खगोल भौतिकी 30 :खगोलभौतिकी की शीर्ष 5 अनसुलझी समस्यायें


लेखक : ऋषभ यह मूलभूत खगोलभौतिकी (Basics of Astrophysics)’ शृंखला का तींसवाँ और अंतिम लेख है। हमने खगोलभौतिकी के बुनियादी प्रश्नो से आरंभ किया था और प्रश्न किया था कि खगोलभौतिकी क्या है? हमने इस विषय को समझने मे सहायक कुछ सरल आधारभूत उपकरणो की चर्चा की थी जिसमे विद्युत चुंबकीय वर्णक्रम(EM Spectrum), दूरी, परिमाण…

चित्रकार की कल्पना के अनुसार एक केंद्र मे महाकाय ब्लैक होल वाला क्वासर

खगोल भौतिकी 24 : क्वासर और उनके प्रकार(QUASAR AND ITS TYPES)


लेखिका:  सिमरनप्रीत (Simranpreet Buttar) क्वासर की सर्वमान्य परिभाषा के अनुसार क्वासर अत्याधिक द्रव्यमान वाले अंत्यत दूरस्थ पिंड है जो असाधारण रूप मे अत्याधिक मात्रा मे ऊर्जा उत्सर्जन करते है। दूरबीन से देखने पर क्वासर किसी तारे की छवि के जैसे दिखाई देता है। लेकिन वह तारकीय गतिविधियो की बजाय शक्तिशाली रेडीयो तरंगो के स्रोत होते…

ब्रह्माण्ड, हमारी आकाशगंगा, विशालकाय, महाकाय… जब शब्द कम पड़ जाये…


हमारा ब्रह्माण्ड इतना विशाल है कि उसके वर्णन के लिये मेरे पास शब्द कम पड़ जाते है। इतना विशाल, महाकाय कि शब्द लघु से लघुतम होते जाते है। खगोल वैज्ञानिकों ने चीली के VISTA दूरबीन तथा हवाई द्विप की UKIRT दूरबीन के प्रयोग से संपूर्ण आकाश का अवरक्त किरणो मे एक असाधारण अविश्वसनीय रूप से…