड़ा है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज़ ने फ्रांसिस हेल्ज़ेन (Francis Halzen) को “आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्ज़र्वेटरी (IceCube Neutrino Observatory ) में निर्णायक योगदान और खगोलीय स्रोतों से आने वाले उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो की खोज के लिए सम्मानित किया है। पढ़ना जारी रखें 2026 भौतिकी नोबेल पुरस्कार : फ़्रांसिस हैल्ज़ेन(Francis Halzen)

2025 भौतिकी नोबेल पुरस्कार: जॉन क्लार्क(John Clarke), मिशेल एच. डेवोरेट (Michel H. Devoret) और जॉन एम. मार्टिनिस(John M. Martinis)


रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को “इलेक्ट्रिक सर्किट में मैक्रोस्कोपिक क्वांटम मैकेनिकल टनलिंग और ऊर्जा क्वांटाइजेशन की खोज के लिए” 2025 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार देने का फैसला किया है। पढ़ना जारी रखें 2025 भौतिकी नोबेल पुरस्कार: जॉन क्लार्क(John Clarke), मिशेल एच. डेवोरेट (Michel H. Devoret) और जॉन एम. मार्टिनिस(John M. Martinis)

2024 भौतिकी नोबेल पुरस्कार: जॉन जे. हॉपफील्ड(John J. Hopfield) और जेफ्री ई. हिंटन (Geoffrey E. Hinton)


रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने जॉन जे. हॉपफील्ड(John J. Hopfield) और जेफ्री ई. हिंटन (Geoffrey E. Hinton) को “कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क के साथ मशीन लर्निंग को सक्षम करने वाली मूलभूत खोजों और आविष्कारों के लिए” 2024 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार देने का फैसला किया है।
इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं ने भौतिकी के उपकरणों का उपयोग करके ऐसे तरीके बनाए जो आज की शक्तिशाली मशीन लर्निंग की नींव रखने में सहायक रहे। जॉन हॉपफील्ड ने एक ऐसी संरचना बनाई जो सूचना को संग्रहीत और पुनर्निर्माण कर सकती है। जेफ्री हिंटन ने एक ऐसी विधि का आविष्कार किया जो डेटा में स्वतंत्र रूप से गुणों की खोज कर सकती है और जो अब उपयोग में आने वाले बड़े कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने सूचना में पैटर्न खोजने के लिए भौतिकी का उपयोग किया

हम लोगो के पास अनुभव कि कंप्यूटर भाषाओं के बीच अनुवाद कर सकते हैं, छवियों की व्याख्या कर सकते हैं और यहां तक वे हमसे उचित बातचीत भी कर सकते हैं। शायद कम ही लोग जानते हैं कि इस तरह की तकनीक लंबे समय से शोध के लिए महत्वपूर्ण रही है, इस तकनीक में बड़ी मात्रा में डेटा को पहचानना और उसका विश्लेषण करना होता है। पिछले पंद्रह से बीस वर्षों में मशीन लर्निंग का विकास बहुत तेज़ी से हुआ है और इसमें आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क नामक संरचना का उपयोग किया जाता है। आजकल, जब हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात करते हैं, तो अक्सर हमारा मतलब इसी तरह की तकनीक से होता है। पढ़ना जारी रखें 2024 भौतिकी नोबेल पुरस्कार: जॉन जे. हॉपफील्ड(John J. Hopfield) और जेफ्री ई. हिंटन (Geoffrey E. Hinton)