सापेक्षतावाद सिद्धांत : ब्रह्माण्ड के गुणधर्म


यदि आप ब्रह्माण्ड की व्याख्या कुछ मूलभूत शब्दो मे करना चाहें तो  आप कह सकते है कि ब्रह्माण्ड के कुछ सरल गुणधर्म होते हैं। हम इन सभी गुणों से परिचित भी हैं, इतने ज्यादा कि हम उन पर ध्यान भी नही देतें हैं। लेकिन विशेष सापेक्षतावाद के अंतर्गत ये गुणधर्म हमारी अपेक्षा के विपरीत आश्चर्यजनक रूप से व्यवहार करतें हैं। विशेष सापेक्षतावाद पर आगे बढने से पहले ब्रह्माण्ड के इन मूलभूत गुणो की चर्चा करतें है।

अंतराल/अंतरिक्ष(Space)

त्री-आयामी
त्री-आयामी

हम जो भी कुछ भौतिक वस्तुओ को देखते है या जो भी घटना घटीत होती है , वह अंतराल/अंतरिक्ष के तीन आयामो मे होती है। अंतराल/अंतरिक्ष यह हमारे भौतिक विश्व का त्रीआयामी चित्रण है। इसी अंतराल/अंतरिक्ष के कारण किसी भी पिंड/वस्तु की तीन दिशाओ मे लंबाई, चौडाई और ऊंचाई होती है और वह तीन दिशाओ दायें/बायें, उपर/नीचे तथा आगे/पिछे  गति कर सकता है।

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समय : समय क्या नही है ?


जीवन समय मे कैद एक यात्रा है, कुछ पलों के अतिरिक्त जो स्वतंत्र होते है।

समय को समझने के लिये सिद्धांतो की गहराई मे जाने से पहले हम समय से संबधित कुछ गलतफहमीयों को दूर करना होगा। ये गलतफहमीयाँ मुख्यतः समय के प्रवाह से उत्पन्न होती है तथा काल-अंतराल(space-time) मे द्रव्यमान द्वारा उत्पन्न वक्रता(curvacture) को सही रूप से नही समझ पाने से उत्पन्न होती है।

ब्लाक ब्रह्मांड

ब्लाक ब्रह्माण्ड  के परिपेक्ष्य मे समय एक भूदृश्य(landscpae) के समान है, जिसमे भूतकाल, वर्तमान और भविष्यकाल तीनो एक साथ भिन्न भिन्न आयामो मे मौजूद हैं। इसका अर्थ है कि मानव के साथ डायनासोर अभी भी है, साथ ही आपकी अपनी बहुत सी प्रतिलिपीयाँ है तथा सारा ब्रह्मांड भी भविष्यकाल और भूतकाल की विभिन्न अवस्थाओं मे एक साथ उपस्थित है।

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समय : क्या है समय ?


विश्व की समस्त सेनाओं से शक्तिशाली एक ऐसा विचार होता है जिसका "समय" आ गया हो। - विक्टर ह्युगो
विश्व की समस्त सेनाओं से शक्तिशाली एक ऐसा विचार होता है जिसका “समय” आ गया हो। – विक्टर ह्युगो

समय क्या है ? समय का निर्माण कैसे होता है?

भौतिक वैज्ञानिक तथा लेखक पाल डेवीस के अनुसार “समय” आइंस्टाइन की अधूरी क्रांति है। समय की प्रकृति से जुड़े अनेक अनसुलझे प्रश्न है।

  • समय क्या है ?
  • समय का निर्माण कैसे होता है ?
  • गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से समय धीमा कैसे हो जाता है ?
  • गति मे समय धीमा क्यों हो जाता है ?
  • क्या समय एक आयाम है ?

अरस्तु ने अनुमान लगाया था कि समय गति का प्रभाव हो सकता है लेकिन उन्होने यह भी कहा था कि गति धीमी या तेज हो सकती है लेकिन समय नहीं! अरस्तु के पास आइंस्टाइन के सापेक्षतावाद के सिद्धांत को जानने का कोई माध्यम नही था जिसके अनुसार समय की गति मे परिवर्तन संभव है। इसी तरह जब आइंस्टाइन साधारण सापेक्षतावाद के सिद्धांत के विकास पर कार्य कर रहे थे और उन्होने क्रांतिकारी प्रस्ताव रखा था कि द्रव्यमान के प्रभाव से अंतराल मे वक्रता आती है। लेकिन उस समय आइंस्टाइन  नही जानते थे कि ब्रह्माण्ड का विस्तार हो रहा है। ब्रह्माण्ड के विस्तार करने की खोज एडवीन हब्बल ने आइंस्टाइन द्वारा “साधारण सापेक्षतावाद” के सिद्धांत के प्रकाशित करने के 13 वर्षो बाद की थी। यदि आइंस्टाइन को विस्तार करते ब्रह्माण्ड का ज्ञान होता तो वे इसे अपने साधारण सापेक्षतावाद के सिद्धांत मे शामील करते। अवधारणात्मक रूप से विस्तार करते हुये ब्रह्माण्ड मे गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव के फलस्वरूप धीमी गति से विस्तार करते हुये क्षेत्र के रूप मे अंतराल की वक्रता दर्शाना ज्यादा आसान है। हमारे ब्रह्माण्ड के सबसे नाटकीय पहलुंओ मे एक यह है कि उसका विस्तार हो रहा है और विस्तार करते अंतराल मे गति, बल तथा वक्र काल-अंतराल की उपस्थिति है।

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समय के बारे मे जानने योग्य कुछ महत्वपूर्ण तथ्य


क्या आप जानते है कि समय यह अंग्रेजी भाषा मे सबसे ज्यादा प्रयुक्त संज्ञा है? “समय के बारे मे जानने योग्य कुछ महत्वपूर्ण तथ्य“, यह शीर्षक कुछ “दार्शनिक” अंदाज लिये हुये है, लेकिन आप तो विज्ञान से संबधित चिठ्ठे पर है!समय शायद एक ऐसा विषय है जो हर क्षेत्र मे उपस्थित है, धर्म, दर्शन शास्त्र या विज्ञान। पिछले कुछ समय से मै भौतिकी से संबधित लेखो को पढ़ रहा हूं, उनपर लेख लिख रहा हूं, कुछ शब्द जो बार बार आते है, वे है “समय“, “अंतराल/अंतरिक्ष” और “ब्रह्माण्ड”। यह लेख समय पर कुछ टिप्पणियों का संग्रहण है।

1.समय का आस्तित्व है। यह एक बहुत साधारण सा लगने वाला लेकिन महत्वपूर्ण प्रश्न है। क्या समय का अस्तित्व है? हां समय का अस्तित्व है, आखिर हम लोग अपनी अलार्म घड़ीयोँ मे से समय निर्धारित करते ही है! समय ब्रह्माण्ड को “क्षणो की एक व्यवस्थित श्रृंखला” मे रखता है। ब्रह्माण्ड हर क्षण भिन्न अवस्था मे रहता है, ब्रह्माण्ड की किसी भी क्षण की अवस्था, किसी अन्य क्षण की अवस्था के समान नही होती है। यदि समय इन अवस्थाओं को एक व्यवस्थित श्रृंखला मे न रखे तो अनुमान लगाना कठिन है कि कैसी अव्यवस्था होगी। वास्तविक प्रश्न है कि क्या समय मूलभूत है अथवा उत्पत्ती है? एक समय हम मानते थे कि तापमान प्रकृति का बुनियादी गुणधर्म है, लेकिन अब हम जानते है कि वह परमाणु के आपसी टकराव से उत्पन्न होता है। लेकिन क्या समय की उत्पत्ती होती है, या वह ब्रह्माण्ड का बुनियादी गुणधर्म है ? इसका उत्तर कोई नही जानता है। लेकिन मै अपनी शर्त इसके बुनियादी गुणधर्म होने पर लगाउंगा लेकिन इसे सिद्ध करने हमे “क्वांटम गुरुत्व” को समझना जरूरी है। पढ़ना जारी रखें “समय के बारे मे जानने योग्य कुछ महत्वपूर्ण तथ्य”