महासममीती

स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 07 : विसंगतियों का निराकरण


इसके पहले के हम देख चुके है कि स्ट्रींग सिद्धांत सफलता पूर्वक गुरुत्वाकर्षण को क्वांटम सिद्धांत के साथ एकीकृत कर चुका है। लेकिन इसमे कुछ ऐसी विसंगतिया थी, जो इसे हास्यास्पद बनाती थी। इन विसंगतियो मे टेक्यान और 26 आयामो का अस्तित्व का समावेश है। स्ट्रींग सिद्धांत मे कुछ परिवर्तनो के साथ एक नये सिद्धांत का जन्म हुआ जिसे सुपरस्ट्रींग नाम दिया गया। लेकिन इस सिद्धांत को समझने से पहले हमे इतिहास मे जाकर दो और सिद्धांतो को समझना होगा, ये सिद्धांत है कालुजा़ केलिन का सुझाव(Kaluza-Klein Idea) तथा महासममीती (SuperSymettry)। पढ़ना जारी रखें “स्ट्रींग सिद्धांत(String Theory) भाग 07 : विसंगतियों का निराकरण”

ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 05 : मानक प्रतिकृति की कमियाँ और आलोचनाएं


मानक प्रतिकृति(Standard Model) एक सफल सिद्धांत है लेकिन इसमे कुछ कमीयां है। यह कुछ मूलभूत प्रश्नो का उत्तर देने मे असमर्थ है जैसे द्रव्यमान का श्रोत, मजबूत CP समस्या, न्युट्रीनो का दोलन, पदार्थ-प्रतिपदार्थ असममिती और श्याम पदार्थ तथा श्याम उर्जा का श्रोत

एक समस्या मानक प्रतिकृति(Standard Model) के गणितिय समिकरणो मे है जो साधारण सापेक्षतावाद सिद्धांत(Theory of General Relativity) से मेल नही खाती है। ये सिद्धांत (एक या दोनो) कुछ विशेष परिस्थितियों (महाविस्फोट के दौरान(During Big Bang), श्याम विवर के घटना क्षितिज के पास (Event Horizons of Black Hole)) की व्याख्या नही कर पाते है और असामान्य परिणाम दर्शाते है। पढ़ना जारी रखें “ब्रह्माण्ड की संरचना भाग 05 : मानक प्रतिकृति की कमियाँ और आलोचनाएं”