इस अभियान में शामिल डेविड स्कॉट, एल्फ़्रेड वोर्डन और जेम्स इरविन तस्वीर में नज़र आ रहे हैं

कैसा लगता है अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक अकेले रहना…


सारे ब्रह्माण्ड में सबसे अधिक एकाकी मानव होना कैसा लगेगा? जब आपसे हजारो किमी तक कोई सजीव वस्तु, मानव ना हो?

26 जुलाई 1971 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से अपोलो 15 यान को प्रक्षेपित किया गया.
26 जुलाई 1971 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से अपोलो 15 यान को प्रक्षेपित किया गया.

मानव सभ्यता के इतिहास में केवल सात लोग ऐसे हैं जो हम सभी से अलग हैं। और ये हैं अपोलो के कमांड मॉड्यूल के चालक अंतरिक्ष यात्री जिन्होंने चंद्रमा की कक्षा में बिल्कुल एकाकी समय बिताया। इस दौरान उनके सहकर्मी अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर चहलकदमी कर रहे थे। जब ये अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा में दूसरी ओर थे तो इनका बाकी सहकर्मी अंतरिक्ष यात्री और धरती से भी सम्पर्क पूरी तरह कट गया
था। इससे पहले उनसे ज़्यादा, शायद ही कोई ऐसे एकाकीपन से होकर गुज़रा हो। इन सात लोगों में अब केवल पांच जीवित हैं। बीबीसी फ्यूचर के लिए रिचर्ड होलिंगम (विज्ञान पत्रकार, बीबीसी फ़्यूचर) को अपोलो 15 कमांड मॉड्यूल के चालक एल वोर्डन से मिलने का मौका मिला। पहली नज़र में वे किसी वेटरन अंतरिक्ष यात्री की तरह ही नज़र आए। उत्तरी इंग्लैंड के यार्कशायर के एक भीड़-भाड़ वाले रेस्तरां में उनसे मुलाकात हुई। वे अपने प्रशंसकों से घिरे थे।

इस अभियान में शामिल डेविड स्कॉट, एल्फ़्रेड वोर्डन और जेम्स इरविन तस्वीर में नज़र आ रहे हैं
इस अभियान में शामिल डेविड स्कॉट, एल्फ़्रेड वोर्डन और जेम्स इरविन तस्वीर में नज़र आ रहे हैं

वोर्डन जुलाई, 1971 में चंद्रमा की यात्रा पर गए थे। उनके साथ कमांडर डेव स्कॉट और लूनर मॉड्यूल पायलट जिम इरविन थे। अपनी इसी चंद्रमा यात्रा के दौरान उन्होंने अबतक के ‘सबसे एकाकी इंसान‘ होने का रिकॉर्ड बनाया। जब यह रिकॉर्ड बना तो उनके साथी अंतरिक्ष यात्री उनसे 3,600 किलोमीटर दूर चंद्रमा की सतह पर थे। रिचर्ड होलिंगम ने अपनी मुलाकात में अपोलो अभियान की क़ामयाबी के बारे में वोर्डन से  बात की। वैसे उनका अपोलो 15 अभियान वैज्ञानिक रूप से काफ़ी मुश्किल और चुनौती भरा था। उनसे बातचीत के अंश। प्रश्न: कमांड मॉड्यूल पायलट को इतिहास याद नहीं रखता, ये कम ग्लैमरस काम है? हर किसी की नज़र उन अंतरिक्ष यात्रियों पर होती है जो चंद्रमा की सतह पर उतरते हैं, लेकिन उनका काम सतह से पत्थरों को चुनना होगा। वे उसे चुनते हैं और लेकर आते हैं, जिसका बाद में विश्लेषण होता है। लेकिन वैज्ञानिक तौर पर, आप कक्षा से कहीं ज़्यादा जानकारी जुटा पाते हैं। मसलन मैंने ढेर सारी तस्वीरें लीं। चंद्रमा के बाहरी सतह की क़रीब 25 फ़ीसदी हिस्से की तस्वीरें लीं। उसको मैप भी किया, काफी कुछ चीजें थीं। शायद पहली बार ऐसा किया गया था। पढ़ना जारी रखें “कैसा लगता है अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक अकेले रहना…”

अपोलो 15 : चंद्रमा पर तीन दिन


अपोलो 15 यह अपोलो कार्यक्रम का नौंवा मानव अभियान था और चन्द्रमा पर अवतरण करने वाला चौथा अभियान था। यह J अभीयानो मे से पहला अभियान था जिनमे चन्द्रमा पर ज्यादा समय तक ठहरने की योजना थी। कमांडर डेवीड स्काट … पढ़ना जारी रखें अपोलो 15 : चंद्रमा पर तीन दिन